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भारतीय टेबल टेनिस की दुनिया के दो दिग्गज कोचों का निधन, एक को मिला था द्रोणाचार्य अवार्ड
Sat, 07 Dec 2019 01:06 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sat, 07 Dec 2019 01:06 PM IST
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टेबल टेनिस कोच
- फोटो : अमर उजाला
भारतीय टेबल टेनिस के दो दिग्गज कोचों का निधन हो गया। दोनों ढकोली में रहते थे। वे एनआईएस पटियाला में टेबल टेनिस के बतौर चीफ कोच अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
जानकारी के मुताबिक भिवानी मुखर्जी ने टेबल टेनिस में अहम मुकाम हासिल किया। इसके लिए उन्हें द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित किया गया। वह एक गंभीर बीमारी का शिकार थे। वीरवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्होंने आखिरी सांस ली। शुक्रवार को उनका अंतिम संस्कार पूरे रीति-रिवाज के साथ कर दिया गया।
दूसरी ओर तपन बोस भी टेबल टेनिस के माहिर खिलाड़ी के अलावा एक कामयाब कोच थे। उनके पुत्र राहुल बोस ने बताया कि उनके पिता अधिकतर समय अपने स्टूडेंट्स के साथ बिताते थे। चाहे वो फोन कॉल पर हो या फिर वाट्सअप/फेसबुक या अन्य सोशल साइट्स पर। बस अपने स्टूडेंट्स को खेल की बारीकियों को लेकर अक्सर गाइड करते ही रहते थे।
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भिवानी मुखर्जी का देहांत होने के बाद उनके पिता कल पता लेने गए थे। अगले दिन शुक्रवार को उनका (तपन बोस) देहांत हो गया।
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जानकारी के मुताबिक भिवानी मुखर्जी ने टेबल टेनिस में अहम मुकाम हासिल किया। इसके लिए उन्हें द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित किया गया। वह एक गंभीर बीमारी का शिकार थे। वीरवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्होंने आखिरी सांस ली। शुक्रवार को उनका अंतिम संस्कार पूरे रीति-रिवाज के साथ कर दिया गया।
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दूसरी ओर तपन बोस भी टेबल टेनिस के माहिर खिलाड़ी के अलावा एक कामयाब कोच थे। उनके पुत्र राहुल बोस ने बताया कि उनके पिता अधिकतर समय अपने स्टूडेंट्स के साथ बिताते थे। चाहे वो फोन कॉल पर हो या फिर वाट्सअप/फेसबुक या अन्य सोशल साइट्स पर। बस अपने स्टूडेंट्स को खेल की बारीकियों को लेकर अक्सर गाइड करते ही रहते थे।
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भिवानी मुखर्जी का देहांत होने के बाद उनके पिता कल पता लेने गए थे। अगले दिन शुक्रवार को उनका (तपन बोस) देहांत हो गया।