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Mohali News: सत्ताधारी गुट के पार्षदों के वार्डों में निगम खर्च करेगा करीब डेढ़ करोड़, विरोधी गुट ने जताया विरोध
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मोहाली। नगर निगम में एक बार फिर से राजनीति खुल के सामने आई है। हाल ही में हुई नगर निगम की वित्त एवं अनुबंध समिति (एफएंडसीसी) की मीटिंग में शहर के दस ऐसे वार्डों को चुना गया है। इसमें पड़ते पार्कों के विकास और मरम्मत के कार्यों को मंजूरी दी गई है। यह वो वार्ड है जिसमें अधिकतर सत्ताधारी गुट के पार्षद है। इन सभी प्रोजेक्ट्स पर नगर निगम करीब डेढ़ करोड़ रुपए खर्च करेगा। हालांकि, इस फैसले के बाद निगम की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। दरअसल, जिन दस पार्कों के लिए वर्क ऑर्डर जारी किए गए हैं, उनमें से नौ वार्ड सत्ताधारी कांग्रेस गुट के पार्षदों के हैं, जबकि सिर्फ एक वार्ड आप पार्टी के पार्षद का है।
दूसरी और विपक्षी पार्षद मनजीत सिंंह सेठी का आरोप है कि मौजूदा कांग्रेस शासित गुट ने विकास कार्यों के नाम पर पक्षपात किया है और विरोधी पार्षदों के वार्डों को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने कहा कि शहर के अन्य इलाकों में भी कई पार्क जर्जर हालत में हैं, लेकिन वहां कोई फंड जारी नहीं किया गया।
दूसरी ओर सत्ताधारी गुट के पार्षदों परमजीत सिंह हैप्पी, कमलप्रीत सिंह बन्नी, अनुराधा आनंद का कहना है कि ये फैसले जनहित में और प्राथमिकता वाले इलाकों को ध्यान में रखकर लिए गए हैं। उनका तर्क है कि जिन वार्डों में पार्कों की हालत सबसे खराब थी, वहां पहले काम शुरू किया जा रहा है। फिलहाल निगम के इस निर्णय को लेकर शहर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और विपक्ष ने इस फैसले की समीक्षा की मांग की है।
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दूसरी और विपक्षी पार्षद मनजीत सिंंह सेठी का आरोप है कि मौजूदा कांग्रेस शासित गुट ने विकास कार्यों के नाम पर पक्षपात किया है और विरोधी पार्षदों के वार्डों को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने कहा कि शहर के अन्य इलाकों में भी कई पार्क जर्जर हालत में हैं, लेकिन वहां कोई फंड जारी नहीं किया गया।
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दूसरी ओर सत्ताधारी गुट के पार्षदों परमजीत सिंह हैप्पी, कमलप्रीत सिंह बन्नी, अनुराधा आनंद का कहना है कि ये फैसले जनहित में और प्राथमिकता वाले इलाकों को ध्यान में रखकर लिए गए हैं। उनका तर्क है कि जिन वार्डों में पार्कों की हालत सबसे खराब थी, वहां पहले काम शुरू किया जा रहा है। फिलहाल निगम के इस निर्णय को लेकर शहर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और विपक्ष ने इस फैसले की समीक्षा की मांग की है।
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