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शहर को रेहड़ी-फड़ी मुक्त बनाने के लिए फिर से होगा नया सर्वे

Tue, 08 Mar 2022 01:17 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Tue, 08 Mar 2022 01:17 AM IST
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To make the city street-free, a new survey will be done again
मोहाली। वीआईपी शहर को रेहड़ी मुक्त बनाने में अभी तक नगर निगम को कामयाबी नहीं मिल पाई है। वहीं, कोरोना की वजह से स्थिति और बिगड़ गई है। ऐसे में अब नगर निगम एक और सर्वे करवाने की तैयारी में है, जिससे रेहड़ी-फड़ी वालों की कुल संख्या का पता चल सके। इस सर्वे से नगर निगम को इलाके की पूरी स्थिति पता चलेगी। इसके बाद नगर निगम की ओर से आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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जानकारी के मुताबिक मोहाली को रेहड़ी-फड़ी मुक्त बनाने की दिशा में चंडीगढ़ और पंचकूला के साथ ही काम 2015 में शुरू गया था। इस संबंधी बाकायदा नगर निगम ने पंचकूला की एक कंपनी से सर्वे भी करवाया था। लेकिन पहले सर्वे पर काफी बवाल हुआ। इसके बाद यह मामला काफी समय तक लटका रहा। फिर इलाके के पार्षदों की ओर से वेरिफाई करवाने के बाद 995 रेहड़ी-फड़ी वालों को पहचान पत्र देने की तैयारी की गई। बाकायदा आईकार्ड बनाने की प्रक्रिया भी हुई। इसी बीच मार्च, 2020 में कोरोना की दस्तक के बाद यह पूरा काम अधर में लटक गया। गमाडा की ओर से जो साइट नगर निगम को वेंडिग जोन बनाने के लिए ऑफर की थी उसको लेकर इलाके के लोग विरोध में आ गए थे। उनका कहना था कि साइटों का चयन गलत किया गया। क्योंकि जिन जगह को रेहड़ी-फडी के लिए चुना गया था, उनमें से अधिकतर धार्मिक स्थान या ऐसी जगह थी, जहां पर उक्त लोग बिल्कुल भी जाना पसंद नहीं करते। कोरोना के बाद एक चीज तो साफ है कि रेहड़ी-फड़ी वालों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इनकी संख्या कितनी बढ़ी है, इसका पता लगाने के लिए अब सर्वे की तैयारी की है। नगर निगम के सचिव रंजीव कुमार ने बताया कि हमारी टाऊन वेंडिंग एंड स्ट्रीट वेंडर्स कमेटी बनी हुई है। आने वाले समय में नगर निगम रेहड़ी-फड़ी वालों का नए सिरे से सर्वे करवाएगा, ताकि उनकी पूरी स्थिति साफ हो सके।
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शहर में रेहड़ी-फड़ी की वजह से लगता है जाम
मोहाली शहर पूरी तरह चंडीगढ़ की तर्ज पर बसा हुआ है। समाजसेवी अतुल शर्मा की मानें तो काफी समय से शहर में वेंडिग जोन का काम लटका हुआ है। इससे शहर की खूबसूरती बिगड़ रही है। हालात यह है कि रोजाना सड़कों और बाजारों में जाम की दिक्कत बढ़ गई है। बाजारों की पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने के लिए जगह नहीं बच रही है। सबसे ज्यादा बुरा हाल मोहाली फेज-4 बोगनविलिया गार्डन से लेकर फेज-11 तक का है। फुटपाथों पर दुकानें लग गई हैं और फेज-11 में तो स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं करता। उस इलाके के लोग तो हाईकोर्ट तक पहुंच चुके हैं।
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निगम कर्मचारियों पर लग चुके हैं गंभीर आरोप
जानकारी के मुुताबिक शहर में लगने वाली रेहड़ी-फड़ी का मामला हर बार नगर निगम की मीटिंग में उठा है। इतना ही नहीं नगर निगम के कर्मचारियों पर हाउस में भी सीधे आरोप लग चुके हैं कि नगर निगम के मुलाजिम पैसे लेकर रेहड़ियां लगवाते हैं। इस मामले में नगर निगम के कमिश्नर ने एक जांच भी बैठाई थी। लेकिन अभी तक जिन मुलजिमों पर आरोप लगे थे उन पर किसी तरह की कोई गाज नहीं गिरी।

ट्रैफिक लाइटों को भी नहीं बक्श रहे
जानकारी के मुुताबिक इलाके में रेहड़ी-फड़ी वालों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि उनमें ट्रैफिक पुलिस तक का भी डर खत्म हो गया है। फेज-4 मंदिर के पास एक्सीडेंट प्रोन एरिया है। लेकिन यहां पर ट्रैफिक लाइट प्वाइंट के बीच रेहड़ी-फड़ी वाले अपनी दुकानें सजा देते हैं। जिससे लोगों को काफी दिक्कत होती है। फेज-चार, फेज-3बी1 की मार्केट में भी हालात कुछ ऐेसे ही बने हुए हैं।
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