फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   Students of government schools will be prepared to make a career in the army

सेना में बढ़ेगा पंजाब का दबदबा -अब सरकारी स्कूलों के छात्रों को सेना में करियर बनाने के लिए किया जाएगा तैयार

Wed, 02 Nov 2022 02:15 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Wed, 02 Nov 2022 02:15 AM IST
विज्ञापन
Students of government schools will be prepared to make a career in the army
मोहाली। वीआईपी जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को सेना के उच्च पदों पर ज्वाइन करने के लिए अब रोजगार कार्यालय और शिक्षा विभाग मिलकर काम करेंगे। इसके तहत जहां विद्यार्थियों को सेना के बड़े संस्थानों में घुमाया जाएगा। सेना के अधिकारियों से उनकी मुलाकात करवाई जाएगी, साथ ही सेना से जुड़े करियर के नए अवसरों के बारे में बताया जाएगा। अगर सब कुछ सही रहा तो आने वाले दिनों में यह योजना साकार हो जाएगी। विभाग को उम्मीद है कि प्रोजेक्ट कामयाब रहेगा साथ ही सेना में पंजाब के युवाओं की संख्या बढ़ेगी।
विज्ञापन

सेना के तीनों अंगों में करियर बनाने के लिए युवाओं के पास कई मौके रहते हैं, लेकिन रोजगार कार्यालय के ध्यान में आया है कि युवा इन विकल्पों का लाभ नहीं उठा पाते हैं। बहुत से युवा अच्छी पढ़ाई-लिखाई और शारीरिक फिटनेस होने के बाद भी निजी क्षेत्र के होकर रह जाते हैं। ऐसे में अब विभाग की योजना 9वीं से लेकर 12वीं के विद्यार्थियों को रक्षा क्षेत्र के प्रति जागरूक करना है। दोनों विभागों का थिंक टैंक इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। प्रोजेक्ट अभी तक शुरूआती स्टेज में है। जिसे जल्द ही सरकारी मंजूरी मिलने की उम्मीद की जा रही है।
विज्ञापन

जानकारी के मुताबिक इस प्रोजेक्ट के तहत लड़कों को महाराजा रणजीत सिंह इंस्टीट्यूट और लड़कियों को माई भागो इंस्टीट्यूट लेकर जाने की तैयारी है। क्योंकि महाराजा रणजीत सिंह संस्थान में 10वीं के बाद एक प्रवेश परीक्षा लेने के बाद विद्यार्थियों को चुना जाता है। इसके बाद उन्हें एनडीए की ट्रेनिंग दी जाती है। जिसके बाद विद्यार्थी परीक्षा में अपीयर होते हैं। अब तक संस्थान के 170 विद्यार्थी सेना के तीनों अंगों को अफसर पद ज्वाइन कर चुके हैं। इसी तरह माई भागो संस्थान में लड़कियों को ट्रेनिंग दी जाती है। इन संस्थानों की सफलता का आकलन यहां से किया जा सकता है कि पड़ोसी राज्य राजस्थान और आंध्र प्रदेश अपने यहां इन दोनों संस्थानों की तर्ज पर संस्थान विकसित कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed