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Mohali News: सुखना चो में प्रदूषण के लिए नगर परिषद को देना पड़ रहा हर महीने 15 लाख रुपए जुर्माना
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जीरकपुर। बलटाना व गाजीपुर क्षेत्र से निकलने वाली सुखना चो में पिछले चार वर्षों से लगातार प्रदूषित पानी गिराया जा रहा है। यह गंदा पानी लोगों के साथ-साथ नगर परिषद की ओर से भी गिराया जा रहा है। जबकि इसके देख-रेख की जिम्मेदारी खुद नगर परिषद की है। उससे भी हैरानी की बात यह है कि पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड द्वारा सुखना चो को प्रदूषित करने के आरोप में हर महीने नगर परिषद को 5 लाख रुपए जुर्माना लगाया जा रहा है। इसके अलावा एसटीपी ओवर फ्लो होने के चलते अलग से दस लाख रूपये हर महीने जुर्माना लगाया जा रहा है। यह जुर्माना 25 जून 2020 से लगाया जा रहा है। दोनो जुर्मानों को जोड़ा जाए तो 15 लाख रुपए हर महीने जुर्माना लग रहा है। पिछले चार वर्षो में सात करोड़ पांच लाख की राशि बनती है। यह एक बड़ी रकम है। लोगों द्वारा टैक्स के रूप में दिए जा रहे पैसे बिना किसी परवाह के बर्बाद किए जा रहे हैं।
एक एसटीपी से नहीं चल रहा काम, दूसरा प्लांट लगाने में आ रही है रुकावट
बलटाना क्षेत्र व गाजीपुर क्षेत्र से निकलने वाली सुखना चो के आसपास कई रिहायशी व व्यपारिक प्रोजेक्ट बने हुए हैं। इनके सीवरेज का गंदा पानी सुखना चो में गिराया जा रहा है। वहीं शहर की 6 लाख की आबादी के बावजूद शहर में 17 एमएलडी का केवल एक ही एसटीपी है, जो ओवरफ्लो चल रहा है। जबकि यहां तीन से चार प्लांट का होना अनिवार्य है। फिलहाल नगर परिषद द्वारा सनोली गांव में 22.5 एमएलडी का प्लांट लगाने की कार्रवाई की जा रही है। लेकिन उसमें भी रुकावट पैदा हो चुकी। स्थानीय लोगों द्वारा प्लांट रिहायशी इलाके में होने के कारण उसका विरोध किया जा रहा है। इसके इलावा शताबगढ़ गांव में भी एक प्लांट लगाने पर काम किया जा रहा है। अब सवाल तो यह पैदा होता है क्या दो नए प्लांट लग जाने के बाद शहर के नदी-नालों को प्रदूषित होने से रोका जा सकेगा। क्योंकि इस समय खुद नगर परिषद की लापरवाही के पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है।
इस मामले में जीडी गर्ग, एक्सईएन, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड, पंजाब ने कहा कि हफ्ते पहले भी शिकायत मिली थी, तो हमने नोटिस जारी किया था और जुर्माना भी लगाया हुआ है। लेकिन यदि नगर परिषद द्वारा अभी भी लापरवाही बरती जा रही है तो फिर से नोटिस जारीकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसडीओ की ड्यूटी लगाई जाएगी।
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एक एसटीपी से नहीं चल रहा काम, दूसरा प्लांट लगाने में आ रही है रुकावट
बलटाना क्षेत्र व गाजीपुर क्षेत्र से निकलने वाली सुखना चो के आसपास कई रिहायशी व व्यपारिक प्रोजेक्ट बने हुए हैं। इनके सीवरेज का गंदा पानी सुखना चो में गिराया जा रहा है। वहीं शहर की 6 लाख की आबादी के बावजूद शहर में 17 एमएलडी का केवल एक ही एसटीपी है, जो ओवरफ्लो चल रहा है। जबकि यहां तीन से चार प्लांट का होना अनिवार्य है। फिलहाल नगर परिषद द्वारा सनोली गांव में 22.5 एमएलडी का प्लांट लगाने की कार्रवाई की जा रही है। लेकिन उसमें भी रुकावट पैदा हो चुकी। स्थानीय लोगों द्वारा प्लांट रिहायशी इलाके में होने के कारण उसका विरोध किया जा रहा है। इसके इलावा शताबगढ़ गांव में भी एक प्लांट लगाने पर काम किया जा रहा है। अब सवाल तो यह पैदा होता है क्या दो नए प्लांट लग जाने के बाद शहर के नदी-नालों को प्रदूषित होने से रोका जा सकेगा। क्योंकि इस समय खुद नगर परिषद की लापरवाही के पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है।
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इस मामले में जीडी गर्ग, एक्सईएन, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड, पंजाब ने कहा कि हफ्ते पहले भी शिकायत मिली थी, तो हमने नोटिस जारी किया था और जुर्माना भी लगाया हुआ है। लेकिन यदि नगर परिषद द्वारा अभी भी लापरवाही बरती जा रही है तो फिर से नोटिस जारीकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसडीओ की ड्यूटी लगाई जाएगी।
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