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Mohali News: पाकिस्तान तस्करों के दो गुर्गे गिरफ्तार, कोर्ट ने पांच दिन के रिमांड पर भेजा
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मोहाली। स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) ने नार्को-टेरर मॉड्यूल का पर्दाफाश कर पाकिस्तानी तस्करों से जुड़े दो गुर्गों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से 9 एमएम अत्याधुनिक ग्लॉक पिस्टल, तीन मैग्जीन और 207 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पारस प्रीत उर्फ पारस और गुरविंदर के रूप में हुई है। दोनों गांव राजोके पुलिस स्टेशन खालरा जिला तरनतारन हैं। आरोपियों के खिलाफ थाना एसएसओसी मोहाली में बीएनएस की धारा 61(2), आर्म्स एक्ट व एनडीपीएस एक्ट की धारा 21बी, 61, 85 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों को जिला अदालत में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया जहां से दोनों को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
एआईजी एसएसओसी रवजोत ग्रेवाल ने बताया कि पूछताछ में यह बात सामने आई है कि पारस प्रीत सिंह उर्फ पारस के बारे में टीम को एक गुप्त सूचना मिली थी कि वह अत्याधुनिक हथियारों की तस्करी में शामिल है। उसका आपराधिक इतिहास है। वह वर्तमान में अपने सहयोगी गुरविंदर सिंह के साथ जीरकपुर क्षेत्र में रह रहा है। 10 जून को पटियाला रोड जीरकपुर से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी बादल कॉलोनी में किराए के घर में रह रहे थे। उनके घर की तलाशी दौरान एक अत्याधुनिक पिस्टल, तीन मैगजीन और हेरोइन बरामद हुई। प्रारंभिक जांच और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि बरामद प्रतिबंधित पदार्थ (हेरोइन) और हथियार पाकिस्तान स्थित हथियार और नार्को तस्करों द्वारा सप्लाई किए गए थे। यह हेरोइन व हथियार ड्रोन के माध्यम से आए थे। आरोपी पारस प्रीत पहले से ही तरनतारन पुलिस द्वारा एफआईआर नंबर-59 में वांछित है।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि उनके करीबी सहयोगियों सूरजपाल और अर्शदीप दोनों को हाल ही में पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ 4 जून को थाना वल्टोहा तरनतारन में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। आरोपियों से दो पीएक्स 5.30 पिस्टल, चार ग्लॉक 9 एमएम पिस्टल और गोला-बारूद सहित छह अत्याधुनिक आग्नेयास्त्र बरामद किए थे।
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एआईजी ने खुलासा किया कि सूरजपाल की गिरफ्तारी के बाद पारस प्रीत ने आगे की गतिविधियों का जिम्मा लिया। पाकिस्तान स्थित हैंडलरों के साथ सीधा संपर्क स्थापित किया, जो हथियारों और नशीले पदार्थों की खेप को भारतीय क्षेत्र में गिराने के लिए ड्रोन का उपयोग कर रहे थे। एक अन्य आरोपी गुरविंदर पंजाब में ड्रोन से गिराए गए हथियारों और हेरोइन की खेप को संभालने के लिए सक्रिय रूप से शामिल था। पिछली जांच के दौरान उनकी पहचान सामने आने के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए पारस प्रीत और गुरविंदर दोनों अपने पैतृक गांव से फरार हो गए और जीरकपुर, जिल मोहाली में शरण ली, जहां वे गिरफ्तारी के समय किराए के फ्लैट में रह रहे थे।
यह ऑपरेशन पाकिस्तान स्थित हैंडलरों के समर्थन से संचालित किए जा रहे संगठित अपराध और नार्को-टेरर नेटवर्क के खिलाफ चल रही कार्रवाई में एक महत्वपूर्ण सफलता है। पूरे नेटवर्क का पता लगाने और इस साजिश में शामिल अन्य गुर्गों की पहचान करने के लिए आगे की जांच चल रही है।
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एआईजी एसएसओसी रवजोत ग्रेवाल ने बताया कि पूछताछ में यह बात सामने आई है कि पारस प्रीत सिंह उर्फ पारस के बारे में टीम को एक गुप्त सूचना मिली थी कि वह अत्याधुनिक हथियारों की तस्करी में शामिल है। उसका आपराधिक इतिहास है। वह वर्तमान में अपने सहयोगी गुरविंदर सिंह के साथ जीरकपुर क्षेत्र में रह रहा है। 10 जून को पटियाला रोड जीरकपुर से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी बादल कॉलोनी में किराए के घर में रह रहे थे। उनके घर की तलाशी दौरान एक अत्याधुनिक पिस्टल, तीन मैगजीन और हेरोइन बरामद हुई। प्रारंभिक जांच और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि बरामद प्रतिबंधित पदार्थ (हेरोइन) और हथियार पाकिस्तान स्थित हथियार और नार्को तस्करों द्वारा सप्लाई किए गए थे। यह हेरोइन व हथियार ड्रोन के माध्यम से आए थे। आरोपी पारस प्रीत पहले से ही तरनतारन पुलिस द्वारा एफआईआर नंबर-59 में वांछित है।
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पूछताछ में खुलासा हुआ कि उनके करीबी सहयोगियों सूरजपाल और अर्शदीप दोनों को हाल ही में पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ 4 जून को थाना वल्टोहा तरनतारन में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। आरोपियों से दो पीएक्स 5.30 पिस्टल, चार ग्लॉक 9 एमएम पिस्टल और गोला-बारूद सहित छह अत्याधुनिक आग्नेयास्त्र बरामद किए थे।
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एआईजी ने खुलासा किया कि सूरजपाल की गिरफ्तारी के बाद पारस प्रीत ने आगे की गतिविधियों का जिम्मा लिया। पाकिस्तान स्थित हैंडलरों के साथ सीधा संपर्क स्थापित किया, जो हथियारों और नशीले पदार्थों की खेप को भारतीय क्षेत्र में गिराने के लिए ड्रोन का उपयोग कर रहे थे। एक अन्य आरोपी गुरविंदर पंजाब में ड्रोन से गिराए गए हथियारों और हेरोइन की खेप को संभालने के लिए सक्रिय रूप से शामिल था। पिछली जांच के दौरान उनकी पहचान सामने आने के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए पारस प्रीत और गुरविंदर दोनों अपने पैतृक गांव से फरार हो गए और जीरकपुर, जिल मोहाली में शरण ली, जहां वे गिरफ्तारी के समय किराए के फ्लैट में रह रहे थे।
यह ऑपरेशन पाकिस्तान स्थित हैंडलरों के समर्थन से संचालित किए जा रहे संगठित अपराध और नार्को-टेरर नेटवर्क के खिलाफ चल रही कार्रवाई में एक महत्वपूर्ण सफलता है। पूरे नेटवर्क का पता लगाने और इस साजिश में शामिल अन्य गुर्गों की पहचान करने के लिए आगे की जांच चल रही है।