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पहले पंचायतों के चुनाव होने चाहिए थे : बाजवा
Patiala
Updated Sat, 20 Apr 2013 05:30 AM IST
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मंडी गोबिन्दगढ़ (फतेहगढ़ साहिब)। पंजाब सरकार ने ब्लॉक समितियों और जिला परिषदों के चुनावों की घोषण करके एक रिवायत को तोड़ा है। पहले पंचायतों के चुनाव होने चाहिए थे। उसके बाद ब्लॉक समितियों व जिला परिषदों के चुनाव होने चाहिए थे। यह बात पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने शुक्रवार को फतेहगढ़ साहिब के कांग्रेस अध्यक्ष हरिंदर सिंह भांबरी के निवास स्थान पर कहीं। बाजवा खन्ना में राहुल गांधी द्वारा कांग्रेसियों की कार्यशाला में हिस्सा लेने के बाद मंडी गोबिन्दगढ़ आए थे। उनके साथ खन्ना के विधायक गुरकीरत सिंह कोटली, अमलोह के विधायक काका रणदीप सिंह, फतेहगढ़ साहिब के विधायक कुलजीत सिंह नागरा, पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव जोगिंदर सिंह मैणी और संदीप सिंह बल भी मौजूद थे।
उन्हाेंने कहा कि पंजाब सरकार ने पिछले पंचायत चुनावों में 2806 पंचायतों से वायदा किया था कि वे अपने पंचों और सरपंचों का चुनाव सर्वसम्मति से कर लें तो उन्हें 3 लाख रुपये प्रति पंचायत दिए जाएंगे। लेकिन वह वायदा उन्होंने पूरा नहीं किया। जिससे करीब 2806 पंचायतें अब बादल सरकार के खिलाफ हैं। इसलिए अकाली सरकार पंचायती चुनाव देरी करवाने का पक्षधर है। पंजाब में पकड़ी जा रही नशे की बड़ी खेपों के बारे में बाजवा ने टिप्पणी की कि बिना राजनीतिक संरक्षण के नशे के सौदागर इतना नशा पंजाब में नहीं ला सकते। वे बोले कि पंजाब में थानेदार सत्ताधारी पार्टी के एमएलए के अधीन काम करते हैं। उनकी जेबें भरने के लिए वे खुद अपना जमीर बेचते हैं और नशे के सौदागरों को पनपने दे रहे हैं।
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उन्हाेंने कहा कि पंजाब सरकार ने पिछले पंचायत चुनावों में 2806 पंचायतों से वायदा किया था कि वे अपने पंचों और सरपंचों का चुनाव सर्वसम्मति से कर लें तो उन्हें 3 लाख रुपये प्रति पंचायत दिए जाएंगे। लेकिन वह वायदा उन्होंने पूरा नहीं किया। जिससे करीब 2806 पंचायतें अब बादल सरकार के खिलाफ हैं। इसलिए अकाली सरकार पंचायती चुनाव देरी करवाने का पक्षधर है। पंजाब में पकड़ी जा रही नशे की बड़ी खेपों के बारे में बाजवा ने टिप्पणी की कि बिना राजनीतिक संरक्षण के नशे के सौदागर इतना नशा पंजाब में नहीं ला सकते। वे बोले कि पंजाब में थानेदार सत्ताधारी पार्टी के एमएलए के अधीन काम करते हैं। उनकी जेबें भरने के लिए वे खुद अपना जमीर बेचते हैं और नशे के सौदागरों को पनपने दे रहे हैं।
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