{"_id":"65d3d1610514f3ae5e06e3b4","slug":"warning-of-boycotting-lok-sabha-elections-if-legitimate-demands-are-not-met-mohali-news-c-71-1-spkl1001-111755-2024-02-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mohali News: जायज मांगें नहीं मानी तो लोकसभा चुनाव में बहिष्कार करने की चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mohali News: जायज मांगें नहीं मानी तो लोकसभा चुनाव में बहिष्कार करने की चेतावनी
विज्ञापन
मोहाली। काउंसिल ऑफ रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन एंड सोसाइटीज (मोगा) मोहाली की बैठक राजविंदर सिंह सराओ की अध्यक्षता में वेव एस्टेटए सेक्टर-85 में हुई। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि यदि पुडा-गमाडा ने काउंसिल की मांगों को नजरअंदाज किया तो 2024 के लोकसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। काउंसिल अध्यक्ष राजविंदर सिंह और संरक्षक पाल सिंह रत्तू ने कहा कि 22 संगठनों से बनी परिषद के क्षेत्र में 50 हजार से अधिक मतदाता हैं, जो किसी भी प्रत्याशी की जीत-हार तय करने में सक्षम हैं। काउंसिल के प्रेस सचिव जसवीर सिंह गड़ांग ने काउंसिल की अहम मांग के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि गमाडा द्वारा इन सेक्टरों से ईडीसी के रूप में एकत्रित की गई राशि को इन सेक्टरों पर खर्च किया जाना चाहिए। इस संबंध में गमाडा के अधिकारियों के साथ दो बार बैठक हो चुकी है। इसके साथ ही इन क्षेत्रों की संपत्तियों के हस्तांतरण और कॉमन एरिया के लिए बिल्डरों द्वारा लिए जाने वाले मनमाने जुर्माने को लेकर भी नीति बनाने की जरूरत है। प्राइवेट बिल्डरों को बढ़ावा देने के लिए दी गई पापरा एक्ट में छूट को रद्द करने की मांग भी बेहद अहम है।
उन्होंने कहा कि काउंसिल की जायज मांगों को पूरा करने में हो रही देरी से गमाडा में पिछले 10-15 सालों से उन्हीं सीटों पर काबिज कुछ भ्रष्ट अधिकारियों की बिल्डरों और काउंसिल की मांगों के साथ मिलीभगत का पता चलता है। तो क्या इन भ्रष्ट अधिकारियों को इन महत्वपूर्ण सीटों से हटाने पर परेशानी हो सकती है और इन अधिकारियों की संपत्तियों की जांच करना भी बहुत जरूरी है।
पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से आग्रह किया गया कि काउंसिल की मांग पर गंभीरता से विचार किया जाए, ताकि लोगों को प्राइवेट बिल्डरों और गमाडा के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से हो रही लूट से बचाया जा सके।
विज्ञापन
इस अवसर पर अमरजीत सिंह भमरा, भूपिंदर सिंह सैनी, कंवर सिंह गिल, दलजीत सिंह सैनी, एडवोकेट गौरव गोयल, सोमिक्षा सूद, अनिल पराशर, बीआर कृष्णा, मनोज कुमार, वसण सिंह गोराया, जसजीत सिंह मिन्हास, साधु सिंह, संत सिंह, हरबंस सिंह, सुरिंदर सिंह, मुनीष गुप्ता और सुरिंदर पाल सिंह मौजूद थे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि काउंसिल की जायज मांगों को पूरा करने में हो रही देरी से गमाडा में पिछले 10-15 सालों से उन्हीं सीटों पर काबिज कुछ भ्रष्ट अधिकारियों की बिल्डरों और काउंसिल की मांगों के साथ मिलीभगत का पता चलता है। तो क्या इन भ्रष्ट अधिकारियों को इन महत्वपूर्ण सीटों से हटाने पर परेशानी हो सकती है और इन अधिकारियों की संपत्तियों की जांच करना भी बहुत जरूरी है।
विज्ञापन
पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से आग्रह किया गया कि काउंसिल की मांग पर गंभीरता से विचार किया जाए, ताकि लोगों को प्राइवेट बिल्डरों और गमाडा के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से हो रही लूट से बचाया जा सके।
विज्ञापन
इस अवसर पर अमरजीत सिंह भमरा, भूपिंदर सिंह सैनी, कंवर सिंह गिल, दलजीत सिंह सैनी, एडवोकेट गौरव गोयल, सोमिक्षा सूद, अनिल पराशर, बीआर कृष्णा, मनोज कुमार, वसण सिंह गोराया, जसजीत सिंह मिन्हास, साधु सिंह, संत सिंह, हरबंस सिंह, सुरिंदर सिंह, मुनीष गुप्ता और सुरिंदर पाल सिंह मौजूद थे।