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विजिलेंस ब्यूरो ने नायब तहसीलदार समेत चार के खिलाफ दाखिल किया आरोपपत्र

Sun, 31 Jan 2021 02:08 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Sun, 31 Jan 2021 02:08 AM IST
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Vigilance Bureau filed chargesheet against four including Naib Tehsildar
मोहाली। शामलात जमीन को फर्जी इंतकाल के जरिए निजी लोगों के नाम करने के मामले में विजिलेंस ने जिला अदालत में चालान पेश किया है। चालान मामले में गिरफ्तार चल रहे नायब तहसीलदार वरिंदर पाल धुत, पटवारी इकबाल सिंह, नंबरदार गुरनाम सिंह व प्रॉपर्टी डीलर के नाम पेश किया गया। उनके खिलाफ धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार की धाराओं के तहत आरोपपत्र दायर किया गया है।
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जानकारी के अनुसार विजिलेंस ब्यूरो ने ब्लॉक माजरी के अधीन आने वाले गांव स्यूंक में सरकारी जमीन को निजी जमीन दिखाकर गलत इंतकाल करने और उसे बेचने के मामले में राजस्व विभाग के अधिकारियों समेत 11 लोगों पर केस दर्ज किया है। आरोपियों में तहसीलदार वरिंदर पाल धुत, कानूनगो रघुबीर सिंह, राजस्व अधिकारी इकबाल सिंह, स्यूंक गांव के नंबरदार गुरनाम सिंह, प्रॉपर्टी डीलर शामलाल, बलबीर सिंह, तरसेम लाल, जसविंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह, मनवीर सिंह और काबिल सिंह शामिल थे। आरोपियों पर धोखाधड़ी, कर्तव्य का उचित पालन न करने और भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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जांच यह बात आई थी सामने
यह केस साल 2017 में विजिलेंस ब्यूरो द्वारा की गई जांच के आधार पर दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया था कि यह सारा खेल राजस्व विभाग के अधिकारियों, प्रॉपर्टी डीलरों और कुछ गांव के लोगों की मिलीभगत से चलता था। गिरोह के इन लोगों ने मुल्लांपुर गरीबदास के नजदीक गांव स्यूंक में सरकारी शामलात जमीन का नकली इंतकाल गलत तरीके से निजी लोगों के नाम कर दिया था। जांच में यह भी बात सामने आई कि इस दौरान राजस्व अधिकारियों ने जाली इंतकाल व जमीन की रजिस्ट्री करवाने में मोटी रिश्वत ली थी। रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि ऐसा कर तहसीलदार वरिंदर पाल धुत व अन्य अधिकारियों ने सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया है। रिपोर्ट के अनुसार जुलाई 2016 में तत्कालीन अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) की अदालत के लिए गए फैसले के आधार पर विजिलेंस ने यह पड़ताल की थी।
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