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Mohali News: जमीन की निशानदेही और बजट भी हुआ पास, पर नहीं बना वुमन हॉस्टल

Thu, 25 Apr 2024 07:00 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 25 Apr 2024 07:00 AM IST
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Six year old child hit by a speeding car, got five stitches on his head
मोहाली। जिले में कामकाजी (वर्किंग वुमन) महिलाओं के लिए पंजाब सरकार की ओर से बनाया जाने वाला वर्किंग वुमन हॉस्टल अब सपना ही बनकर रह गया है। क्योंकि इस हॉस्टल के लिए गमाडा की ओर से जमीन की निशानदेही भी कर दी गई और जमीन भी अलॉट कर दी थी, साथ ही 50 करोड़ रुपये का बजट भी पास कर दिया गया था। लेकिन इसके बावजूद इस पर काम नहीं किया गया है।सेक्टर-79 में बनाए जाने वाले इस वर्किंग वुमन हॉस्टल के लिए जगह भी वो चुनी गई थी जिसके आसपास आईटी सिटी और इंडस्ट्रियल एरिया भी हैं। इस हॉस्टल के निर्माण के लिए करीब 50 कराेड़ रुपये का बजट पास कर दिया गया था। अभी तक इस पर काम नहीं शुरू नहीं हो सका है। अब इसकी फाइल ठंडे बस्ते में पड़ी है।
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हॉस्टल में महिलाओं को अति आधुनिक सुविधाएं मुहैया करवाने के साथ उनकी सुरक्षा का भी पूरा इंतजाम किया जाना है। यह हॉस्टल बनने से इलाके में किराये के नाम पर होने वाली लूट से महिलाओं को राहत मिलती। मोहाली में कॉमर्शियल मॉल और इंडस्ट्रियल एरिया भी हैं। शहर में तकरीबन 50 हजार से अधिक महिलाएं पढ़ाई और नौकरी करती हैं। यह महिलाएं सिर्फ मोहाली शहर की ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों और जिलों से संबंधित हैं। इनमें से 70 फीसदी महिलाएं किराए के मकानों और पीजी में रहती हैं।
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यह हास्टल बन कर तैयार हो जाता तो महिलाओं को इसका फायदा मिल सकता था। गमाडा की ओर से वर्किंग वुमन हास्टल की साइट की निशानदेही पूरी प्लानिंग से की गई है। इसे नए और पुराने शहर के बिल्कुल बीचो-बीच बनाया जाना है। जिससे एयरोसिटी, आईटी सिटी और मोहाली के इंडस्ट्रियल एरिया में आसानी से महिलाएं पहुंच पाएं। इस एरिया में सुरक्षा को देखते हुए साइट का चयन किया गया था।
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महिलाओं को मिलनी थीं यह सुविधाएं
वर्किंग वुमन हॉस्टल में करीब 150 से अधिक कमरे बनाए जाने हैं। इनके साथ ही कॉमन हॉल, मेस, जिम, लाइब्रेरी समेत कई सुविधाएं दी जानी थीं। इसमें रहने के लिए बाकायदा रजिस्ट्रेशन किया जाएगा और अन्य प्रक्रियाएं होंगी। इंटरनेट भी यहां दिया जाना था। इस हॉस्टल के लिए कोई महिला यदि बाहर से आती और उसे एक दिन या कुछ समय के लिए रुकना होता तो उसे हॉस्टल में रुकने की सुविधा मिलेगी। इसके लिए चार्जेस अलग से रहेंगे। इन सबके एवज में यहां पर रहने वाली महिलाओं से फीस ली जाएगी।


कोट्स
मोहाली में जिस तेजी के साथ विकास कार्य हो रहे हैं और कंपनियां आ रहीं हैं, इसको देखते हुए गमाडा और अन्य विभागों को चाहिए कि यहां वर्किंग वुमन हॉस्टल जल्द से जल्द बनाया जाए। यह अब शहर के लिए काफी ज्यादा जरूरी हो गया है। -कुलजीत सिंह बेदी, डिप्टी मेयर, नगर निगम मोहाली
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