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प्रॉपर्टी डीलर से एक करोड़ लूट के मामले में रंजोध पांच दिन के रिमांड पर
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डेराबस्सी। शहर में दिनदहाड़े प्रापर्टी डीलर हरजीत नागपाल के दफ्तर से एक करोड़ रुपये की लूट के मामले में 24 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। घटना का मास्टरमाइंड रंजोध सिंह निवासी जीरा, हॉल वासी रेलवे विहार सोसायटी, वीआईपी रोड, जीरकपुर को पुलिस ने कल उसके फ्लैट से गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि अभी तक घटना के मुख्य दोषियों को पुलिस पकड़ नहीं पाई है।
मामले में गोली लगने वाला फल विक्रेता मोहम्मद साबिर पीजीआई में भर्ती है। उसके हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। गोली उसके सिर के बायीं ओर छू कर निकल गई जिससे उसकी जान बच गई। गिरफ्तार किए गए आरोपी रंजोध सिंह को आज अदालत में पेश किया गया जहां से उसे पांच दिन के पुलिस रिमांड में भेज दिया गया।
मास्टरमाइंड रंजोध सिंह के पिता परगट सिंह जीरा में एक आढ़ती हैं। उनका वहां अच्छा रुतबा है।
पुलिस जांच में पता चला कि लूट का मास्टरमाइंड रंजोध सिंह और उसका एक साथी मनिंदर सिंह जो अमृतसर का रहने वाला है। दोनों जीरकपुर सोसायटी के फ्लैट में एक साथ रहते थे। रंजोध और मनिंदर कई दिनों से प्रॉपर्टी डीलर के संपर्क में थे। वे वीआईपी रोड पर डीलर को एक सस्ता शोरूम दिलाने के लिए पहले भी कई बार दफ्तर आ चुके थे। 9 जून को दफ्तर में रंजोध, मनिंदर और उनके साथ दो साथी रेकी करने आए। शुक्रवार को शोरूम का बयाना करने के लिए इन्हें दफ्तर आना था लेकिन रंजोध ने गुरुग्राम जाने का बहाना बनाया और मनिंदर और दो अन्य साथी दफ्तर में आ गए।
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डीएसपी गुरबख्शीश सिंह ने बताया कि लूट की पूरी साजिश रंजोध और मनिंदर ने रची थी जबकि अन्य साथी उन्होंने शामिल किए थे। घटना के बाद सभी अलग-अलग फरार हुए हैं और पुलिस की टीमें उनकी तलाश में दबिश दे रही है।
मौके की तलाश में डेढ़ घंटे दफ्तर में बैठे रहे आरोपी
वारदात को अंजाम देने आए तीनों आरोपी मौके की तलाश में डेढ़ घंटे तक दफ्तर में बैठे रहे। जब वह दफ्तर पहुंचे तो वहां हरजीत नागपाल और पांच अन्य लोग बैठे थे। उनके सामने लुटेरों ने लूट की कोशिश नहीं की। इसी बीच मास्टरमाइंड मनिंदर ने कुछ खाने-पीने की इच्छा जाहिर करते हुए पांच में से दो लोगों को बाजार से समोसे लाने के लिए भेजा। इस दौरान मौका देख आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया।
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मामले में गोली लगने वाला फल विक्रेता मोहम्मद साबिर पीजीआई में भर्ती है। उसके हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। गोली उसके सिर के बायीं ओर छू कर निकल गई जिससे उसकी जान बच गई। गिरफ्तार किए गए आरोपी रंजोध सिंह को आज अदालत में पेश किया गया जहां से उसे पांच दिन के पुलिस रिमांड में भेज दिया गया।
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मास्टरमाइंड रंजोध सिंह के पिता परगट सिंह जीरा में एक आढ़ती हैं। उनका वहां अच्छा रुतबा है।
पुलिस जांच में पता चला कि लूट का मास्टरमाइंड रंजोध सिंह और उसका एक साथी मनिंदर सिंह जो अमृतसर का रहने वाला है। दोनों जीरकपुर सोसायटी के फ्लैट में एक साथ रहते थे। रंजोध और मनिंदर कई दिनों से प्रॉपर्टी डीलर के संपर्क में थे। वे वीआईपी रोड पर डीलर को एक सस्ता शोरूम दिलाने के लिए पहले भी कई बार दफ्तर आ चुके थे। 9 जून को दफ्तर में रंजोध, मनिंदर और उनके साथ दो साथी रेकी करने आए। शुक्रवार को शोरूम का बयाना करने के लिए इन्हें दफ्तर आना था लेकिन रंजोध ने गुरुग्राम जाने का बहाना बनाया और मनिंदर और दो अन्य साथी दफ्तर में आ गए।
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डीएसपी गुरबख्शीश सिंह ने बताया कि लूट की पूरी साजिश रंजोध और मनिंदर ने रची थी जबकि अन्य साथी उन्होंने शामिल किए थे। घटना के बाद सभी अलग-अलग फरार हुए हैं और पुलिस की टीमें उनकी तलाश में दबिश दे रही है।
मौके की तलाश में डेढ़ घंटे दफ्तर में बैठे रहे आरोपी
वारदात को अंजाम देने आए तीनों आरोपी मौके की तलाश में डेढ़ घंटे तक दफ्तर में बैठे रहे। जब वह दफ्तर पहुंचे तो वहां हरजीत नागपाल और पांच अन्य लोग बैठे थे। उनके सामने लुटेरों ने लूट की कोशिश नहीं की। इसी बीच मास्टरमाइंड मनिंदर ने कुछ खाने-पीने की इच्छा जाहिर करते हुए पांच में से दो लोगों को बाजार से समोसे लाने के लिए भेजा। इस दौरान मौका देख आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया।