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ब्लॉक माजरी में अवैध खनन के खिलाफ पूरी रात डटे रहे गांव वाले
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मोहाली। ब्लॉक माजरी के अधीन आते गांवों में अवैध माइनिंग का मामला गर्माया हुआ है। कोरोना के कारण लगे कर्फ्यू के बीच भी रात में धड़ल्ले से अवैध माइनिंग का काला कारोबार चल रहा है।
वहीं, अब गांव वालों ने इस मामले में आरपार की जंग लड़ने की तैयारी कर ली है। जिसमें अब गांव वालों ने खुद ही रात को धरने लगाने शुरू कर दिए हैं। सोमवार रात को 10 बजे से सुबह 5 बजे तक गांव वाले इकट्ठे होकर धरना देते रहे। इस दल की अगुवाई करने वाले अभिपुर गांव के राम सिंह ने कहा कि वह काफी साल से अवैध माइनिंग के खिलाफ अपनी जंग लड़ रहे हैं। उनके कई गांव वालों ने इस संबंधी अदालतों में केस तक दायर किए हुए हैं। लेकिन इस पर भी माइनिंग माफिया के अंदर कोई डर नहीं है। वह धडल्ले से अपना कारोबार करते हैं। उन्होंने बताया कि गांव अभिपुर, मियांपुर चंगर और कुब्बाहेड़ी में करीब 10 स्टोन क्रेशर लगे हुए हैं। जिन्होंने अपने क्रेशरों में बड़ी मशीनें स्थापित की हुई है। वह पूरी रात माइनिंग का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र की शामलात जमीन, खेेतों और पहाड़ियों में माइनिंग का काम किया जा रहा है। माइनिंग माफिया की ओर से उन्हें धमकियां तक मिल रही हैं। लेकिन अब इलाके के लोगों ने इस मामले में आरपार की जंग लड़ने का फैसला लिया है। वहीं, अब सभी गांवों के लोग एकजुट हो गए हैं। लोगों ने अब इलाके में अवैध माइनिंग को रोकने के लिए काम शुरू किया।
बता दें कि इससे पहले इस मामले को डीसी दफ्तर लेकर पहुंचे थे। उन्होंने इलाके के ताजा हालात संबंधी इलाके के डीसी को भी बताया था। इस मौके पर सौदागर सिंह, प्रीतम सिंह, सुखदेव सिंह, भाग सिंह, जरनैल सिंह और पूर्ण सिंह मौजूद थे।
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टिप्परों की आवाजाही से टूटीें सड़कें, पर्यावरण पर भी बुरा असर
इस मौके पर जहां अवैध माइनिंग हो रही है वहां आसपास के गांव के लोगों ने बताया कि अवैध माइनिंग से गांव की सड़कों से गुजरते टिप्परों से सड़कें टूट गई हैं और कई फुट गहरे गड्ढे पड़ गए हैं। इसके साथ ही जहां से मिट्टी उठाई जा रही है वहां पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि टूटी सड़कों के कारण बहुत से हादसे हो चुके हैं और लोग चोटिल हुए हैं।
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वहीं, अब गांव वालों ने इस मामले में आरपार की जंग लड़ने की तैयारी कर ली है। जिसमें अब गांव वालों ने खुद ही रात को धरने लगाने शुरू कर दिए हैं। सोमवार रात को 10 बजे से सुबह 5 बजे तक गांव वाले इकट्ठे होकर धरना देते रहे। इस दल की अगुवाई करने वाले अभिपुर गांव के राम सिंह ने कहा कि वह काफी साल से अवैध माइनिंग के खिलाफ अपनी जंग लड़ रहे हैं। उनके कई गांव वालों ने इस संबंधी अदालतों में केस तक दायर किए हुए हैं। लेकिन इस पर भी माइनिंग माफिया के अंदर कोई डर नहीं है। वह धडल्ले से अपना कारोबार करते हैं। उन्होंने बताया कि गांव अभिपुर, मियांपुर चंगर और कुब्बाहेड़ी में करीब 10 स्टोन क्रेशर लगे हुए हैं। जिन्होंने अपने क्रेशरों में बड़ी मशीनें स्थापित की हुई है। वह पूरी रात माइनिंग का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र की शामलात जमीन, खेेतों और पहाड़ियों में माइनिंग का काम किया जा रहा है। माइनिंग माफिया की ओर से उन्हें धमकियां तक मिल रही हैं। लेकिन अब इलाके के लोगों ने इस मामले में आरपार की जंग लड़ने का फैसला लिया है। वहीं, अब सभी गांवों के लोग एकजुट हो गए हैं। लोगों ने अब इलाके में अवैध माइनिंग को रोकने के लिए काम शुरू किया।
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बता दें कि इससे पहले इस मामले को डीसी दफ्तर लेकर पहुंचे थे। उन्होंने इलाके के ताजा हालात संबंधी इलाके के डीसी को भी बताया था। इस मौके पर सौदागर सिंह, प्रीतम सिंह, सुखदेव सिंह, भाग सिंह, जरनैल सिंह और पूर्ण सिंह मौजूद थे।
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टिप्परों की आवाजाही से टूटीें सड़कें, पर्यावरण पर भी बुरा असर
इस मौके पर जहां अवैध माइनिंग हो रही है वहां आसपास के गांव के लोगों ने बताया कि अवैध माइनिंग से गांव की सड़कों से गुजरते टिप्परों से सड़कें टूट गई हैं और कई फुट गहरे गड्ढे पड़ गए हैं। इसके साथ ही जहां से मिट्टी उठाई जा रही है वहां पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि टूटी सड़कों के कारण बहुत से हादसे हो चुके हैं और लोग चोटिल हुए हैं।