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जीरकपुर : पौने 4 लाख आबादी... सुरक्षा रामभरोसे, पुलिस के पास नहीं है एक भी पीसीआर
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जीरकपुर। पौने 4 लाख आबादी की सुरक्षा के लिए पुलिस के पास एक भी पीसीआर गाड़ी नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जीरकपुर में हर सुविधा मिलती है, लेकिन सुरक्षा की बात करें तो वह राम भरोसे है। वहीं, पीसीआर न होने की वजह से पुलिस घटनास्थल पर देरी से पहुंचती है।
जीरकपुर में लगभग 3 लाख 75 हजार आबादी है, जहां पुलिस मोटरसाइकिलों पर पेट्रोलिंग कर रही है। इसीलिए वारदात वाली जगह पर पहुंचने में भी देरी लगती है। वहीं, शहर में जहां आए दिन चोरी, स्नैचिंग, डकैती की वारदातें बढ़ती जा रही हैं। ऐसे में, पेट्रोलिंग के लिए इतने बड़े शहर में एक भी पीसीआर गाड़ी का न होना चिंताजनक है। पुलिस डिपार्टमेंट के मुलाजिमों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि वह विभाग से पेट्रोलिंग के लिए पीसीआर की कई बार मांग कर चुके हैं, लेकिन उनकी इस मांग पर कभी गौर नहीं किया गया। ऐसे में, बरसात के समय में किसी वारदात पर पहुंचने के लिए पुलिस भी गुरेज करती है। बरसात के दिनों में यहां ड्यूटी ऑफिसर को अपने निजी वाहनों का इस्तेमाल करना पड़ता है। यही वजह है कि वारदात के कई घंटों बाद भी पुलिस मौके पर देरी से पहुंचती है।
मोहाली में हैं 17 पीसीआर गाड़ियां
कंट्रोल रूम पर वारदात की कॉल आने के बाद संबंधित थाने या चौकी को कॉल की जाती है। इसके बाद थाने से ड्यूटी ऑफिसर को मौके पर भेजा जाता है। अगर मोहाली की तरह यहां भी पीसीआर का बंदोबस्त हो तो वारदात वाली जगह पर पीसीआर जल्दी पहुंच सकती है। आमतौर पर अगर पुलिस से वारदात पर देरी से आने की बात की जाए तो उनका यही कहना होता है कि उनके पास फोर्स की कमी है। मोहाली में 17 पीसीआर गाड़ियां हैं, जो मोहाली की सुरक्षा में तैनात हैं। हालांकि जीरकपुर थाने को अपग्रेड कर नई रूपरेखा तो दे दी गई है, लेकिन पीसीआर बढ़ाने का अभी भी कोई इंतजाम नहीं किया गया है। अगर पीसीआर तैनात की जाए तो वर्क लोड भी कम हो जाएगा और पुलिसकर्मी लोगों को बेहतर सुरक्षा दे पाएंगे।
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इन जगह पर खास जरूरत
अगर जीरकपुर के कुछ खास जगहों की बात करें तो यहां पीसीआर बेहद जरूरी है। जैसे कि जीरकपुर का वीआईपी रोड, पटियाला लाइट प्वाइंट, पंचकूला लाइट प्वाइंट, सिंघपुरा चौक, मैक डी चौक, छत लाइट प्वाइंट यह ऐसे प्वाइंट हैं जहां से पूरे जीरकपुर को कवर किया जा सकता है। एक तरह से जीरकपुर में दाखिल होने और बाहर निकलने वाले प्वाइंट हैं। अगर यहां पीसीआर मौजूद हो तो अपराध को रोकने में मदद मिल सकती है। चोरी और स्नैचिंग जैसी घटनाओं से लोगों को राहत मिल सकती है।
मामला मेरे ध्यान में आ गया है। इसकी पूरी जानकारी लेकर इस जरूरत को जल्द पूरा किया जाएगा। -रवजोत कौर ग्रेवाल, एसपी (देहात), जिला मोहाली पुलिस
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जीरकपुर में लगभग 3 लाख 75 हजार आबादी है, जहां पुलिस मोटरसाइकिलों पर पेट्रोलिंग कर रही है। इसीलिए वारदात वाली जगह पर पहुंचने में भी देरी लगती है। वहीं, शहर में जहां आए दिन चोरी, स्नैचिंग, डकैती की वारदातें बढ़ती जा रही हैं। ऐसे में, पेट्रोलिंग के लिए इतने बड़े शहर में एक भी पीसीआर गाड़ी का न होना चिंताजनक है। पुलिस डिपार्टमेंट के मुलाजिमों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि वह विभाग से पेट्रोलिंग के लिए पीसीआर की कई बार मांग कर चुके हैं, लेकिन उनकी इस मांग पर कभी गौर नहीं किया गया। ऐसे में, बरसात के समय में किसी वारदात पर पहुंचने के लिए पुलिस भी गुरेज करती है। बरसात के दिनों में यहां ड्यूटी ऑफिसर को अपने निजी वाहनों का इस्तेमाल करना पड़ता है। यही वजह है कि वारदात के कई घंटों बाद भी पुलिस मौके पर देरी से पहुंचती है।
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मोहाली में हैं 17 पीसीआर गाड़ियां
कंट्रोल रूम पर वारदात की कॉल आने के बाद संबंधित थाने या चौकी को कॉल की जाती है। इसके बाद थाने से ड्यूटी ऑफिसर को मौके पर भेजा जाता है। अगर मोहाली की तरह यहां भी पीसीआर का बंदोबस्त हो तो वारदात वाली जगह पर पीसीआर जल्दी पहुंच सकती है। आमतौर पर अगर पुलिस से वारदात पर देरी से आने की बात की जाए तो उनका यही कहना होता है कि उनके पास फोर्स की कमी है। मोहाली में 17 पीसीआर गाड़ियां हैं, जो मोहाली की सुरक्षा में तैनात हैं। हालांकि जीरकपुर थाने को अपग्रेड कर नई रूपरेखा तो दे दी गई है, लेकिन पीसीआर बढ़ाने का अभी भी कोई इंतजाम नहीं किया गया है। अगर पीसीआर तैनात की जाए तो वर्क लोड भी कम हो जाएगा और पुलिसकर्मी लोगों को बेहतर सुरक्षा दे पाएंगे।
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इन जगह पर खास जरूरत
अगर जीरकपुर के कुछ खास जगहों की बात करें तो यहां पीसीआर बेहद जरूरी है। जैसे कि जीरकपुर का वीआईपी रोड, पटियाला लाइट प्वाइंट, पंचकूला लाइट प्वाइंट, सिंघपुरा चौक, मैक डी चौक, छत लाइट प्वाइंट यह ऐसे प्वाइंट हैं जहां से पूरे जीरकपुर को कवर किया जा सकता है। एक तरह से जीरकपुर में दाखिल होने और बाहर निकलने वाले प्वाइंट हैं। अगर यहां पीसीआर मौजूद हो तो अपराध को रोकने में मदद मिल सकती है। चोरी और स्नैचिंग जैसी घटनाओं से लोगों को राहत मिल सकती है।
मामला मेरे ध्यान में आ गया है। इसकी पूरी जानकारी लेकर इस जरूरत को जल्द पूरा किया जाएगा। -रवजोत कौर ग्रेवाल, एसपी (देहात), जिला मोहाली पुलिस