{"_id":"5ed568d08ebc3e9091407946","slug":"revenue-department-approves-to-open-patwari-officess-work-will-be-done-from-today-mohali-news-pkl3768870180","type":"story","status":"publish","title_hn":"पटवारखाने खोलने की राजस्व विभाग से मिली मंजूरी, आज से होंगे काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पटवारखाने खोलने की राजस्व विभाग से मिली मंजूरी, आज से होंगे काम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीरकपुर। शहर में प्रापर्टी की खरीद-फरोख्त का कारोबार करने वालों को राहत प्रदान करते हुए सोमवार को जीरकपुर सब-तहसील के नायब तहसीलदार वरिन्दर सिंह धुत्त के नेतृत्व में पटवारियों के साथ बैठक हुई। इसमें मौजूद पटवारियों को प्रापर्टीज की रजिस्ट्रेशन को लेकर तैयार होने वाले जरूरी कागजों के लिए दफ्तर खोलकर दस्तावेजी कार्यों को निपटाने के आदेश दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, कोरोना वायरस की दस्तक के बाद पंजाब की राज्य सरकार की तरफ से बीती 23 मार्च को सूबे की सभी तहसील और सब-तहसील कार्यालयों के सिविल कार्यों पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी थी। जिसका असर यह हुआ कि प्रापर्टीज की खरीद-फरोख्त करने वाले कारोबारियों का काम पूरी तरह से बंद होकर रह गया और शहर के अंदर होने वाली रेजिडेंशियल और कामर्शियल एक्टीविटीज बंद हो गई। दूसरी ओर, पंजाब सरकार की तरफ से बीती 8 मई को तहसील और सब-तहसील कार्यालयों को खोलकर प्रापर्टीज की रजिस्ट्रेशन के कार्यों को मंजूरी प्रदान कर दी।
पटवारखाने खोलने को नहीं मिली थी मंजूरी
बीती 8 मई को जीरकपुर सब-तहसील के अंदर प्रापर्टीज के रजिस्ट्रेशन के काम को चालू कर दिया गया। परंतु प्रापर्टीज की रजिस्ट्रेशन का काम तभी पूरा होता है जब प्रापर्टी की खरीद-फरोख्त करने वाले के पास जमीन के रिकॉर्ड की पूरी जानकारी हो। यहां बताना जरूरी है कि जमीन के रिकॉर्ड की असल जानकारी पटवारियों के पास होती है, परंतु लॉकडाउन के दौरान पटवारियों की ड्यूटियां कोविड-19 के चलते शहर के अंदर जरूरतमंद लोगों को राशन सामग्री बांटने में लगी हुई थी। दूसरी ओर, 8 मई को जीरकपुर सब-तहसील कार्यालय खुलने के बाद लोग प्रापर्टी का रजिस्ट्रेशन करवाने तहसील ऑफिस तो जरूर पहुंचे, लेकिन खरीद की जाने वाली जमीन के रिकॉर्ड की असलियत न होने के कारण उन्हें लौटना पड़ा। सरकार की तरफ से तहसील कार्यालयों को तो खोल दिया गया, परंतु पटवारखानों खोलने को लेकर कोई आदेश प्रदान नहीं किए।
विज्ञापन
समाचार छपने के बाद हरकत में आया प्रशासन
पंजाब सरकार की ओर से खोली गई जीरकपुर सब-तहसील ऑफिस में आए लोगों से बातचीत की और पता चला कि अधिकतर लोगों के पास जमीन के रिकॉर्ड की असलियत नहीं है। वे लोग बिना प्रापर्टी का रजिस्ट्रेशन करवाए लौट रहे हैं। वहीं, लोगों की परेशानी को उजागर करते हुए अमर उजाला ने बीती 14 मई समाचार पत्र में लोगों की परेशानियों को प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
कोट्..
