{"_id":"5d6c26198ebc3e013d6509cc","slug":"three-legal-aid-clinic-start-in-hospital-in-mohali-district-mohali-news-pkl349299528","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोहाली जिले के अस्पतालों में भी लोगों को मिलेगी फ्री कानूनी सहायता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोहाली जिले के अस्पतालों में भी लोगों को मिलेगी फ्री कानूनी सहायता
विज्ञापन
मोहाली। जिले के लोगों को जरूरी कानूनी सहायता मिलने में कोई मुश्किल न हो, इसके लिए अब जिला कानूनी सेवाएं अथारिटी ने नई पहल की है। अथारिटी ने जिले में मोहाली के फेज-छह स्थित सिविल अस्पताल, डेराबस्सी व खरड़ अस्पताल में लीगल एड क्लीनिक खोले हैं। इनमें जिला कानूनी सेवाएं अथारिटी के वालंटियर बैठेंगे जो अस्पताल में आने वाले लोगों को सरकारी स्कीमों के बारे में बताएंगे।
इस बारे में जिला कानूनी सेवाएं अथारिटी शिखा गोयल ने बताया कि जल्द ही जिले के छह अन्य अस्पतालों में लीगल एंड क्लीनिकों की शुरुआत की जाएगी। लीगल एंड क्लीनिकों का उद्देश्य समाज के गरीब व कमजोर वर्ग के लोगों को कानूनी सहायता प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को किसी भी तरह की कोई कानूनी सहायता की जरूरत है तो उक्त व्यक्ति उनके दफ्तर में वर्किंग डे में आकर उनसे मिल सकता है। इसके अलावा विभाग के टोल फ्री नंबर पर भी संपर्क किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि 14 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई जा रही है। लोगों को ऐसी लोक अदालतों के माध्यम से केस सुलझाने चाहिएं क्योंकि इस अदालत के फैसले को किसी भी अदालत में चैलेंज नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस बारे में जिला कानूनी सेवाएं अथारिटी शिखा गोयल ने बताया कि जल्द ही जिले के छह अन्य अस्पतालों में लीगल एंड क्लीनिकों की शुरुआत की जाएगी। लीगल एंड क्लीनिकों का उद्देश्य समाज के गरीब व कमजोर वर्ग के लोगों को कानूनी सहायता प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को किसी भी तरह की कोई कानूनी सहायता की जरूरत है तो उक्त व्यक्ति उनके दफ्तर में वर्किंग डे में आकर उनसे मिल सकता है। इसके अलावा विभाग के टोल फ्री नंबर पर भी संपर्क किया जा सकता है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि 14 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई जा रही है। लोगों को ऐसी लोक अदालतों के माध्यम से केस सुलझाने चाहिएं क्योंकि इस अदालत के फैसले को किसी भी अदालत में चैलेंज नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन