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जीरकपुर बस स्टैंड के अंदर बसों की जगह खड़ी मिलती हैं निजी कारें, मुसाफिरों को झेलनी पड़ती हैं मुश्किलें

Fri, 30 Jul 2021 02:06 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Fri, 30 Jul 2021 02:06 AM IST
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Private cars are parked inside Zirakpur bus stand instead of buses, passengers have to face difficulties
जीरकपुर। पंजाब सरकार की ओर से शहरवासियों की सुविधा को देखते हुए करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए बस स्टैंड के अंदर बसों की जगह निजी कारें खड़ी रहती हैं। आलम यह है कि बस चालकों को अपनी बसें दूसरी जगहों पर रोककर सवारियां उठाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। दूसरी ओर, मामले को लेकर जब संबंधित विभाग के बड़े अधिकारी ने इस मामले से अनजान बताया और संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश देने का भरोसा दिया।
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जानकारी के मुताबिक, पंचकूला, चंडीगढ़ और मोहाली की सीमाओं पर सटे शहर जीरकपुर की सीमाओं को देखकर लोगों ने यहां निवेश करके अपने आशियाने बनाए हैं। वहीं कुछ साल में ही शहर की आबादी 4 लाख से अधिक का आंकड़ा पार कर चुकी है। इतनी बढ़ी आबादी वाले शहर के अंदर रहने वाले लोगों की ओर से मूलभूत सुविधाओं की मांग में लगातार की जा रही है। शहर में बिजली, पानी और सड़कों की समस्या के बाद अगर किसी चीज की सबसे ज्यादा जरूरत है तो वो है शहर के अंदर और बाहर आवाजाही करने के लिए परिवहन के उचित प्रबंध। दूसरी ओर, शहर के अंदर प्रशासन की ओर से लोगों की सुविधा को देखते हुए परिवहन को लेकर जो प्रबंध किए गए, वो शहरवासियों के लिए मुसीबत का सबब बने हुए हैं। वहीं, करोड़ों रुपये की लागत से बनाए बस स्टैंड के अंदर मुसाफिरों को बस के बजाय गाड़ियां खड़ी हुई देखने को मिलती हैं और लंबी दूरी की बस के लिए मुख्य हाईवे पर खड़े होकर इंतजार करना पड़ता है।
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2011 में बना बस स्टैंड नहीं आ रहा लोगों के काम
शहर की लगातार बढ़ती आबादी को देखते हुए पंजाब सरकार की ओर से जीरकपुर में सवारियों के आने-जाने के लिए बसों के रुकने के लिए शहर के बीच बस स्टैंड बनाने का फैसला लिया गया था। इसके बाद 2011 में शहर के बीच से गुजरते हाईवे पर कालका चौक के पास करीब 4 करोड़ रुपये की लागत से बस स्टैंड का निर्माण किया गया। वहीं इस बस स्टैंड में आने वाली बसों की वजह से शहर के अंदर ट्रैफिक जाम की स्थिति न बने, इसको लेकर आर्किटेक्ट की ओर से इसे बाकायदा गोलाकार रूप दिया गया। इसके पीछे मकसद यह था कि एक गेट से दाखिल होकर बस अंदर से सवारियों छोड़कर और बैठाकर घूमती हुई दूसरे गेट से बाहर निकल जाए। लेकिन यहां बसें आती ही नहीं हैं और यह बस स्टैंड लोगों के काम नहीं आ रहा है। जबकि बसें शहर से बाहर अंबाला हाईवे के किनारे सिंघपुरा चौक से आगे रुकती हैं।
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ये कहना है स्थानीय लोगों का :
निजी वाहन मालिकों पर हो कार्रवाई
बस स्टैंड के पास बने मॉल में खरीददारी करने वाले अधिकतर लोग अपने वाहन बस स्टैंड में पार्क कर देते हैं। इसका खामियाजा उन मुसाफिरों को भुगतना पड़ता है जो बस की तलाश में यहां पहुंचते तो जरूर हैं, लेकिन उन्हें यहां पर बस की जगह गाड़ियां खड़ी मिलती हैं। प्रशासनिक अधिकारियों को चाहिए कि बस स्टैंड के अंदर निजी वाहन पार्क करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। जिससे कोई अपने वाहन अंदर पार्क न कर सकें।
- परवीन कुमार शर्मा।
बस स्टैंड लोगों की सुविधा के लिए होता है, लेकिन यहां सुविधा के बजाय असुविधा हो रही है। क्योंकि बसों की जगह यहां गाड़ियां खड़ी रहती हैं, और बस चालकों को अपनी बसें अन्य जगहों पर पार्क करनी पड़ती हैं। ऐसे में सवारियों को अपने गंतव्य तक जाने वाली बसें कहां से मिलेंगी इसका पता ही नहीं चलता और इधर-उधर भटकने के बाद ऑटो में सफर करने को मजबूर होना पड़ता है।

- हरदीप सिंह गाजीपुर।
मामला जानकारी में नहीं, लेकिन कार्रवाई की जाएगी : मनिंदर सिद्धू
बस स्टैंड के अंदर किसी को अपने निजी वाहन पार्क करने की इजाजत नहीं है। जीरकपुर बस स्टैंड के अंदर बस की जगह गाड़ियां पार्क होने का मामला मेरी जानकारी में नहीं है। इस संबंधी पता लगाकर इसे लिए जिम्मदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। इससे लोगों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी। -मनिंदर सिंह सिद्धू, जीएम, पीआरटीसी, सेक्टर-29 चंडीगढ़।
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