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पंजाब: तेज आंधी से गिरी पोल्ट्री फार्म की छत, एक बच्चे की जान गई, तीन माह का मासूम गंभीर
Sat, 12 Jun 2021 07:44 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरदासपुर/बटाला (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरदासपुर/बटाला (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 12 Jun 2021 07:44 PM IST
सार
मृतक बच्चे का परिवार धान की रोपाई के लिए शुक्रवार को ही गांव रहीमाबाद पहुंचा था। छत गिरने से चार लोग घायल हो गए।
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आंधी से गिरी पोल्ट्री फार्म की छत्त।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
पंजाब में शुक्रवार रात को आंधी तूफान से काफी नुकसान हुआ। गुरदासपुर में कलानौर के गांव रहीमाबाद में धान की रोपाई करने के लिए शुक्रवार को ही गांव पहुंचे परिवार पर तेज आंधी कहर बनकर टूट पड़ी। तेज आंधी के कारण जिस पोल्ट्री फार्म में परिवार रुका था उसकी छत गिर गई। हादसे में एक बच्चे की मौत हो गई। परिवार के चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत कलानौर के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जिसमें एक तीन माह के बच्चे की हालत काफी नाजुक बताई जा रही है।
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घायल जोबन पुत्र कर्मा वासी भिंडी सैदां अजनाला ने बताया कि शुक्रवार को वह अपने दो भाइयों, पत्नी, बच्चे और माता पिता के साथ गांव रहीमाबाद में धान की रोपाई करने के लिए आए थे। इस दौरान वह गांव के एक पोल्ट्री फार्म में रुक गए। देर रात आई तेज आंधी से पोल्ट्री फार्म की छत उन पर गिर गई। उस समय पूरा परिवार सोया हुआ था। इसमें पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले उसके छोटे भाई पवन (14) की मौके पर ही मौत हो गई।
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वह और उसका तीन माह का बेटा परमीत और पत्नी ज्योति सहित चार सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें आसपास के लोगों ने कलानौर के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया। उसके बेटे परमीत की हालत नाजुक होने के चलते अमृतसर रेफर कर दिया गया है। उसने बताया कि वह अपने परिवार का पेट पालने के लिए रहीमाबाद गांव में धान की रोपाई करने के लिए आया था। लेकिन उसे क्या पता था यह आंधी उन पर कहर बनकर टूटेगी।
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गांव के सरपंच मंजीत सिंह ने बताया कि घटना रात करीब साढ़े 11 बजे की है। घटना हरजीत सिंह के पोल्ट्री फार्म पर घटी। सूचना मिलने के बाद तत्काल घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। वह भी प्रशासन तथा सरकार से मांग करते हैं कि घायलों की आर्थिक सहायता की जाए।
बटाला में आंधी से उड़ीं टीन की छत
बटाला में शुक्रवार देर रात आए आंधी-तूफान से आम जनजीवन पूरी तरह अस्तव्यस्त हो गया। तूफान से लोगों के घरों से लोहे की टीन की छत पतंगों की तरह उड़तीं दिखाई दीं। सबसे अधिक नुकसान विभिन्न जगहों पर बिजली के तार पर पेड़ गिरने से हुआ है, जिस कारण कई इलाकों की बिजली सप्लाई बाधित रही। बिजली विभाग के कर्मचारी शनिवार सुबह होते ही बिजली की सप्लाई ठीक करने में जुट गए।
बटाला में पड़ते बिजली दफ्तरों के अधीन आते फीडरों को भारी नुकसान पहुंचा है। कई जगहों पर सड़कों पर पेड़ गिरने से यातायात भी काफी प्रभावित हुआ। दूसरी तरफ बटाला के गांव मसाणियां में आईडिया कंपनी का 200 फुट ऊंचा टावर तूफान के कारण गिर गया। टावर का अगला हिस्सा गांव में स्थित एक चर्च के ऊपर गिरा, जिस कारण चर्च का भी नुकसान हुआ है। लोगों ने बताया कि चर्च के पास्टर हर शुक्रवार रात को चर्च में ही सोते थे, लेकिन उनकी किस्मत अच्छी थी कि वह गत रात को चर्च में सोए ही नहीं। टावर रिहाइशी एरिया की ओर नहीं गिरा, जिससे बचाव हो गया।