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बहु करोड़ी जमीन के फर्जी मालिक बनकर जमीन बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश
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डेराबस्सी। शहर के बीच से गुजरते हाईवे के किनारे पर पड़ती बहु करोड़ी जमीन के फर्जी मालिक बनकर धोखे से जमीन बेचने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस गिरोह के पांच शातिरों के खिलाफ केस दर्ज कर इस जमीन की फर्जी मालिक बनी एक महिला और उसके नकली पुत्र सहित तीन शातिरों को गिरफ्तार किया है। जमीन खरीदने वाले व्यक्ति की समझदारी से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी होने से बच गई। उसे यह जमीन बेचने वालों के साथ बातचीत करने और उनके चालचलन से शक पैदा हो गया था। उसने इस मामले में संलिप्त पांच लोगों के खिलाफ पुलिस को शिकायत दे दी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मंगलवार को तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर उनको दो दिन के रिमांड पर ले लिया है।
इस मामले की जानकारी देते थाना प्रभारी सहायक इंस्पेक्टर सतिंद्र सिंह ने बताया कि बलजीत सिंह निवासी गांव मौली बैदवान, जिला मोहाली ने शिकायत दी थी कि उन्हें डेराबस्सी तहसील में बतौर टाइपिस्ट काम करने वाले हरजिंद्र सिंह निवासी गांव धर्मगढ़ लालड़ू और दविंद्र सिंह निवासी गांव चडियाला ने डेराबस्सी में हाईवे किनारे स्थित गांव जनेतपुर में बहु करोड़ी पांच एकड़ जमीन खरीदने के लिए दिखाई। यह जमीन उनको पसंद आ गई। इसके बाद उन्होंने इस जमीन की मालकिन महिला कमलजीत कौर पत्नी मनमोहन सिंह निवासी अलवर राजस्थान और रिंकू पुत्र कश्मीर सिंह निवासी गांव डोगरा तहसील किशनगढ़ जिला अलवर राजस्थान, हरजीत सिंह निवासी गांव रामपुर सैनियां डेराबस्सी के साथ मिलवाया और बताया कि यह पांच लोग इस जमीन के मालिक हैं। इसके साथ ही सबूत के तौर पर उन्होंने इस जमीन के दस्तावेज और जमीन मालिकों के आधार कार्ड भी दिखाए।
शिकायतकर्ता ने बताया कि इसके बाद उन्होंने इस पांच एकड़ जमीन को खरीदने के लिए उक्त पांचों लोगों के साथ नौ करोड़ रुपये में सौदा कर लिया। इसके लिए उन्होंने पेशगी (टोकन मनी) के रूप में पांच लाख रुपये दे दिए और इसके बाद 30 नवंबर को बतौर बयाना तीन करोड़ रुपये देने का दिन निर्धारित कर लिया। इस जमीन की मालिक बताई गई महिला ने बताया कि उसने इस जमीन की जनरल पॉवर ऑफ अटॉर्नी अपने बेटे रिंकू के नाम लिख दी है। इसके बाद उन्होंने जमीन की अटार्नी भी दिखाई। इस दौरान बलजीत सिंह ने जब इस जमीन संबंधी उनसे और बातचीत की तो वह सवालों के जवाब देकर उन्हें संतुष्ट नहीं कर पाए। इस पर बलजीत सिंह को उनकी बातचीत और चालचलन पर शक पैदा हो गया। इसके बाद उन्होंने अपने स्तर पर जमीन के पास मौके पर जाकर आसपास जांच पड़ताल की तो सामने आया कि जो इस पांच एकड़ जमीन की मालकिन का नाम कमलजीत कौर बताया जा रहा था, असल में उसका नाम रणजीत कौर पत्नी स्वर्गीय दलविंद्र सिंह निवासी कपूरथला है।
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इसके बाद जांच में यह भी सामने आया कि इस जमीन की जो असली मालकिन है वह कमलजीत कौर पत्नी मनमोहन सिंह राजस्थान में नहीं बल्कि चंडीगढ़ में गांव बडहेड़ी में रहती है और असल में यह जमीन उसी के नाम है। इस पर पता लगाया गया कि असली मालकिन कमलजीत कौर तो अपनी जमीन बेचना ही नहीं चाहती है और न ही उसने किसी के साथ जमीन बेचने का सौदा किया।
जबकि इस मामले में जो फर्जी जमीन मालकिन बनी थी वह कमलजीत कौर नहीं बल्किी रणजीत कौर है और उसने नकली आधार कार्ड बनवा रखा था। उसके साथ ही जो उसका फर्जी बेटा बना था उसने भी नकली आधार कार्ड बनवा रखा था। इस तरह योजना बनाकर आरोपी महिला रणजीत कौर और उसका फर्जी बेटा बना रिंकू, हरजीत सिंह उर्फ टोनी, हरजिंद्र सिंह और दविंद्र सिंह ने असली जमीन मालिकों के फर्जी दस्तावेज तैयार करके बलजीत सिंह के साथ करोड़ों रुपये की ठगी करने का इरादा था। लेकिन इसका पहले ही खुलासा हो गया और बलजीत सिंह अपने साथ धोखाधड़ी होने से बच गया।
