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फर्जी दस्तावेजों से सरकारी नौकरियां हासिल करने में युवतियां भी आगे
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मोहाली। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) के फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी नौकरियां हासिल करने में युवक ही नहीं युवतियां भी आगे हैं। फर्जी दस्तावेजों से पंजाब के सरकारी विभागों के अलावा रेलवे, पुलिस, सेना में अच्छे पदों पर नौकरियां हासिल की गई हैं। बोर्ड में जांच के लिए आने वाले प्रमाण पत्रों से इनकी पोल खुली है। इसके बाद बोर्ड की तरफ से जहां उक्त लोगों को अपने रिकॉर्ड में ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। साथ ही उनका रिकॉर्ड अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। जिससे यह लोग दोबारा किसी के साथ धोखा न कर पाएं। संबंधित विभागों को उच्च कार्रवाई के लिंए लिखा गया है।
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड से पढ़ाई कर अगर किसी भी व्यक्ति की सरकारी नौकरी लगती है, तो उक्त संस्थान से शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र जांच के लिए पीएसईबी में भेजे जाते हैं। इसके बाद पीएसईबी की ओर से पड़ताल कर इसकी रिपोर्ट संबंधित विभाग को भेजी जाती है। हालांकि कुछ समय से चल रहे कोरोना काल में भले ही अब प्रमाणपत्र कम आ रहे हैं। लेकिन पहले हर महीने दो हजार से अधिक प्रमाणपत्र पड़ताल के लिए पहुंचते थे। अब तक फर्जी पकड़े गए प्रमाणपत्रों की जांच में सामने आया कि उक्त लोगों द्वारा तैयार किए गए प्रमाणपत्र हूबहू असली प्रमाणपत्र की तरह दिखते थे। लेकिन जिस जिले से यह दिखाए जाते हैं, जैसे ही उस शाखा में वह पहुंचते हैं, तो उनकी पूरी पोल खुल जाती है। कई प्रमाणपत्र के रोल नंबर सही पाए गए हैं, जबकि गजट में परिजनों के नाम कुछ और हैं। कईयों का पूरा रिकॉर्ड गलत निकला है। जिसके बाद बोर्ड ने उक्त लोगों को अपने रिकॉर्ड में ब्लैक लिस्ट किया है।
इन संस्थानों में आए प्रमाणपत्र फर्जी निकले
संस्थान साल
पंजाब रोडवेज चंडीगढ़ दसवीं (मार्च -1999)
तीसरी कमाडेंट पंजाब पुलिस दसवीं (मार्च 2007)
सीनियर पुलिस कप्तान होशियारपुर दसवीं (मार्च 2004)
डिवीजनल मैनेजर सीटीयू दसवीं मार्च (2006)
बाल विकास अफसर पटियाला दसवीं मार्च (2000)
कंटोनमेंट जालंधर आठवीं मार्च (2004)
चीफ स्टाफ एवं वेलफेयर
अधिकारी फिरोजपुर मार्च दसवीं मार्च (2009)
पुलिस परीषा में अपनी जगह ओर बैठाया
मोहाली जिले के पुलिस थाना मटौर में इसी महीने एक केस दर्ज हुआ। इसमें पुलिस ने एक युवती समेत चार युवकों को काबू किया है। जिन्होंने पंजाब पुलिस की कांस्टेबल रैंक की परीक्षा में अपनी जगह किसी और को बैठा दिया था। इसकी पोल उस समय खुली थी, जब पंजाब पुलिस का भर्ती सैल उनके फिंगर प्रिंट और अन्य चीजों की लैब में पड़ताल कर रही थी। इस संबंधी पुलिस को शिकायत पंजाब पुलिस की तरफ से दी गई थी। मटौर थाने के एसएचओ नवीन पाल सिंह लहल ने बताया कि उक्त मामले की जांच चल रही है। आने वाले समय में इस संबंधी पुलिस चालान पेश करेगी। सारी तथ्य जुटाए जा रहे हैं।
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पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड से पढ़ाई कर अगर किसी भी व्यक्ति की सरकारी नौकरी लगती है, तो उक्त संस्थान से शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र जांच के लिए पीएसईबी में भेजे जाते हैं। इसके बाद पीएसईबी की ओर से पड़ताल कर इसकी रिपोर्ट संबंधित विभाग को भेजी जाती है। हालांकि कुछ समय से चल रहे कोरोना काल में भले ही अब प्रमाणपत्र कम आ रहे हैं। लेकिन पहले हर महीने दो हजार से अधिक प्रमाणपत्र पड़ताल के लिए पहुंचते थे। अब तक फर्जी पकड़े गए प्रमाणपत्रों की जांच में सामने आया कि उक्त लोगों द्वारा तैयार किए गए प्रमाणपत्र हूबहू असली प्रमाणपत्र की तरह दिखते थे। लेकिन जिस जिले से यह दिखाए जाते हैं, जैसे ही उस शाखा में वह पहुंचते हैं, तो उनकी पूरी पोल खुल जाती है। कई प्रमाणपत्र के रोल नंबर सही पाए गए हैं, जबकि गजट में परिजनों के नाम कुछ और हैं। कईयों का पूरा रिकॉर्ड गलत निकला है। जिसके बाद बोर्ड ने उक्त लोगों को अपने रिकॉर्ड में ब्लैक लिस्ट किया है।
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इन संस्थानों में आए प्रमाणपत्र फर्जी निकले
संस्थान साल
पंजाब रोडवेज चंडीगढ़ दसवीं (मार्च -1999)
तीसरी कमाडेंट पंजाब पुलिस दसवीं (मार्च 2007)
सीनियर पुलिस कप्तान होशियारपुर दसवीं (मार्च 2004)
डिवीजनल मैनेजर सीटीयू दसवीं मार्च (2006)
बाल विकास अफसर पटियाला दसवीं मार्च (2000)
कंटोनमेंट जालंधर आठवीं मार्च (2004)
चीफ स्टाफ एवं वेलफेयर
अधिकारी फिरोजपुर मार्च दसवीं मार्च (2009)
पुलिस परीषा में अपनी जगह ओर बैठाया
मोहाली जिले के पुलिस थाना मटौर में इसी महीने एक केस दर्ज हुआ। इसमें पुलिस ने एक युवती समेत चार युवकों को काबू किया है। जिन्होंने पंजाब पुलिस की कांस्टेबल रैंक की परीक्षा में अपनी जगह किसी और को बैठा दिया था। इसकी पोल उस समय खुली थी, जब पंजाब पुलिस का भर्ती सैल उनके फिंगर प्रिंट और अन्य चीजों की लैब में पड़ताल कर रही थी। इस संबंधी पुलिस को शिकायत पंजाब पुलिस की तरफ से दी गई थी। मटौर थाने के एसएचओ नवीन पाल सिंह लहल ने बताया कि उक्त मामले की जांच चल रही है। आने वाले समय में इस संबंधी पुलिस चालान पेश करेगी। सारी तथ्य जुटाए जा रहे हैं।
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