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एयरोसिटी से लेकर आईटी सिटी तक तो बसा दी, लेकिन श्मशान घाट बनाना भूला गमाडा

Fri, 26 Nov 2021 02:27 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Fri, 26 Nov 2021 02:27 AM IST
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Settled from Aerocity to IT City, but GMADA forgot to make cremation ground
मोहाली। ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) की ओर से इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ लगते एरिया में एयरोसिटी से लेकर आईटी सिटी तक बसा दी गई है। साथ ही अब एक नई एयरोट्रोपोलिस सिटी बसाने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। लेकिन करीब 10 साल पहले यहां बसे लोगों को अभी तक भी मूलभूत सुविधाओं की तरह श्मशानघाट घाट के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। मजबूरी में लोगों को अपनों के दाह संस्कार के लिए मोहाली, चंडीगढ़ या जीरकपुर में जाना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, इस चक्कर में उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। कोरोना काल में यह दिक्कत और ज्यादा बढ़ गई थी। लोगों का कहना है कि गमाडा केवल प्रॉपर्टी बेचने पर जोर दे रहा है। लेकिन मूलभूत सुविधाओं पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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जानकारी के मुताबिक गमाडा ने करीब 10 साल पहले एयरोसिटी और उसके बाद आईटी बसाई थी। एयरोसिटी में 6 ब्लॉक हैं। करीब 10 हजार लोग वहां पर रह रहे हैं। ऐसी ही स्थिति आईटी सिटी में हैं। वहां पर भी 50 फीसदी बस गया है। इसके अलावा कई नामी कंपनियों ने वहां पर दफ्तर तक बना दिए हैं। लेकिन श्मशान घाट न होने से लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। गांव वालों का अपना श्मशानघाट है। जहां पर बाहरी लोगों को संस्कार की अनुमति नहीं है। इसके अलावा मोहाली और चंडीगढ़ काफी दूर है। दोनों के लिए लोगों को 15 से 30 किलोमीटर तक सफर तय करना पड़ता है। इतना ही नहीं कई बार तो संस्कार के लिए अपनी बारी का इंतजार भी करना पड़ता है। एयरोसिटी वेलफयेर एसोसिएशन के प्रधान रविंदर पाल तुल्ली और प्रेस सचिव मनोज शर्मा बताते हैं कि जब कोई शहर बसाया जाता है, तो श्मशान घाट मूलभूत सुविधाओं की कैटेगिरी में रहता है। लेकिन गमाडा की ओर से इस समस्या पर कभी ध्यान ही नहीं दिया गया। उनकी ओर से इस संबंध में बाकायदा विभाग के मंत्री और गमाडा के उच्च अधिकारियों को रिप्रेजेंटेशन दी गई। उनसे मांग की गई है कि पहल के आधार पर श्मशानघाट की सुविधा दी जाए। लेकिन अभी तक पर काम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि गमाडा सिर्फ ऑनलाइन प्रॉपर्टी की नीलामी कर करोड़ों रुपये इलाके से कमा रहा है। लेकिन लोगों की सुविधाओं की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। गमाडा को इस समस्या का हल करके पहल के आधार पर इस दिशा में काम करना होगा।
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धार्मिक स्थान नहीं, सड़कों पर होते हैं समागम
जानकारी के मुुुताबिक एयरोसिटी और आईटी सिटी में अभी तक भी कोई मंदिर या गुरुद्वारा नहीं बनाया गया है। इस वजह से भी लोगों को पूजा पाठ करने में दिक्कत आती है। लोगों का कहना है कि गमाडा की ओर से अभी तक भी किसी संस्था को जगह अलॉट नहीं की गई है। जबकि जिस समय इलाके का मास्टर प्लान बना होगा तो उसमें यह सभी सुविधाएं थी। उन्होंने बताया कि अब हमें सीएम चरणजीत सिंह चन्नी से उम्मीद है कि वह मंदिर और गुरुद्वारे के लिए जगह अलॉट करेंगे, जिससे लोग पूजा पाठ कर पाएं और अपने अपने बच्चों को भारतीय संस्कृति और नैतिक शिक्षा से जोड़ पाएंगे।
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जल्द बनाया जाएगा श्मशानघाट
इलाके में जल्द ही श्मशान घाट बनाया जाएगा। इस संबंधी जल्द ही काम शुरू हो जाएगा और इसके अलावा इलाके के लोगों की जो भी जरूरतें हैं, उन्हें पहल के आधार पर पूरा किया जाएगा। लोगों को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं उठानी पड़ेगी।
- बलबीर सिंह सिद्धू, हलका विधायक एवं पूर्व सेहत मंत्री पंजाब।
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