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Mohali News: अगवा युवती का बनूड़ में मिला शव, परिवार ने घेरा थाना, मां ने पकड़ा एसएचओ का गिरेबान
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थाने में नाराजगी प्रकट करते परिजन। संवाद
जीरकपुर। जीरकपुर की बादल कॉलोनी से 7 मार्च को 22 वर्षीय युवती को चार युवकों ने अगवा कर लिया था। तीन दिन बाद उसी युवती का शव सोमवार को बनूड़ में गंदे नाले से बरामद हुआ है। उसको तिरपाल में बांधा हुआ था। अगवा युवती के परिवार ने उसी दिन जीरकपुर थाने में शिकायत दी थी पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। नतीजा यह निकला कि समय पर कार्रवाई न करने पर युवती की जान चली गई। मृतक युवती की पहचान मिताली के रूप में हुई है। लाश मिलने पर मृतका के परिवार ने देर शाम थाने के बाहर जमकर हंगामा किया। मृतक की मां पिंकी ने एसएचओ सेखों का गिरेबान पकड़ लिया और थाने में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस फोर्स ने गुस्साई भीड़ को शांत करने की कोशिश की पर लोग नहीं माने। इसके बाद में एसएचओ जसकंवल सेखों ने परिवार को तुरंत कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस मामले में खबर लिखे जाने तक पीड़ित परिवार थाने के बाहर डटा रहा। पुलिस मामला दर्ज करने में जुट गई।
परिवार ने लगाए मुस्लिम युवक पर अगवा के आरोप
मिताली के पिता सोहनलाल निवासी बादल कॉलोनी ने थाने में जो शिकायत दी है। उसमें आरोप लगाया कि उसकी लड़की मिताली पढ़ाई पूरी करने के बाद प्राइवेट नौकरी करती थी। सुलतान मोहम्मद निवासी मोहल्ला राजपुतान वाला बनूड ने 7 मार्च को उनकी लड़की को अपने दोस्तों के साथ गाड़ी मे अगवा किया था। उसी दिन उसने थाना जीरकपुर में शिकायत दी थी। इस शिकायत में बाकायदा सुल्तान नाम का लड़के के बारे में बताया गया था कि वह उनकी बेटी को काफी समय से परेशान कर रहा था। सुल्तान ने अपने साथी राज निवासी मोहल्ला घुमियारा वाला बनूड़ के साथ उसकी बेटी को अगवा किया। वह गाड़ी राज की थी। उनके साथ दो अन्य लड़के जिनका नाम अमनदीप निवासी मोहल्ला तरखाना वाला बनूड़ और रोहित कुमार मोहल्ला घुमियारा वाला बनूड़ भी साथ थे।
एएसआई पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप
परिजनों के अनुसार जीरकपुर थाने के एएसआई अशोक कुमार को शिकायत दी थी। एएसआई अशोक ने उनकी कोई बात नहीं सुनी और कहा कि इसमें मैं क्या करूं, घर से ही तो गई है मरी थोड़ी है। परिवार ने कहा कि उन्होंने एएसआई अशोक को उसी दिन आगाह कर दिया था कि अगर जल्दी कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोग उसे मार देंगे। उनकी शिकायत पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की जिस कारण आज उनकी बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी गई।
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बेटी की मौत की मिली सूचना
पिता सोहनलाल ने कहा वह अपने तौर पर बेटी की तलाश कर रहे थे। उन्हें सूचना मिली कि एक लड़की की लाश गांव पेहर बनूड़ में नाले में तिरपाल में लिपटी मिली है। सूचना मिलते ही वे चौकी राजपुरा में पहुंचे जहां पर पुलिस ने मृतक की फोटो दिखाई तो लाश उनकी बेटी की निकली। उन्होंने आरोप लगाया कि सुल्तान मोहम्मद ने अगवा करके षडयंत्र के तहत बेरहमी से उनकी बेटी की हत्या करके शव को खुर्द-बुर्द करने के लिए खेत के पास नाले में तिरपाल में डालकर फेंक दिया।
सुल्तान मोहम्मद के संपर्क में थी मिताली
सूत्रों के अनुसार मिताली सुल्तान मोहम्मद के संपर्क में थी। बताया जा रहा है कि मिताली सुल्तान से फोन पर बात करती थी, पर कुछ दिन पहले ही उसने उसे ब्लॉक कर दिया था। इसके बाद सुल्तान अपने दोस्त राज के फोन से उसे परेशान करने लगा था। मिताली की हत्या किस वजह से की गई यह खुलासा आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद होगा।
थाने में हंगामा होते ही एएसआई भागा
मिताली की लाश मिलने के बाद जब पीड़ित परिवार और मोहल्ले वाले (जिनमें 70 के करीब लोग थे) थाने पहुंचे तो गुस्साए लोगों की भीड़ देखकर एएसआई अशोक कुमार थाने से भाग गया। अशोक कुमार वही एसएचओ है, जिसने शिकायत पर कार्रवाई नहीं की थी। गुस्साए लोगों ने कहा कि अशोक कुमार को उसके सामने लेकर आएं।
हिंदी में शिकायत देने को हुआ हंगामा
