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घर जाने की मारामारी...स्क्रीनिंग के लिए बुलाए 1445, पहुंच गए पांच हजार, प्रशासन के छूटे पसीने

Wed, 27 May 2020 02:04 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Wed, 27 May 2020 02:04 PM IST
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1445 migrant workers called for screening, reached five thousand
प्रवासी मजदूर - फोटो : अमर उजाला
यूटी प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। हुआ यूं कि स्पेशल ट्रेन से लखनऊ रवाना करने के लिए 1445 प्रवासी श्रमिकों को कॉल की गई थी और 5000 से अधिक प्रवासी मेडिकल स्क्रीनिंग कराने सेक्टर-26 पहुंच गए। इतनी बड़ी संख्या में पहुंचे प्रवासियों को व्यवस्थित करने में प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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आनन फानन में यूटी के अधिकारियों ने देर रात लखनऊ के लिए एक और ट्रेन की व्यवस्था करनी पड़ी, जिससे 1296 प्रवासियों को घर रवाना किया गया। चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से पहली ट्रेन दो बजे लखनऊ के लिए रवाना हुई। इसमें 1600 प्रवासी श्रमिक सवार थे।
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इन ट्रेनों में उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, हरदोई और लखनऊ के लिए श्रमिकों को भेजा गया। इन ट्रेनों में सवार होने से पहले प्रवासी मजदूरों का थर्मल स्क्रीनिंग किया गया। इसके बाद बारी बारी से सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए प्रवासियों को रेलवे स्टेेशन पर लाया गया। यहां भोजन का पैकेट और पानी की बोतल देने के बाद उन्हें सीट नंबर के हिसाब से बैठाया गया।
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ऐसे की गई दूसरे ट्रेन की व्यवस्था
थर्मल स्क्रीनिंग के दौरान लखनऊ जाने वाले प्रवासियों की संख्या काफी ज्यादा बढ़ गई। इसकी सूचना प्रशासन ने रेलवे को दी। रेलवे ने चार घंटे का समय मांगा और प्लेटफार्म नंबर वन पर लाकर दूसरी ट्रेन खड़ी कर दी। यह ट्रेन चंडीगढ़ से लखनऊ के लिए रात करीब 9.30 बजे रवाना हुई। इसमें 1296 प्रवासी श्रमिक सवार थे। इतनी लेट इसलिए हुई क्योंकि ट्रेन को भेजने के लिए पहले उसकी धुलाई और उसके बाद अच्छे तरीके से सैनिटाइज किया जाता है।


जिन प्रवासियों को मेडिकल स्क्रीनिंग के लिए फोन नहीं पहुंचता है उन्हें सेक्टर-26 में बने होल्डिंग सेंटर में नहीं आना चाहिए। इसके साथ ही अन्य जिले के व्यक्तियों को भी घर जाने के लिए चंडीगढ़ में नहीं आना चाहिए।
- यशपाल गर्ग, आईएएस, सचिव समाज कल्याण, चंडीगढ़ प्रशासन
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