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लोगों को जाम से मिलेगी राहत, हरियाली भी रहेगी बरकरार
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मोहाली। फेज-सात से 11 जाने वाली सड़क पर आने वाले दिनों में जाम की दिक्कत पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। साथ ही सड़क हादसों पर भी लगाम लगेगी क्योंकि ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथारिटी (गमाडा) ने सड़क को चौड़ा करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। इस काम पर 39 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
इसके साथ ही यह भी फैसला किया गया है कि सड़क की राह में आने वाले 270 पेड़ों पर इस बार कुल्हाड़ी नहीं चलेगी। वहां पर लगे पेड़ों को हटाकर भारत-पाक संबंधों की यादगार नेचर पार्क में लगवाया जा रहा है। जैसे ही यह काम पूरा हो जाएगा, उसके बाद गमाडा अगली कार्रवाई करेगा। उम्मीद है कि सात दिसंबर 2022 तक सड़क तैयार कर लोगों को समर्पित कर दी जाएगी।
फेज-सात से 11 जाने वाली सड़क को शॉपिंग स्ट्रीट के नाम से जाना जाता है। इस सड़क के दोनों किनारों पर शहर के प्रमुख बाजार, अस्पताल और रिहायशी इलाका है। इतना ही नहीं दुनिया का सबसे बेहतरीन क्रिकेट मैदान पीसीए भी इसी सड़क के किनारे पर स्थित है। इसके अलावा इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम, ओलंपिक भवन को छूते हुए यह सड़क निकलती है। ऐसे में इस सड़क पर आवाजाही अधिक रहती है। लगभग साढ़े तीन किलोमीटर लंबी इस सड़क का काम गमाडा ने सिंगला कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया है।
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पहले चरण में सड़क के दोनों किनारों पर लगे पेड़ हटाए जा रहे हैं। फेज-7 लाइट प्वाइंट से पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड मुख्यालय तक सड़क को तीस मीटर से बढ़ाकर साठ मीटर तक करने की योजना पर काम चल रहा है। इसके आगे की सड़क को दस मीटर से करीब तीस मीटर तक करने की दिशा में काम किया जाएगा।
सुबह और शाम होती है सबसे ज्यादा दिक्कत
फेज- सात से लेकर 11 तक जाने वाली सड़क के किनारे सारे नामी स्कूल, बाजार और सरकारी संस्थान हैं। ऐसे में सुबह आठ से दस बजे, दोपहर 12 से दो और शाम पांच से लेकर आठ बजे तक जाम की सबसे ज्यादा दिक्कत आती है। कई बार तो पांच मिनट के सफर को पूरा करने में लोगों को पंद्रह से बीस मिनट लग जाते हैं। वहीं, इसके साथ लगती एक अन्य रोड करीब तीस महीने से बंद पड़ी है क्योंकि वहां पर निर्माण कार्य चल रहा है। ऐसे में जिन लोगों को फेज-11 से खरड़ जाना होता है, वे भी इस सड़क को ही विकल्प के रूप में चुनते हैं।
करीब तीस साल पुराने हैं पेड़
सड़क को चौड़ा करने की राह में हटाए जा रहे पेड़ करीब तीस साल पुराने हैं। इतने पेड़ काटने की अनुमति भी सरकार को नहीं मिलनी थी, ऐसे में यह राह चुनी गई है। निजी कंपनी पेड़ लगाने के बाद उनकी देखभाल का जिम्मा भी संभालेगी। अधिकारियों का कहना है कि अगर यह प्रयोग कामयाब रहता है, तो इसे राज्य के अन्य हिस्सों में आजमाया जाएगा। साथ ही इस प्रयोग के कामयाब होने से विकास कार्यों से जुड़े कामों में तेजी आएगी।
वातावरण को बचाने की कोशिश
