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बिजली संकट : 76 मेगावाट मांग बढ़ी, स्टाफ की कमी से सप्लाई बाधित, लोग परेशान
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मोहाली। जिले में उमस भरी गर्मी और रात के तापमान में लगातार बढ़ोतरी के कारण बिजली की मांग तेजी से बढ़ गई है। मांग बढ़ने के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में अघोषित बिजली कट भी बढ़ गए हैं, जिससे लोगों की मुश्किलें दोगुनी हो गई हैं। बिजली विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मई और जून में बिजली की मांग करीब 76 मेगावाट बढ़ी है। पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिलने के कारण शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह लंबे-लंबे बिजली कट लगाए जा रहे हैं।
मोहाली, खरड़, डेराबस्सी, जीरकपुर और आसपास के इलाकों में दिन के साथ-साथ रात के समय भी बिजली की आंख-मिचौली जारी है। बड़माजरा सहित कई क्षेत्रों में पिछले 20 घंटे से रुक-रुक कर बिजली कट लगने की शिकायतें सामने आई हैं। बड़माजरा निवासी सुनीता वर्मा, अंजू, पारसनाथ और पवन सिंह ने बताया कि उमस भरी गर्मी में बिना बिजली के घरों में रहना मुश्किल हो गया है। रात के समय बिजली गुल होने से लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है। बच्चों, बुजुर्गों तथा मरीजों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। बिजली कटों का असर घरेलू जीवन के अलावा पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ रहा है। कई इलाकों में बिजली नहीं होने से पानी की मोटरें नहीं चल पा रही हैं। इससे लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। लगातार कट लगने से इनवर्टर भी पूरी तरह चार्ज नहीं हो पा रहे हैं। इससे बैकअप व्यवस्था भी जवाब देने लगी है।
मांग में भारी वृद्धि
बढ़ती मांग के कारण पूरे प्रदेश में बिजली पर दबाव बना हुआ है। मई 2025 में मोहाली टेक्निकल एक और दो को मिलाकर 514 मेगावाट बिजली की मांग थी। यह मई और जून 2026 में बढ़कर 590 मेगावाट हो गई है। यह करीब 76 मेगावाट की वृद्धि दर्शाती है। गर्मी और बिजली की मांग बढ़ने के कारण पावर ग्रिड ओवरलोड हो जाते हैं। इसके चलते शहर में बिजली के अघोषित कट लग रहे हैं। यदि तापमान में गिरावट नहीं आई तो आने वाले दिनों में मांग और बढ़ने की संभावना है।
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तकनीकी स्टाफ की कमी से बढ़ी परेशानी
गर्मियां शुरू होते ही बिजली फॉल्ट की शिकायतें बढ़ जाती हैं। तकनीकी स्टाफ की कमी के चलते बिजली फॉल्ट समय से ठीक नहीं हो रहे हैं। लोग पावरकॉम के शिकायत नंबर पर बार-बार फोन करते हैं। उन्हें इंतजार करने को कहा जाता है। विभाग में लाइनमैन की कमी के चलते शिकायतें समय से हल नहीं हो पातीं। मोहाली सर्कल में लाइनमैन के 364 पद मंजूर हैं, जिनमें से 244 खाली हैं। इस समय केवल 120 रेगुलर लाइनमैन सेवाएं दे रहे हैं।
हर साल बिजली के कनेक्शन में बढ़ोतरी होने के कारण डिमांड बढ़ रही है। विभाग द्वारा पिछले साल से शहर के विभिन्न एरिया में स्थित ग्रिड की क्षमता को बढ़ाया गया है। इसके बाद गर्मी बढ़ने पर मांग बढ़ गई है। -अक्षय कुमार, एक्सईएन, पावर ग्रिड मोहाली
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मोहाली, खरड़, डेराबस्सी, जीरकपुर और आसपास के इलाकों में दिन के साथ-साथ रात के समय भी बिजली की आंख-मिचौली जारी है। बड़माजरा सहित कई क्षेत्रों में पिछले 20 घंटे से रुक-रुक कर बिजली कट लगने की शिकायतें सामने आई हैं। बड़माजरा निवासी सुनीता वर्मा, अंजू, पारसनाथ और पवन सिंह ने बताया कि उमस भरी गर्मी में बिना बिजली के घरों में रहना मुश्किल हो गया है। रात के समय बिजली गुल होने से लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है। बच्चों, बुजुर्गों तथा मरीजों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। बिजली कटों का असर घरेलू जीवन के अलावा पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ रहा है। कई इलाकों में बिजली नहीं होने से पानी की मोटरें नहीं चल पा रही हैं। इससे लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। लगातार कट लगने से इनवर्टर भी पूरी तरह चार्ज नहीं हो पा रहे हैं। इससे बैकअप व्यवस्था भी जवाब देने लगी है।
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मांग में भारी वृद्धि
बढ़ती मांग के कारण पूरे प्रदेश में बिजली पर दबाव बना हुआ है। मई 2025 में मोहाली टेक्निकल एक और दो को मिलाकर 514 मेगावाट बिजली की मांग थी। यह मई और जून 2026 में बढ़कर 590 मेगावाट हो गई है। यह करीब 76 मेगावाट की वृद्धि दर्शाती है। गर्मी और बिजली की मांग बढ़ने के कारण पावर ग्रिड ओवरलोड हो जाते हैं। इसके चलते शहर में बिजली के अघोषित कट लग रहे हैं। यदि तापमान में गिरावट नहीं आई तो आने वाले दिनों में मांग और बढ़ने की संभावना है।
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तकनीकी स्टाफ की कमी से बढ़ी परेशानी
गर्मियां शुरू होते ही बिजली फॉल्ट की शिकायतें बढ़ जाती हैं। तकनीकी स्टाफ की कमी के चलते बिजली फॉल्ट समय से ठीक नहीं हो रहे हैं। लोग पावरकॉम के शिकायत नंबर पर बार-बार फोन करते हैं। उन्हें इंतजार करने को कहा जाता है। विभाग में लाइनमैन की कमी के चलते शिकायतें समय से हल नहीं हो पातीं। मोहाली सर्कल में लाइनमैन के 364 पद मंजूर हैं, जिनमें से 244 खाली हैं। इस समय केवल 120 रेगुलर लाइनमैन सेवाएं दे रहे हैं।
हर साल बिजली के कनेक्शन में बढ़ोतरी होने के कारण डिमांड बढ़ रही है। विभाग द्वारा पिछले साल से शहर के विभिन्न एरिया में स्थित ग्रिड की क्षमता को बढ़ाया गया है। इसके बाद गर्मी बढ़ने पर मांग बढ़ गई है। -अक्षय कुमार, एक्सईएन, पावर ग्रिड मोहाली