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मोहाली में घरों से नहीं उठा कूड़ा, मार्केटों में लगे गंदगी के ढेर
ब्यूरो, अमर उजाला/ मोहाली
Updated Mon, 04 Apr 2016 08:01 PM IST
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मोहाली में प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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शहर के सफाई मुलाजिमों की अनिश्चितकालीन हड़ताल सोमवार को 5वें दिन में प्रवेश कर गई। इस दौरान घरों से कूड़ा उठाने वाले मुलाजिम भी काम बंद कर हड़ताल में शामिल हो गए। वहीं, मुलाजिमों ने नगर निगम भवन से लेकर एयरपोर्ट रोड तक रोष मार्च निकाला। साथ ही वहां पर सरकार का पुतला जलाया। मुलाजिमों ने साफ किया है कि जल्द उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो संघर्ष और तेज होगा।
जानकारी के मुताबिक सफाई मुलाजिमों की हड़ताल के कारण मार्केटों से लेकर रिहायशी इलाके तक सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जगह-जगह कूड़े और गंदगी के ढेर लगे हैं। अब इससे बदबू उठने लगी है। ढेर के आसपास से गुजरने में मुश्किल आ रही हैं। दूसरी ओर लावारिस कुत्ते कूड़े को शहर की गलियों में बिखेर रहे हैं।
हालांकि नगर निगम कुछ जगह पर काम करवा रहा है, लेकिन मुलाजिम व्यवधान डाल रहे हैं। मुलाजिमों की ओर से यह संघर्ष दी क्लास फोर गवर्नमेंट इंप्लाइज यूनियन पंजाब के बैनर तले किया जा रहा है। रोष मार्च में सज्जन सिंह, मोहन सिंह, पवन गोडयाल, राजन चवरिया, शोभाराम, प्रीतम सिंह, शिव कुमार, महिलपाल, सुच्चा सिंह समेत कई नेता शामिल हुए।
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ठेका साढ़े तेरह करोड़, मुलाजिमों पर खर्च होंगे छह करोड़
संघर्ष पर चल रहे मुलाजिम नेताओं ने बताया कि नगर निगम की ओर से शहर की सफाई का ठेका एक साल के लिए प्राइवेट कंपनी को साढ़े तेरह करोड़ रुपये में दिया गया है। वहीं, यदि पक्के मुलाजिम रखे जाते तो खर्च मात्र साढ़े छह करोड़ रुपये आता।
जल्द सफाई नहीं हुई तो जाएंगे हाईकोर्ट: पार्षद
पार्षद कुलजीत सिंह बेदी का कहना है कि शहर में सफाई का बुरा हाल हो चुका है। हड़ताल पर चल रहे मुलाजिमों से नगर निगम व जिला प्रशासन के अधिकारियों ने अब तक बातचीत नहीं की है। इससे शहर की हालत और खराब हो गई है। उन्होंने बताया कि जिस सफाई कंपनी को सफाई का ठेका करोड़ों रुपये में दिया गया था। वह कंपनी भी पूरी तरह फेल रही है। उन्होंने बताया कि ऐसे हालात में जब सफाई कंपनी काम नहीं करवा सकती है तो कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही उसकी जगह कोई अन्य इंतजाम किए जाने चाहिए। उन्होंने बताया कि तीन लाख आबादी वाले मोहाली शहर का हड़ताल ने बुरा हाल करके रख दिया है। अगर जल्द ही इस दिशा में कार्रवाई नहीं हुई तो वह मामले को हाईकोर्ट ले जाएंगे।
यह हैं मुख्य मांगें
ठेके वाले मुलाजिमों को रेगुलर करना
पे-कमीशन व क्लास-4 कर्मचारियों के केंद्र से अलग पे स्केल हाो तैयार
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जानकारी के मुताबिक सफाई मुलाजिमों की हड़ताल के कारण मार्केटों से लेकर रिहायशी इलाके तक सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जगह-जगह कूड़े और गंदगी के ढेर लगे हैं। अब इससे बदबू उठने लगी है। ढेर के आसपास से गुजरने में मुश्किल आ रही हैं। दूसरी ओर लावारिस कुत्ते कूड़े को शहर की गलियों में बिखेर रहे हैं।
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हालांकि नगर निगम कुछ जगह पर काम करवा रहा है, लेकिन मुलाजिम व्यवधान डाल रहे हैं। मुलाजिमों की ओर से यह संघर्ष दी क्लास फोर गवर्नमेंट इंप्लाइज यूनियन पंजाब के बैनर तले किया जा रहा है। रोष मार्च में सज्जन सिंह, मोहन सिंह, पवन गोडयाल, राजन चवरिया, शोभाराम, प्रीतम सिंह, शिव कुमार, महिलपाल, सुच्चा सिंह समेत कई नेता शामिल हुए।
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ठेका साढ़े तेरह करोड़, मुलाजिमों पर खर्च होंगे छह करोड़
संघर्ष पर चल रहे मुलाजिम नेताओं ने बताया कि नगर निगम की ओर से शहर की सफाई का ठेका एक साल के लिए प्राइवेट कंपनी को साढ़े तेरह करोड़ रुपये में दिया गया है। वहीं, यदि पक्के मुलाजिम रखे जाते तो खर्च मात्र साढ़े छह करोड़ रुपये आता।
जल्द सफाई नहीं हुई तो जाएंगे हाईकोर्ट: पार्षद
पार्षद कुलजीत सिंह बेदी का कहना है कि शहर में सफाई का बुरा हाल हो चुका है। हड़ताल पर चल रहे मुलाजिमों से नगर निगम व जिला प्रशासन के अधिकारियों ने अब तक बातचीत नहीं की है। इससे शहर की हालत और खराब हो गई है। उन्होंने बताया कि जिस सफाई कंपनी को सफाई का ठेका करोड़ों रुपये में दिया गया था। वह कंपनी भी पूरी तरह फेल रही है। उन्होंने बताया कि ऐसे हालात में जब सफाई कंपनी काम नहीं करवा सकती है तो कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही उसकी जगह कोई अन्य इंतजाम किए जाने चाहिए। उन्होंने बताया कि तीन लाख आबादी वाले मोहाली शहर का हड़ताल ने बुरा हाल करके रख दिया है। अगर जल्द ही इस दिशा में कार्रवाई नहीं हुई तो वह मामले को हाईकोर्ट ले जाएंगे।
यह हैं मुख्य मांगें
ठेके वाले मुलाजिमों को रेगुलर करना
पे-कमीशन व क्लास-4 कर्मचारियों के केंद्र से अलग पे स्केल हाो तैयार