बताया जा रहा है कि पीड़ित परिवार ने आज हिंदी में आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दी थी लेकिन पुलिस ने कहा कि वह शिकायत पंजाबी में लिखकर लेकर आए। मृतक के पिता ने कहा कि उन्हें जो भाषा लिखनी-पढ़नी आती है वह शिकायत उसी में देंगे, लेकिन पुलिस ने हिंदी में शिकायत लेने से मना कर दिया। इसके बाद पीड़ित परिवार ने हंगामा कर दिया। उनका कहना था कि उनकी जवान बेटी की हत्या कर दी गई और पुलिस उन्हें हिंदी-पंजाबी भाषा की शिकायत में उलझा रही है।
परिवार और कुछ महिलाओं ने मिलकर जीरकपुर थाने में हंगामा किया था। पुलिस ने उसमें कत्ल का मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है, जल्द ही जो आरोपी है वह पुलिस की गिरफ्त में आ जाएंगे। एसएचओ के गिरेबान पकड़ने जैसी कोई बात नहीं हुई। - दीपक पारीक, एसएसपी मोहाली।
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परिवार ने लगाए मुस्लिम युवक पर अगवा के आरोप
मिताली के पिता सोहनलाल निवासी बादल कॉलोनी ने थाने में जो शिकायत दी है। उसमें आरोप लगाया कि उसकी लड़की मिताली पढ़ाई पूरी करने के बाद प्राइवेट नौकरी करती थी। सुलतान मोहम्मद निवासी मोहल्ला राजपुतान वाला बनूड ने 7 मार्च को उनकी लड़की को अपने दोस्तों के साथ गाड़ी मे अगवा किया था। उसी दिन उसने थाना जीरकपुर में शिकायत दी थी। इस शिकायत में बाकायदा सुल्तान नाम का लड़के के बारे में बताया गया था कि वह उनकी बेटी को काफी समय से परेशान कर रहा था। सुल्तान ने अपने साथी राज निवासी मोहल्ला घुमियारा वाला बनूड़ के साथ उसकी बेटी को अगवा किया। वह गाड़ी राज की थी। उनके साथ दो अन्य लड़के जिनका नाम अमनदीप निवासी मोहल्ला तरखाना वाला बनूड़ और रोहित कुमार मोहल्ला घुमियारा वाला बनूड़ भी साथ थे।
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एएसआई पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप
परिजनों के अनुसार जीरकपुर थाने के एएसआई अशोक कुमार को शिकायत दी थी। एएसआई अशोक ने उनकी कोई बात नहीं सुनी और कहा कि इसमें मैं क्या करूं, घर से ही तो गई है मरी थोड़ी है। परिवार ने कहा कि उन्होंने एएसआई अशोक को उसी दिन आगाह कर दिया था कि अगर जल्दी कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोग उसे मार देंगे। उनकी शिकायत पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की जिस कारण आज उनकी बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी गई।
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बेटी की मौत की मिली सूचना
पिता सोहनलाल ने कहा वह अपने तौर पर बेटी की तलाश कर रहे थे। उन्हें सूचना मिली कि एक लड़की की लाश गांव पेहर बनूड़ में नाले में तिरपाल में लिपटी मिली है। सूचना मिलते ही वे चौकी राजपुरा में पहुंचे जहां पर पुलिस ने मृतक की फोटो दिखाई तो लाश उनकी बेटी की निकली। उन्होंने आरोप लगाया कि सुल्तान मोहम्मद ने अगवा करके षडयंत्र के तहत बेरहमी से उनकी बेटी की हत्या करके शव को खुर्द-बुर्द करने के लिए खेत के पास नाले में तिरपाल में डालकर फेंक दिया।
सुल्तान मोहम्मद के संपर्क में थी मिताली
सूत्रों के अनुसार मिताली सुल्तान मोहम्मद के संपर्क में थी। बताया जा रहा है कि मिताली सुल्तान से फोन पर बात करती थी, पर कुछ दिन पहले ही उसने उसे ब्लॉक कर दिया था। इसके बाद सुल्तान अपने दोस्त राज के फोन से उसे परेशान करने लगा था। मिताली की हत्या किस वजह से की गई यह खुलासा आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद होगा।
थाने में हंगामा होते ही एएसआई भागा
मिताली की लाश मिलने के बाद जब पीड़ित परिवार और मोहल्ले वाले (जिनमें 70 के करीब लोग थे) थाने पहुंचे तो गुस्साए लोगों की भीड़ देखकर एएसआई अशोक कुमार थाने से भाग गया। अशोक कुमार वही एसएचओ है, जिसने शिकायत पर कार्रवाई नहीं की थी। गुस्साए लोगों ने कहा कि अशोक कुमार को उसके सामने लेकर आएं।
हिंदी में शिकायत देने को हुआ हंगामा
बताया जा रहा है कि पीड़ित परिवार ने आज हिंदी में आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दी थी लेकिन पुलिस ने कहा कि वह शिकायत पंजाबी में लिखकर लेकर आए। मृतक के पिता ने कहा कि उन्हें जो भाषा लिखनी-पढ़नी आती है वह शिकायत उसी में देंगे, लेकिन पुलिस ने हिंदी में शिकायत लेने से मना कर दिया। इसके बाद पीड़ित परिवार ने हंगामा कर दिया। उनका कहना था कि उनकी जवान बेटी की हत्या कर दी गई और पुलिस उन्हें हिंदी-पंजाबी भाषा की शिकायत में उलझा रही है।
परिवार और कुछ महिलाओं ने मिलकर जीरकपुर थाने में हंगामा किया था। पुलिस ने उसमें कत्ल का मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है, जल्द ही जो आरोपी है वह पुलिस की गिरफ्त में आ जाएंगे। एसएचओ के गिरेबान पकड़ने जैसी कोई बात नहीं हुई। - दीपक पारीक, एसएसपी मोहाली।