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जिस जिले से जारी हुआ विंटेज नंबर, उसी में करना पड़ेगा सरेंडर
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मोहाली। वीआईपी जिले में अपनी आलीशान लग्जरी कारों पर विंटेज नंबर लगाकर घूमने का शौक रखने वालों को अपने नंबर सरेंडर करने के लिए उसी जिले में जाना पड़ेगा, जिससे विंटेज नंबर उन्हें जारी किया गया है। यह जानकारी रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के सेक्शन इंचार्ज दर्शन सिंह भाटिया ने अमर उजाला के साथ साझा की। उनका कहना है कि यहां पर विंटेज नंबर रिकॉर्ड न होने के कारण संबंधित जिलों से मंगवाना पड़ता है, इसके बाद उसे पढ़ने और समझने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और लोगों की इन दिक्कतों को देखते हुए यह आदेश पारित किया गया है।
पुराने रिकॉर्ड से मैच करके जारी होगा नया नंबर
आरटीए विभाग से जुड़े अधिकारियों की मानें तो पंजाब में मोहाली जिले का गठन 2006 में हुआ था और यहां की ट्रांसपोर्ट अथारिटी द्वारा कोई विंटेज नंबर जारी नहीं किया गया। जबकि वीआईपी शहर में घूमने वाली विंटेज नंबर की सभी लग्जरी कारें पंजाब के अलग-अलग जिलों से रजिस्टर्ड हैं। इनका रिकॉर्ड मौजूद न होने की वजह से लोगों द्वारा विंटेज नंबर सरेंडर की फाइल को क्लीयर करने में कई प्रकार की मुश्किलें आ रही हैं। जबकि विंटेज नंबर सरेंडर करने वालों को तभी नया नंबर जारी होगा, जब तक उसका रिकार्ड पुराने रिकार्ड से मैच नहीं हो जाता और संबंधित जिलों से विंटेज नंबरों का रिकार्ड मंगवाने में कई-कई दिनों का समय लग रहा है। ऐसे में लोगों की मुश्किलों को देखते हुए विभाग द्वारा यह फैसला लेकर नया आदेश पारित किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, पंजाब में वीआईपी कल्चर खत्म करने व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मोटर अधिनियम-1988 के लागू होने के बाद पुराने फैंसी नंबरों (विंटेज नंबर) को बंद करने के आदेश सरकार द्वारा जारी किए हैं। साथ ही लोगों को हिदायत दी गई थी कि ये नंबर ट्रांसपोर्ट विभाग में सरेंडर करके नए नंबर लगवा लें। दूसरी ओर, मोहाली ट्रैफिक पुलिस और आरटीए विभाग द्वारा अलग-अलग जिले से संबंधित विंटेज नंबर लगाकर शहर में घूमने वाली कार मालिकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए इंपाउंड करना शुरू कर दिया और ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई का असर यह हुआ कि कार मालिकों ने विंटेज नंबर सरेंडर करने के लिए आरटीए के पास आवेदन शुरू कर दिए।
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उच्चाधिकारियों के फैसले पर आदेश जारी
विंटेज नंबर कार के मालिक को अब उसी जिले में नंबर सरेंडर करने के लिए आवेदन करना होगा, जिस जिले से उन्हें यह नंबर जारी किया गया है। ये आदेश उच्चाधिकारियों की ओर से लिए गए फैसले के बाद लागू किया गया है।
- दर्शन सिंह भाटिया, एसओ, रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी, मोहाली।
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पुराने रिकॉर्ड से मैच करके जारी होगा नया नंबर
आरटीए विभाग से जुड़े अधिकारियों की मानें तो पंजाब में मोहाली जिले का गठन 2006 में हुआ था और यहां की ट्रांसपोर्ट अथारिटी द्वारा कोई विंटेज नंबर जारी नहीं किया गया। जबकि वीआईपी शहर में घूमने वाली विंटेज नंबर की सभी लग्जरी कारें पंजाब के अलग-अलग जिलों से रजिस्टर्ड हैं। इनका रिकॉर्ड मौजूद न होने की वजह से लोगों द्वारा विंटेज नंबर सरेंडर की फाइल को क्लीयर करने में कई प्रकार की मुश्किलें आ रही हैं। जबकि विंटेज नंबर सरेंडर करने वालों को तभी नया नंबर जारी होगा, जब तक उसका रिकार्ड पुराने रिकार्ड से मैच नहीं हो जाता और संबंधित जिलों से विंटेज नंबरों का रिकार्ड मंगवाने में कई-कई दिनों का समय लग रहा है। ऐसे में लोगों की मुश्किलों को देखते हुए विभाग द्वारा यह फैसला लेकर नया आदेश पारित किया गया है।
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जानकारी के मुताबिक, पंजाब में वीआईपी कल्चर खत्म करने व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मोटर अधिनियम-1988 के लागू होने के बाद पुराने फैंसी नंबरों (विंटेज नंबर) को बंद करने के आदेश सरकार द्वारा जारी किए हैं। साथ ही लोगों को हिदायत दी गई थी कि ये नंबर ट्रांसपोर्ट विभाग में सरेंडर करके नए नंबर लगवा लें। दूसरी ओर, मोहाली ट्रैफिक पुलिस और आरटीए विभाग द्वारा अलग-अलग जिले से संबंधित विंटेज नंबर लगाकर शहर में घूमने वाली कार मालिकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए इंपाउंड करना शुरू कर दिया और ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई का असर यह हुआ कि कार मालिकों ने विंटेज नंबर सरेंडर करने के लिए आरटीए के पास आवेदन शुरू कर दिए।
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उच्चाधिकारियों के फैसले पर आदेश जारी
विंटेज नंबर कार के मालिक को अब उसी जिले में नंबर सरेंडर करने के लिए आवेदन करना होगा, जिस जिले से उन्हें यह नंबर जारी किया गया है। ये आदेश उच्चाधिकारियों की ओर से लिए गए फैसले के बाद लागू किया गया है।
- दर्शन सिंह भाटिया, एसओ, रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी, मोहाली।