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Mohali News: 50 बेड के सीएचसी में नहीं एक भी ऑर्थो विशेषज्ञ

Wed, 24 Dec 2025 02:04 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 24 Dec 2025 02:04 AM IST
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The 50-bed Community Health Center (CHC) does not have a single orthopedic specialist
जीरकपुर। ढकोली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) वर्तमान में डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। खासकर मेडिसिन, स्त्री रोग के विशेषज्ञों और ऑर्थो विशेषज्ञ की कमी का मरीजों को सामना करना पड़ रहा है। ढकोली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में मरीजों के बेहतर उपचार के लिए सरकार ने 30 बेड से बढ़ाकर 50 बेड का अस्पताल बनाने को मंजूरी दे दी है। सीएचसी का अपग्रेडेशन के बाद अस्पताल में एक अतिरिक्त मंजिल का निर्माण किया जाएगा। सीएचसी में हड्डी रोग विशेषज्ञ (ऑर्थोपेडिक डॉक्टर) की तैनाती न होने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि यहां आने वाले हड्डी संबंधी मरीजों का इलाज नर्सिंग स्टाफ के भरोसे चल रहा है। रोजाना करीब 300 मरीजों की ओपीडी वाले इस सीएचसी में हड्डी रोग विशेषज्ञ का न होना स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
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ढकोली सीएचसी में रोजाना करीब 15 से 20 मरीज हड्डियों के उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें फ्रैक्चर, जोड़ों के दर्द, कमर व गर्दन की समस्या के साथ-साथ सड़क हादसों में घायल एक्सीडेंटल मरीज भी शामिल रहते हैं। ऑर्थो डॉक्टर नहीं होने की वजह से मरीजों का प्राथमिक उपचार नर्सिंग स्टॉफ को करना पड़ता है। अगर कोई गंभीर मामला है तो जिसका उपचार करना नर्सों के वश में नहीं होता तो उन्हें अन्य अस्पतालों के लिए रेफर कर दिया जाता है। नाम न बताने की शर्त पर सीएचसी में तैनात एक डॉक्टर ने बताया कि अधिक गंभीर मरीजों को डेराबस्सी या चंडीगढ़ के सरकारी अस्पतालों में रेफर करना मजबूरी बन चुका है। उन्होंने कहा कि रोजाना करीब 5 से 7 मरीज ऐसे होते हैं, जिन्हें यहां समुचित इलाज न मिल पाने के कारण रेफर करना पड़ता है। इससे न केवल मरीजों को आर्थिक व मानसिक परेशानी झेलनी पड़ती है, बल्कि समय पर इलाज न मिलने का जोखिम भी बना रहता है।
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स्थानीय निवासी डॉ. अजय यादव ने कहा कि ढकोली और आसपास के क्षेत्रों में आबादी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में सीएचसी पर मरीजों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। हड्डी रोग विशेषज्ञ की कमी के चलते बुजुर्गों, मजदूरों और हादसों में घायल लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। कई मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है, जहां इलाज महंगा होने के कारण आम आदमी पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है।
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स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने कहा कि इस समस्या से अवगत कराए जाने के बावजूद अब तक ऑर्थोपेडिक डॉक्टर की भर्ती नहीं हो पाई है। डॉक्टरों और कर्मचारियों का कहना है कि यदि जल्द ही हड्डी रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं की गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। स्थानीय निवासियों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से मांग की है कि ढकोली सीएचसी में जल्द से जल्द हड्डी रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति की जाए, ताकि मरीजों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर और सुरक्षित उपचार मिल सके। संवाद





हड्डियों का डॉक्टर न होने से मरीजों को होने वाली परेशानियां
पीजीआई चंडीगढ़ के पूर्व ऑर्थो एचओडी डॉ. आदित्य का कहना है कि सामान्य डॉक्टर प्राथमिक इलाज और शुरुआती देखभाल कर सकते हैं, लेकिन जटिल या गंभीर फ्रैक्चर का सही आकलन और इलाज ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ ही बेहतर कर पाते हैं। अगर हड्डी को सही एंगल और पोजिशन में सेट नहीं किया गया, तो दर्द लंबे समय तक बना रह सकता है। हड्डी ठीक से जुड़ने में समस्या आ सकती है। बिना विशेषज्ञ इलाज के हड्डी गलत पोजिशन में जुड़ सकती है, जिसे मेडिकल भाषा में मैलयूनियन कहा जाता है। इसका असर हाथ, पैर या रीढ़ की हड्डी से जुड़े फ्रैक्चर में स्थायी कमजोरी, जकड़न या मूवमेंट की कमी के रूप में सामने आ सकता है। कई मामलों में मरीज को दोबारा सर्जरी की जरूरत भी पड़ सकती है। इसके अलावा हड्डी टूटने पर अगर ज्यादा ब्लीडिंग, सूजन या नसों पर दबाव पड़ता है, तो नसों को नुकसान, इंफेक्शन या आगे चलकर दोबारा इंजरी का खतरा बढ़ जाता है। खासतौर पर खुले फ्रैक्चर (जहां हड्डी बाहर दिखती है) में तुरंत ऑर्थोपेडिक इलाज बेहद जरूरी होता है।




ढकोली सीएचसी का अपग्रेडेशन हो गया है। यह सीएचसी 30 बेड का था। सरकार ने अधिक बोझ देखते हुए इसे 50 बेड का कर दिया है। जल्द ही अस्पताल में और अधिक विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी। -गगनदीप, एसएमओ सीएचसी ढकोली, जीरकपुर




ढकोली सीएचसी में ऑर्थो डॉक्टर की पोस्ट खाली है। इसके लिए हमने सरकार को लेटर लिख दिया है। जल्द ही ढकोली सामुदायिक केंद्र में ऑर्थो डॉक्टर की तैनाती की जाएगी। मरीजों को भी किसी भी तरह की परेशानी नहीं होगी। -डॉ. संगीता जैन सिविल सर्जन मोहाली
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