रणजीत राणा हत्याकांड: लॉरेंस बिश्नोई से होगी पूछताछ, सात दिन का रिमांड मिला, होशियारपुर से लाई मुक्तसर पुलिस
गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की पेशी के दौरान कचहरी परिसर और उसके आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी और चप्पे चप्पे पर आधुनिक हथियारों से लैस पुलिस कर्मचारी तैनात थे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
तीन दिन का रिमांड खत्म होने के बाद होशियारपुर पुलिस ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को जेएमआईसी गुरशेर सिंह की अदालत में पेश किया। जहां से रणजीत सिंह राणा हत्याकांड मामले में मुक्तसर पुलिस ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को ट्रांजिट रिमांड पर लिया है। बता दें कि गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को होशियारपुर पुलिस 2019 में एक शराब कारोबारी के घर के बाहर गोली चलाने के मामले में ट्रांजिट रिमांड पर लाई थी। बाद में अदालत ने सात दिन और फिर तीन दिन का पुलिस रिमांड में भेजा था। गुरुवार को रिमांड खत्म होने पर पुलिस ने अदालत में पेश किया।
होशियारपुर में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के वकील पंकज बेदी ने बताया कि 18 जुलाई को होशियारपुर पुलिस ने उसकी आवाज का नमूना लेने के लिए बिश्नोई का तीन दिन का रिमांड लिया था। उन्होंने कहा कि पुलिस ने आवाज का नमूना लेकर फॉरेंसिक लैब भेज दिया है और रिपोर्ट आने के बाद इसे सबूत के तौर पर मामले में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुक्तसर पुलिस को शाम छह बजे तक बिश्नोई का ट्रांजिट रिमांड मिल गया है।
कड़ी सुरक्षा में मुक्तसर लाया गया लॉरेंस
कड़ी सुरक्षा के बीच मलोट पुलिस उसे सुबह होशियारपुर से लेकर चली और करीब ढाई बजे मलोट पहुंचने के बाद उसे यहां पर जुडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास दिलशाद कौर की अदालत में पेश किया। पुलिस ने अदालत से 14 दिन का रिमांड मांगा। मगर अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद लॉरेंस बिश्नोई को सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
डीएसपी बलकार सिंह ने बताया कि अदालत से लॉरेंस बिश्नोई का सात दिन का रिमांड मिला है। वह 28 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर रहेगा। इसके बाद उसे फिर अदालत में पेश किया जाएगा। रिमांड के दौरान उससे रणजीत सिंह राणा की हत्या मामले में पूछताछ की जाएगी। उधर, लॉरेंस बिश्नोई के वकील सतनाम सिंह धीमान ने बताया कि पुलिस ने यह कहकर अदालत से 14 दिन के रिमांड की मांग की थी कि उन्होंने रणजीत सिंह राणा की हत्या में इस्तेमाल हथियारों के बारे में पूछताछ करनी है।
मगर अदालत ने पुलिस को सात दिन का रिमांड दिया है। बता दें कि मूलरूप में बाजाखाना (फरीदकोट) निवासी रणजीत राणा की 22 अक्तूबर 2020 की शाम को करीब साढ़े तीन बजे गांव औलख में हत्या कर दी गई थी। वह अपनी पत्नी राजवीर कौर के साथ दवा लेने गुरु नानक अस्पताल पहुंचा था। अस्पताल के सामने पहले से ही खड़ी गाड़ी से तीन युवक उतरे और उन्होंने राणा पर अंधाधुंध फायरिंग कर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी फरार हो गए थे। थाना सदर पुलिस ने इस मामले में मृतक राणा की पत्नी राजवीर कौर के बयान पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था।
गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया छह दिन के पुलिस रिमांड पर
गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया को गुरुवार को गुरदासपुर कोर्ट में पेश किया गया। गौरतलब है कि 28 जनवरी को भारत-पाकिस्तान सीमा पर पाकिस्तानी तस्करों के साथ मुठभेड़ में बीएसएफ का एक जवान घायल हो गया था। इस दौरान 47 किलो हेरोइन, दो पिस्टल और कुछ विस्फोटक बरामद किए गए थे। इस मामले में हथियारों की बरामदगी को लेकर जग्गू भगवानपुरिया से पूछताछ की जानी है। डीएसपी गुरविंदर सिंह ने बताया कि उसे कोर्ट में पेश कर छह दिन के रिमांड पर लिया गया है और पुलिस उसे बाबा बकाला से लेकर आई है। अब इस मामले में पूछताछ होगी।