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बादशाहपुर गैंगरेप केस में सभी आरोपियों पर चार्ज फ्रेम

Sat, 06 Apr 2013 05:30 AM IST
Patiala
Patiala Updated Sat, 06 Apr 2013 05:30 AM IST
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पटियाला। बहुचर्चित बादशाहपुर गैंगरेप केस में शुक्रवार को अदालत ने केस के आरोपी एसआई नसीब सिंह की याचिका को खारिज करते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ चार्ज फ्रेम कर दिए। इसके बाद मामले में अगली सुनवाई की तारीख 15 अप्रैल तय की गई। खास बात यह रही कि 15 अप्रैल से अदालत की ओर से इस केस में रोजाना दोपहर दो से चार बजे तक 21 दिन लगातार सुनवाई की जाएगी। जिससे केस में फैसला जल्द आ सके।
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सरकारी वकील टीपीएस सेखों ने बताया कि केस के आरोपी एसआई नसीब सिंह ने कोर्ट में याचिका दायर करके खुद को निर्दोष बताते हुए केस से डिसचार्ज करने की मांग की थी। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद शुक्रवार को एडिशनल सेशन जज निरभौ सिंह गिल की कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया इसी के साथ केस के सभी आरोपियों पर चार्ज फ्रेम हो गए। जिसके तहत घग्गा थाने के दुराचार के केस में एसआई नसीब सिंह पर धारा 217, 218 आईपीसी फ्रेम हो गई है। इसका मतलब यह है कि नसीब सिंह को केस के आरोपियों को बचाने के लिए गलत जांच करने का आरोपी पाया गया है। वहीं केस के मुख्य आरोपियों बलविंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह, संदीप सिंह के खिलाफ 363, 366 आईपीसी (किडनेपिंग) और 376 आईपीसी(दुराचार) करने के चार्ज फ्रेम हुए हैं। शिंदरपाल कौर पर साजिश रचने के चार्ज तय हुए हैं। जबकि दुराचार की पीड़ित युवती की ओर से आत्महत्या करने के केस में कोर्ट ने एसआई नसीब सिंह समेत सभी आरोपियों बलविंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह, संदीप सिंह व शिंदर पाल कौर के खिलाफ धारा 306 आईपीसी यानी आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप तय किए हैं।
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बादशाहपुर गैंगरेप केस की हिस्ट्री
पटियाला। पातड़ां के एक गांव में दिवाली की रात को कुछ नौजवानों ने एक महिला की साजिश के चलते एक युवती का अपहरण किया। जिसके बाद एक आरोपी उसे अपने खेतों की मोटर पर ले गया, जहां उसके साथ सामूहिक दुराचार किया गया। पीडित की ओर से बादशाहपुुर चौकी के तत्कालीन इंचार्ज एसआई नसीब सिंह के पास लगातार शिकायत करने के बावजूद उसने आरोपियों खिलाफ केस दर्ज नहीं किया। केस के 14 दिनों बाद जब केस दर्ज हुआ, तो एसआई ने आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की। जिसके चलते मानसिक परेशानी के चलते युवती ने समाना में जहर खाकर आत्महत्या कर ली। उसने एक सुसाइट नोट छोड़ा, जिसमें उसने आत्महत्या करने का जिम्मेदार आरोपी बलविंदर सिंह, संदीप, गुरप्रीत, शिंदरपाल कौर और नसीब सिंह को बताया।
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