हालांकि शातिरों ने बलजीत सिंह से बतौर पेशगी (टोकर मनी) पांच लाख रुपये ले लिए थे। बलजीत सिंह की शिकायत पर पुलिस ने शातिरों में रणजीत कौर, रिंकू और टाइपिस्ट हरजिंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि अभी हरजीत सिंह और दविंद्र सिंह फरार चल रहे हैं।
कैप्शन -जमीन की नकली मालिक बनी महिला उसका नकली पुत्र रिंकू।
- शातिरों की ओर से तैयार किए गए नकली आधार कार्ड।
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इस मामले की जानकारी देते थाना प्रभारी सहायक इंस्पेक्टर सतिंद्र सिंह ने बताया कि बलजीत सिंह निवासी गांव मौली बैदवान, जिला मोहाली ने शिकायत दी थी कि उन्हें डेराबस्सी तहसील में बतौर टाइपिस्ट काम करने वाले हरजिंद्र सिंह निवासी गांव धर्मगढ़ लालड़ू और दविंद्र सिंह निवासी गांव चडियाला ने डेराबस्सी में हाईवे किनारे स्थित गांव जनेतपुर में बहु करोड़ी पांच एकड़ जमीन खरीदने के लिए दिखाई। यह जमीन उनको पसंद आ गई। इसके बाद उन्होंने इस जमीन की मालकिन महिला कमलजीत कौर पत्नी मनमोहन सिंह निवासी अलवर राजस्थान और रिंकू पुत्र कश्मीर सिंह निवासी गांव डोगरा तहसील किशनगढ़ जिला अलवर राजस्थान, हरजीत सिंह निवासी गांव रामपुर सैनियां डेराबस्सी के साथ मिलवाया और बताया कि यह पांच लोग इस जमीन के मालिक हैं। इसके साथ ही सबूत के तौर पर उन्होंने इस जमीन के दस्तावेज और जमीन मालिकों के आधार कार्ड भी दिखाए।
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शिकायतकर्ता ने बताया कि इसके बाद उन्होंने इस पांच एकड़ जमीन को खरीदने के लिए उक्त पांचों लोगों के साथ नौ करोड़ रुपये में सौदा कर लिया। इसके लिए उन्होंने पेशगी (टोकन मनी) के रूप में पांच लाख रुपये दे दिए और इसके बाद 30 नवंबर को बतौर बयाना तीन करोड़ रुपये देने का दिन निर्धारित कर लिया। इस जमीन की मालिक बताई गई महिला ने बताया कि उसने इस जमीन की जनरल पॉवर ऑफ अटॉर्नी अपने बेटे रिंकू के नाम लिख दी है। इसके बाद उन्होंने जमीन की अटार्नी भी दिखाई। इस दौरान बलजीत सिंह ने जब इस जमीन संबंधी उनसे और बातचीत की तो वह सवालों के जवाब देकर उन्हें संतुष्ट नहीं कर पाए। इस पर बलजीत सिंह को उनकी बातचीत और चालचलन पर शक पैदा हो गया। इसके बाद उन्होंने अपने स्तर पर जमीन के पास मौके पर जाकर आसपास जांच पड़ताल की तो सामने आया कि जो इस पांच एकड़ जमीन की मालकिन का नाम कमलजीत कौर बताया जा रहा था, असल में उसका नाम रणजीत कौर पत्नी स्वर्गीय दलविंद्र सिंह निवासी कपूरथला है।
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इसके बाद जांच में यह भी सामने आया कि इस जमीन की जो असली मालकिन है वह कमलजीत कौर पत्नी मनमोहन सिंह राजस्थान में नहीं बल्कि चंडीगढ़ में गांव बडहेड़ी में रहती है और असल में यह जमीन उसी के नाम है। इस पर पता लगाया गया कि असली मालकिन कमलजीत कौर तो अपनी जमीन बेचना ही नहीं चाहती है और न ही उसने किसी के साथ जमीन बेचने का सौदा किया।
जबकि इस मामले में जो फर्जी जमीन मालकिन बनी थी वह कमलजीत कौर नहीं बल्किी रणजीत कौर है और उसने नकली आधार कार्ड बनवा रखा था। उसके साथ ही जो उसका फर्जी बेटा बना था उसने भी नकली आधार कार्ड बनवा रखा था। इस तरह योजना बनाकर आरोपी महिला रणजीत कौर और उसका फर्जी बेटा बना रिंकू, हरजीत सिंह उर्फ टोनी, हरजिंद्र सिंह और दविंद्र सिंह ने असली जमीन मालिकों के फर्जी दस्तावेज तैयार करके बलजीत सिंह के साथ करोड़ों रुपये की ठगी करने का इरादा था। लेकिन इसका पहले ही खुलासा हो गया और बलजीत सिंह अपने साथ धोखाधड़ी होने से बच गया।
हालांकि शातिरों ने बलजीत सिंह से बतौर पेशगी (टोकर मनी) पांच लाख रुपये ले लिए थे। बलजीत सिंह की शिकायत पर पुलिस ने शातिरों में रणजीत कौर, रिंकू और टाइपिस्ट हरजिंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि अभी हरजीत सिंह और दविंद्र सिंह फरार चल रहे हैं।
कैप्शन -जमीन की नकली मालिक बनी महिला उसका नकली पुत्र रिंकू।
- शातिरों की ओर से तैयार किए गए नकली आधार कार्ड।