पंजाब: सरपंच की मौत मामले में पंचायत यूनियन पंजाब ने चार घंटे दिया धरना, एडीसी ने 7 अक्तूबर तक मांगा समय
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सरपंच बलकार सिंह की मौत के जिम्मेदार लोगों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए। कांग्रेस, भाजपा नेताओं ने भी धरने को समर्थन दिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब में मंडी गोबिंदगढ़ के मुख्य चौक पर बडगुजरां गांव के सरपंच बलकार सिंह की मौत के बाद पंचायत यूनियन पंजाब के आह्वान पर कई जिलों के पंच सरपंचों ने चार घंटे जमकर रोष प्रदर्शन किया। इसमें भारी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं। चौक के दोनों ओर प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर पंजाब सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सरपंच बलकार सिंह की मौत के जिम्मेदार लोगों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए। मृतक सरपंच बलकार सिंह के परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। इस धरने में ज्यादातर कांग्रेसी नेता व भाजपा नेताओं ने भी समर्थन दिया और कार्रवाई मांगी।
धरने में बडगुजरां गांव से मृतक सरपंच बलकार सिंह के परिवार की महिलाओं के आरोप थे कि बलकार सिंह ने सुसाइड नहीं किया बल्कि हत्या की गई है। पुलिस मामले को दबाने के लिए ढीली कार्रवाई कर रही है।
प्रदर्शनकारियों को शांत करने के लिए फतेहगढ़ साहिब हेड क्वार्टर के डीएसपी गुरबंस सिंह बैंस, अमलोह के डीएसपी जंगजीत सिंह, एसएचओ मंडी गोबिंदगढ़ आकाश दत्त ने बताया कि मृतक ने अपनी मौत से पहले एक सुसाइड नोट और एक फोन रिकॉर्डिंग छोड़ी थी। इसके आधार पर खन्ना पुलिस ने 9-10 लोगों के खिलाफ सख्त धाराओं के तहत केस दर्ज किया है, जिसकी जांच खन्ना पुलिस कर रही है।
इस प्रदर्शन में पीड़ित परिवार का कोई भी सदस्य उनके पास नहीं आया। धरने को शांत करने के लिए फतेहगढ़ साहिब के एडीसी विकास दिनेश वशिष्ठ ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि 7 अक्तूबर तक उनकी मांग पूरी की जाएंगी। प्रशासन को एक हफ्ते का समय दिया जाए और इस मामले में संलिप्त आरोपियों को पर पुलिस अपना काम कर रही है।
पंचायत यूनियन ने मुख्यमंत्री के पास रखीं मांगे
पंचायत यूनियन पंजाब ने एडीसी को सौंपे पत्र में कहा कि इस मामले में अमलोह के पंचायत अधिकारी प्रदीप कुमार को तत्काल बर्खास्त किया जाए, सरपंच बलकार सिंह के परिवार को 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। इसके अलावा अमलोह ब्लाक के जिन तीन सरपंचों को बर्खास्त किया गया है उन्हें बहाल किया जाए। पंजाब भर के सरपंचों के रिकॉर्ड की जांच के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा नियुक्त निजी ऑडिट टीमों को भी तुरंत हटाकर जांच पंचायत विभाग अधिकारियों से कराई जाए। अगर हमारी मांगों पर अमल नहीं किया गया तो पंजाब स्तर पर यह संघर्ष और तेज किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी स्थानीय विधायक, प्रशासन और पंजाब सरकार की होगी।