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Mohali News: अवैध निर्माण के नाम पर वसूली करने वाला विजिलेंस ने दबोचा

Sat, 09 Dec 2023 01:51 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 09 Dec 2023 01:51 AM IST
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Vigilance caught the person extorting money in the name of illegal construction
नयागांव। अवैध निर्माण के नाम पर वसूली करने वाले दो आरोपियों में से एक आरोपी को पंजाब विजिलेंस की मोहाली टीम ने नयागांव परिषद के कार्यालय से दबोच लिया। आरोपी का नाम सुरिंदर कुमार बताया जा रहा है। उसका परिषद में किसी प्रकार का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। इलाके के वार्ड नंबर 5 में पहले से बने घर पर मालिक की ओर से दूसरी मंजिल का निर्माण किया जा रहा था। इसे परिषद के अधिकारी ने अवैध बताकर रोकने के लिए कहा था। इसके बाद निर्माण करने के एवज में 50 हजार रुपये की मांग की गई थी। तब घर वालों ने पैसों के लेनदेन का वीडियो बनाया जो तीन अक्तूबर को तेजी से वायरल होने लगा। मामले की जानकारी मिलने के बाद तब नए आए कार्यकारी अधिकारी रवि जिंदल ने नयागांव पुलिस को अपने आउटसोर्स कर्मचारी जय सिंह व उसके साथी सुरिंदर सिंह के खिलाफ लिखत में शिकायत देकर मामला दर्ज करने की बात कही थी। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने छह अक्तूबर को दोनों पर धारा-384, 120बी और प्रीवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट 1988 के तहत मामला दर्ज किया था। इसके बाद से ही दोनों आरोपी फरार चल रहे थे।
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आरोपी को आज अदालत में किया जाएगा पेश
मामले की छानबीन मोहाली की विजिलेंस की टीम कर रही थी और कई दिनों से विजिलेंस के अधिकारियों की नजर सुरिंदर कुमार पर थी। उसे शुक्रवार को विजिलेंस इंस्पेक्टर गगनदीप की टीम व नयागांव थाना प्रभारी कुलवंत सिंह ने सुबह 10 बजे नगर परिषद कार्यालय के गेट से काबू किया। इसके बाद विजिलेंस की टीम उसे अपने साथ ले गई। उसे अब शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
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जांच में हो सकते हैं कई और नामों के खुलासे
सूत्रों के मुताबिक पुलिस पहले से ही जानती थीं कि सुरिंदर कुमार नयागांव में आता-जाता है और पुलिस कई दिनों से उस पर नजर बनाए हुई थी। पुलिस ने जानकारी इकट्ठा करने के बाद ही आरोपी को हिरासत में लिया। अब पुलिस इस बात की भी तफ्तीश करने में जुटी है कि जब नगर परिषद के अधिकारी सुरिंदर को अपना कर्मचारी ही नहीं मानते थे तो वह कार्यालय में क्या करने आया था। दूसरी ओर अब तक पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी ने माना है कि वह परिषद का कर्मचारी बनकर वसूली करने गया था और 25 हजार रुपये की राशि हासिल की थी।
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