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निकाय विभाग को निगम को झटका, वित्त एवं ठेका कमेटी से छीना एक करोड़ खर्चने का अधिकार

Tue, 06 Jul 2021 02:15 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Tue, 06 Jul 2021 02:15 AM IST
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Shock to the corporation to the civic department, the right to spend one crore snatched from the finance and contract committee
मोहाली। निकाय विभाग ने नगर निगम में काबिज सत्ताधारी कांग्रेस को जबरदस्त झटका दिया है। नगर निगम की ओर से वित्त एवं ठेका कमेटी को एक करोड़ रुपये के विकास कार्य करवाने संबंधी पारित किए गए अधिकार को रद्द कर दिया है। साथ ही कहा है कि हाउस की बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा करने के बाद ही वित्त एवं ठेका कमेटी में लाया जाए।
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इस आदेश के बाद शहर की राजनीति फिर से गर्मा गई है। पूर्व मेयर की अगुवाई वाले आजाद ग्रुप ने इस मामले में प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि यह सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू और मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू के लिए बड़ा झटका है। आजाद ग्रुप के पार्षदों ने बताया कि विभाग ने कमिश्नर को हिदायत दी है कि कमेटी अब सीधे रूप में कोई खर्च नहीं कर सकती।
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जानकारी के मुताबिक सोमवार को आजाद ग्रुप के पार्षदों ने प्रेस कांफ्रेंस कर स्थानीय निकाय विभाग द्वारा जारी पत्र की कापी दिखाते हुए कहा कि सेेहत मंत्री बलबीर सिद्घू की मौजूदगी में नगर निगम की बैठक में हाउस की बहुसहमति से वित्त एवं ठेका कमेटी की एक करोड़ रुपये तक खर्च करने की पावर दी गई थी। जिसका उस समय भी आजाद ग्रुप के पार्षदों द्वारा एतराज किया गया था। साथ ही कहा था कि ऐसे में हाउस की ताकत खत्म हो गई है और यह चुने हुए पार्षदों की अनदेखी है। साथ ही एक कमेटी के सामने हाउस छोटा हो गया है। आजाद ग्रुप ने यह मांग की थी कि इस कमेटी में विरोधी गुट के दो पार्षद लिए जाएं ताकि कमेटी की पारदर्शिता बनी रहे। परंतु मेयर द्वारा विरोधी गुट की बात नहीं मानी गई। जिसके बाद आजाद ग्रुप के पार्षदों की ओर से अपनी राय निगम कमिश्नर के पास दर्ज करवाई गई। आजाद ग्रुप के पार्षदों ने बताया कि सेहत मंत्री सभी अधिकार अपने हाथों में रखना चाहते थे, लेकिन स्थानीय निकाय विभाग की ओर से मर्यादा को बहाल रखते हुए इस कारवाई को रद्द कर दिया है।
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निकाय विभाग ने यह लिखा पत्र में
निकाय विभाग की आरे से मोहाली समेत सभी नगर निगमों के कमिश्नरों को पत्र में कहा है कि सरकार के ध्यान में आया है कि नगर निगमों में वित्त एवं ठेका कमेटी के जरिए ऐसे प्रस्ताव पेश किए जाते हैं, जिनकी जनरल हाउस के जरिए सरकार से मंजूरी लेनी जरूरी होती है। लेकिन कमेटी एक प्रस्ताव के जरिए जनरल हाउस से कमेटी के सभी कामों की पुष्टि करवा लेती है और ऐसा करके पंजाब नगर निगम 1976 एक्ट की धाराओं पर सरकार की हिदायतों की अनदेखी की जाती है। पत्र में यह भी साफ कहा गया है कि जनरल हाउस में प्रस्ताव पर चर्चा के बाद ही कोई काम कमेटी के सामने लाया जाए। आजाद ग्रुप के पार्षदों ने कहा कि इस का स्पष्ट अर्थ यह है कि किसी काम के लिए खर्चा एस्टीमेट पास करने का अधिकार सिर्फ हाउस को ही है। हाउस में पास होने के बाद ही किसी भी काम के लिए ठेका करने का काम कमेटी को सौंपा जा सकता है।
पहले भी निकाय विभाग दे चुका है झटका
जानकारी के मुताबिक यह पहला मौका नहीं है, इससे पहले भी निकाय विभाग नगर निगम को झटका दे चुका है। निगम के सालाना बजट में कटौती की गई। इसके बाद पार्षदों को अपने वार्ड दस लाख करवाने संबंधी प्रस्ताव को रोक दिया गया था। इसके बाद नगर निगम के मेयर और अन्य अधिकारियों ने निकाय विभाग के अधिकारियों से बैठक की थी।

क्या कहते हैं डिप्टी मेयर
डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी ने कहा कि उक्त आदेश पूरे पंजाब को ध्यान में रखकर लिया गया है। जहां तक इससे मोहाली के विकास पर असर पड़ेगा। इससे सेहत मंत्री को किसी तरह झटका नहीं माना जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश शहर का विकास करना है।
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