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Mohali News: धरने और इनवेस्टर्स समिट में पुलिस व्यस्त, थाने असुरक्षित
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धरने और इनवेस्टर्स समिट पर पुलिस व्यस्त, थाने असुरक्षित
अजनाला में थाने पर हुए हमले के बाद जिला पुलिस की सुरक्षा पर उठे सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। अजनाला में अमृतपाल सिंह के समर्थकों की ओर से थाने पर किए गए हमले के बाद जिले के मोहाली जिले के थानों में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं। पिछले काफी समय से जिले की पुलिस धरना और वीआईपी ड्यूटी में तैनात है। थानों में दिन और रात के समय में नाममात्र के लिए ही कर्मचारी मौजूद होते हैं।
जानकारी के मुताबिक वीरवार को अमृतपाल सिंह के समर्थकों ने अजनाला थाने पर हमला बोल दिया था। इस घटना में छह पुलिस मुलाजिमों के घायल होने की खबर है। मोहाली जिले के सभी थानों में हालात इससे भी ज्यादा गंभीर हैं। थानों में मुश्किल से दो या तीन कर्मचारी ही एक समय पर मौजूद होते हैं, क्योंकि मोहाली के वाईपीएस चौक पर चल रहे कौमी इंसाफ मोर्चे के धरने के कारण जिले की ज्यादातर पुलिस को वहां पर लगाया गया है। इसके अलावा 23 और 24 फरवरी को जिले में प्रोग्रेसिव पंजाब इनवेस्टर्स सम्मिट होने के कारण वहां भी पुलिस कर्मचारी और अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इस कारण जिले के थाने और अधिकारियों के दफ्तर खाली पड़े हैं। अगर इस तरह की घटना जिले के किसी थाने में गठित होती है तो पुलिस को इससे निपटना मुश्किल हो जाएगा। लोगों का कहना है कि थाने में उनके द्वारा दी गई शिकायतें काफी समय से लंबित पड़ी हुई है। पुलिस अधिकारी मौजूद नहीं होते हैं। इस कारण उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। खरड़ निवासी एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उसके घर से चोरी हो गई थी। इसकी शिकायत उसने खरड़ थाने में दी थी लेकिन पिछले तीन दिनों से अधिकारी थाने में मौजूद न होने के कारण अब तक उसकी सुनवाई नहीं हो पाई है।
कोट
थानों की सुरक्षा का मामला पुलिस के अधिकारियों के ध्यान में है। सभी कर्मचारी शहर में ही स्थानीय ड्यूटी पर हैं। अगर इस तरह की कोई वारदात सामने आती है, तो समय से पहले मौके पर पुलिस बल उपलब्ध करवा दिया जाएगा। -अजिंदर सिंह, एसपी हेडक्वार्टर, मोहाली
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अजनाला में थाने पर हुए हमले के बाद जिला पुलिस की सुरक्षा पर उठे सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। अजनाला में अमृतपाल सिंह के समर्थकों की ओर से थाने पर किए गए हमले के बाद जिले के मोहाली जिले के थानों में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं। पिछले काफी समय से जिले की पुलिस धरना और वीआईपी ड्यूटी में तैनात है। थानों में दिन और रात के समय में नाममात्र के लिए ही कर्मचारी मौजूद होते हैं।
जानकारी के मुताबिक वीरवार को अमृतपाल सिंह के समर्थकों ने अजनाला थाने पर हमला बोल दिया था। इस घटना में छह पुलिस मुलाजिमों के घायल होने की खबर है। मोहाली जिले के सभी थानों में हालात इससे भी ज्यादा गंभीर हैं। थानों में मुश्किल से दो या तीन कर्मचारी ही एक समय पर मौजूद होते हैं, क्योंकि मोहाली के वाईपीएस चौक पर चल रहे कौमी इंसाफ मोर्चे के धरने के कारण जिले की ज्यादातर पुलिस को वहां पर लगाया गया है। इसके अलावा 23 और 24 फरवरी को जिले में प्रोग्रेसिव पंजाब इनवेस्टर्स सम्मिट होने के कारण वहां भी पुलिस कर्मचारी और अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इस कारण जिले के थाने और अधिकारियों के दफ्तर खाली पड़े हैं। अगर इस तरह की घटना जिले के किसी थाने में गठित होती है तो पुलिस को इससे निपटना मुश्किल हो जाएगा। लोगों का कहना है कि थाने में उनके द्वारा दी गई शिकायतें काफी समय से लंबित पड़ी हुई है। पुलिस अधिकारी मौजूद नहीं होते हैं। इस कारण उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। खरड़ निवासी एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उसके घर से चोरी हो गई थी। इसकी शिकायत उसने खरड़ थाने में दी थी लेकिन पिछले तीन दिनों से अधिकारी थाने में मौजूद न होने के कारण अब तक उसकी सुनवाई नहीं हो पाई है।
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थानों की सुरक्षा का मामला पुलिस के अधिकारियों के ध्यान में है। सभी कर्मचारी शहर में ही स्थानीय ड्यूटी पर हैं। अगर इस तरह की कोई वारदात सामने आती है, तो समय से पहले मौके पर पुलिस बल उपलब्ध करवा दिया जाएगा। -अजिंदर सिंह, एसपी हेडक्वार्टर, मोहाली
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