मंगलवार से पटवारी अपने दफ्तर में बैठकर प्रापर्टीज रजिस्ट्रेशन को लेकर जुड़े दस्तावेजों के कार्यों को अंजाम देंगे। इस दौरान, पटवारियों को अपने दफ्तर के अंदर कोविड-19 के चलते सोशल डिस्टेंसिंग, हैंड सैनिटाइजर आदि चीजों का इस्तेमाल करना अनिवार्य किया गया है। - वरिन्दर धुत्त, नायब तहसीलदार, जीरकपुर सब-तहसील।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, कोरोना वायरस की दस्तक के बाद पंजाब की राज्य सरकार की तरफ से बीती 23 मार्च को सूबे की सभी तहसील और सब-तहसील कार्यालयों के सिविल कार्यों पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी थी। जिसका असर यह हुआ कि प्रापर्टीज की खरीद-फरोख्त करने वाले कारोबारियों का काम पूरी तरह से बंद होकर रह गया और शहर के अंदर होने वाली रेजिडेंशियल और कामर्शियल एक्टीविटीज बंद हो गई। दूसरी ओर, पंजाब सरकार की तरफ से बीती 8 मई को तहसील और सब-तहसील कार्यालयों को खोलकर प्रापर्टीज की रजिस्ट्रेशन के कार्यों को मंजूरी प्रदान कर दी।
विज्ञापन
पटवारखाने खोलने को नहीं मिली थी मंजूरी
बीती 8 मई को जीरकपुर सब-तहसील के अंदर प्रापर्टीज के रजिस्ट्रेशन के काम को चालू कर दिया गया। परंतु प्रापर्टीज की रजिस्ट्रेशन का काम तभी पूरा होता है जब प्रापर्टी की खरीद-फरोख्त करने वाले के पास जमीन के रिकॉर्ड की पूरी जानकारी हो। यहां बताना जरूरी है कि जमीन के रिकॉर्ड की असल जानकारी पटवारियों के पास होती है, परंतु लॉकडाउन के दौरान पटवारियों की ड्यूटियां कोविड-19 के चलते शहर के अंदर जरूरतमंद लोगों को राशन सामग्री बांटने में लगी हुई थी। दूसरी ओर, 8 मई को जीरकपुर सब-तहसील कार्यालय खुलने के बाद लोग प्रापर्टी का रजिस्ट्रेशन करवाने तहसील ऑफिस तो जरूर पहुंचे, लेकिन खरीद की जाने वाली जमीन के रिकॉर्ड की असलियत न होने के कारण उन्हें लौटना पड़ा। सरकार की तरफ से तहसील कार्यालयों को तो खोल दिया गया, परंतु पटवारखानों खोलने को लेकर कोई आदेश प्रदान नहीं किए।
विज्ञापन
समाचार छपने के बाद हरकत में आया प्रशासन
पंजाब सरकार की ओर से खोली गई जीरकपुर सब-तहसील ऑफिस में आए लोगों से बातचीत की और पता चला कि अधिकतर लोगों के पास जमीन के रिकॉर्ड की असलियत नहीं है। वे लोग बिना प्रापर्टी का रजिस्ट्रेशन करवाए लौट रहे हैं। वहीं, लोगों की परेशानी को उजागर करते हुए अमर उजाला ने बीती 14 मई समाचार पत्र में लोगों की परेशानियों को प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
कोट्..
मंगलवार से पटवारी अपने दफ्तर में बैठकर प्रापर्टीज रजिस्ट्रेशन को लेकर जुड़े दस्तावेजों के कार्यों को अंजाम देंगे। इस दौरान, पटवारियों को अपने दफ्तर के अंदर कोविड-19 के चलते सोशल डिस्टेंसिंग, हैंड सैनिटाइजर आदि चीजों का इस्तेमाल करना अनिवार्य किया गया है। - वरिन्दर धुत्त, नायब तहसीलदार, जीरकपुर सब-तहसील।