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जिन्होंने मोहाली को आंखों के सामने बसते देखा, इस बार वे ही बुजुर्ग नहीं कर पाए मतदान

Mon, 15 Feb 2021 02:43 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Mon, 15 Feb 2021 02:43 AM IST
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Those who saw Mohali settling in front of their eyes, this time they were not able to vote elderly only
मोहाली। नगर निगम चुनाव के दौरान फेज-9 के स्टेडियम में बने मतदान केंद्र के बाहर माहौल उस समय एकदम गर्मा गया, जब कुछ बुजुर्गों के नाम मतदाता सूची में होने से इनकार कर दिया गया। इसकी वजह भी काफी दिलचस्प रही। दरअसल, जिन बुजुर्गों ने मोहाली शहर को अपनी आंखों के सामने बसता देखा है और वह यहीं पर पलकर बड़े हुए हैं। इस बार उन्हें ही मतदान केंद्र में जाने तक नहीं दिया गया। मतदान अधिकारियों का तर्क था कि उनके वोट यहां पर हैं ही नहीं। जबकि मतदाता सूची में उनके नाम थे और वह हाथों में अपने नाम की पर्ची भी लेकर आए थे। उन्होंने यहीं पर नारेबाजी करनी शुरू कर दी। इन बुजुर्गों का कहना था कि आज वह अपने ही शहर में परदेसी बनकर रह गए हैं, जबकि जन्म से यहीं रह रहे हैं।
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जानकारी के मुुताबिक फेज-9 स्थित स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में वार्ड-46 को मतदान केंद्र बनाया गया था। इस वार्ड में गांव लंबिया समेत काफी एरिया आता है। लेकिन जब करीब सुबह 10 बजे गांव के लोग मतदान के लिए पहुंचे तो उन्हें कहा गया कि उनका नाम मतदाता सूची में नहीं है। जबकि यह बुजुर्ग अपने नाम की पर्ची हाथों में लेकर पहुंचे थे। इस दौरान इन बुजुर्गों ने काफी देर तक स्पोर्ट्स स्टेडियम के बाहर प्रदर्शन किया। इस मौके पर गांव लंबिया निवासी बलबीर सिंह ने कहा कि उनकी उम्र 76 साल है। वह इसी शहर में पैदा हुए हैं। आज तक उन्होंने कोई भी चुुनाव हुआ हो, लेकिन मतदान करने से पीछे नहीं हटे। लेकिन इस बार मतदाता सूची में नाम होने के बाद भी उन्हें मतदान नहीं करने दिया गया। उन्होंने कहा कि समझ नहीं आ रहा है कि किसको अपना दर्द सुनाएं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में चुनाव की जरूरत नहीं है, वैसे ही पार्षद तय कर लिए जाने चाहिए थे। इसी तरह दिलीप सिंह ने बताया कि वह 70 साल के हैं। एक निजी कंपनी से रिटायर्ड हुए हैं। उनका नाम भी मतदाता सूची में है। लेकिन उन्हें मतदान नहीं करने दिया गया। इसके अलावा काफी देर तक यह बुजुर्ग लोग परेशान होते रहे।
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पति ने किया मतदान, लेकिन पत्नी को रोक दिया
इसी तरह इस मतदान केंद्र पर एक अजीब स्थिति भी देखने को मिली है। जब मतदान करने पहुंचे एक दंपती में से पति को मतदान करने दिया गया। जबकि उनकी पत्नी को कह दिया गया कि यहां उनका नाम ही सूची में नहीं है। जबकि मतदाता सूची में उसका भी नाम लिखा था। इस बारे में कुंभड़ा निवासी काला सिंह ने बताया कि वार्ड नंबर-46 में ही उनका एरिया आता है। लेकिन जानबूझकर उनके साथ धक्केशाही की गई है और उनका भी नाम मतदाता सूची में नहीं है।
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