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पंजाब: दोबारा शुरू हुई कोटकपूरा गोलीकांड की जांच, नई एसआईटी ने किया घटनास्थल का दौरा
Thu, 13 May 2021 01:40 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 13 May 2021 01:40 PM IST
सार
कोटकपूरा में घटनास्थल वाले मुख्य चौक पर पहुंचकर टीम ने संबंधित अधिकारियों से जानकारी जुटाई। जायजा लेने वालों में एसआईटी के मुखिया व एडीजीपी विजिलेंस एलके यादव के अलावा टीम के सदस्य पुलिस कमिश्नर लुधियाना राकेश अग्रवाल व डीआईजी फरीदकोट रेंस सुरजीत सिंह भी शामिल रहे।
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कोटकपूरा में घटनास्थल पर जायजा लेने पहुंचे एसआईटी के अधिकारी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
पंजाब के कोटकपूरा गोली कांड मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की आदेश पर पंजाब सरकार ने नई एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) का गठन किया था। टीम ने गुरुवार को आधिकारिक रूप से अपना काम शुरू कर दिया। गुरुवार को कोटकपूरा में घटनास्थल वाले मुख्य चौक पर पहुंचकर टीम ने संबंधित अधिकारियों से जानकारी जुटाई। जायजा लेने वालों में एसआईटी के मुखिया व एडीजीपी विजिलेंस एलके यादव के अलावा टीम के सदस्य पुलिस कमिश्नर लुधियाना राकेश अग्रवाल व डीआईजी फरीदकोट रेंस सुरजीत सिंह भी शामिल रहे।
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कोटकपूरा गोलीकांड की जांच के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार पंजाब सरकार ने तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन था। अदालत के आदेश के अनुसार टीम को गोलीकांड की जांच को प्राथमिक आधार पर छह माह में पूरा करने के आदेश दिए गए हैं।
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गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार एसआईटी पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश का पालन करेगी, जिसमें कहा गया है कि इस जांच में कोई भी अंदरूनी या बाहरी तौर पर दखल नहीं दिया जाना चाहिए। इस आदेश में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि एसआईटी साझा तौर पर काम करेगी और इसके सभी सदस्य जांच की सारी कार्रवाई और अंतिम रिपोर्ट पर अपने हस्ताक्षर करेंगे।
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आदेश में कहा गया है कि एसआईटी के सदस्यों को भी गवाह जांच अधिकारी के तौर पर सूची में शामिल किया जाएगा। कानून के मुताबिक, एसआईटी जांच संबंधी राज्य की किसी भी कार्यकारी या पुलिस अथॉरिटी को रिपोर्ट नहीं करेगी और सिर्फ संबंधित मजिस्ट्रेट को ही रिपोर्ट करेगी।
एसआईटी के सदस्यों को जांच का कोई हिस्सा लीक न करने और जांच के अलग-अलग पहलुओं संबंधी मीडिया से बातचीत न करने संबंधी हिदायत दी गई है। एसआईटी के सदस्य चल रही जांच के बारे में किसी शक या राय का सीधा या अप्रत्यक्ष तौर पर जवाब नहीं देंगे। प्रवक्ता ने कहा कि एसआईटी को जांच के मकसद से अन्य व्यक्तियों और विशेषज्ञों की सहायता लेने का अधिकार दिया गया है।