सड़क को चौड़ा करने की दिशा में काम शुरू हो गया है। अभी पेड़ सड़क के किनारे से उखाड़ कर नेचर पार्क में लगा रहे हैं। इससे वातावरण को शुद्ध रखने में काफी फायदा होगा, क्योंकि एक पेड़ दिन में काफी मात्रा में ऑक्सीजन छोड़ता है, जो लोगों के लिए काफी फायदेमंद है। -मनदीप सिंह, एक्सईएन हार्टिकल्चर गमाडा
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इसके साथ ही यह भी फैसला किया गया है कि सड़क की राह में आने वाले 270 पेड़ों पर इस बार कुल्हाड़ी नहीं चलेगी। वहां पर लगे पेड़ों को हटाकर भारत-पाक संबंधों की यादगार नेचर पार्क में लगवाया जा रहा है। जैसे ही यह काम पूरा हो जाएगा, उसके बाद गमाडा अगली कार्रवाई करेगा। उम्मीद है कि सात दिसंबर 2022 तक सड़क तैयार कर लोगों को समर्पित कर दी जाएगी।
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फेज-सात से 11 जाने वाली सड़क को शॉपिंग स्ट्रीट के नाम से जाना जाता है। इस सड़क के दोनों किनारों पर शहर के प्रमुख बाजार, अस्पताल और रिहायशी इलाका है। इतना ही नहीं दुनिया का सबसे बेहतरीन क्रिकेट मैदान पीसीए भी इसी सड़क के किनारे पर स्थित है। इसके अलावा इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम, ओलंपिक भवन को छूते हुए यह सड़क निकलती है। ऐसे में इस सड़क पर आवाजाही अधिक रहती है। लगभग साढ़े तीन किलोमीटर लंबी इस सड़क का काम गमाडा ने सिंगला कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया है।
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पहले चरण में सड़क के दोनों किनारों पर लगे पेड़ हटाए जा रहे हैं। फेज-7 लाइट प्वाइंट से पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड मुख्यालय तक सड़क को तीस मीटर से बढ़ाकर साठ मीटर तक करने की योजना पर काम चल रहा है। इसके आगे की सड़क को दस मीटर से करीब तीस मीटर तक करने की दिशा में काम किया जाएगा।
सुबह और शाम होती है सबसे ज्यादा दिक्कत
फेज- सात से लेकर 11 तक जाने वाली सड़क के किनारे सारे नामी स्कूल, बाजार और सरकारी संस्थान हैं। ऐसे में सुबह आठ से दस बजे, दोपहर 12 से दो और शाम पांच से लेकर आठ बजे तक जाम की सबसे ज्यादा दिक्कत आती है। कई बार तो पांच मिनट के सफर को पूरा करने में लोगों को पंद्रह से बीस मिनट लग जाते हैं। वहीं, इसके साथ लगती एक अन्य रोड करीब तीस महीने से बंद पड़ी है क्योंकि वहां पर निर्माण कार्य चल रहा है। ऐसे में जिन लोगों को फेज-11 से खरड़ जाना होता है, वे भी इस सड़क को ही विकल्प के रूप में चुनते हैं।
करीब तीस साल पुराने हैं पेड़
सड़क को चौड़ा करने की राह में हटाए जा रहे पेड़ करीब तीस साल पुराने हैं। इतने पेड़ काटने की अनुमति भी सरकार को नहीं मिलनी थी, ऐसे में यह राह चुनी गई है। निजी कंपनी पेड़ लगाने के बाद उनकी देखभाल का जिम्मा भी संभालेगी। अधिकारियों का कहना है कि अगर यह प्रयोग कामयाब रहता है, तो इसे राज्य के अन्य हिस्सों में आजमाया जाएगा। साथ ही इस प्रयोग के कामयाब होने से विकास कार्यों से जुड़े कामों में तेजी आएगी।
वातावरण को बचाने की कोशिश
सड़क को चौड़ा करने की दिशा में काम शुरू हो गया है। अभी पेड़ सड़क के किनारे से उखाड़ कर नेचर पार्क में लगा रहे हैं। इससे वातावरण को शुद्ध रखने में काफी फायदा होगा, क्योंकि एक पेड़ दिन में काफी मात्रा में ऑक्सीजन छोड़ता है, जो लोगों के लिए काफी फायदेमंद है। -मनदीप सिंह, एक्सईएन हार्टिकल्चर गमाडा