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इस्सापुर रेलवे फाटक पर जाम लगने से लोग परेशान
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इस्सापुर रेलवे फाटक पर लगे जाम में फंसे वाहन।
- फोटो : ?????????
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डेराबस्सी। अंबाला-कालका रेलवे लाइन पर स्थित इस्सापुर रेलवे फाटक 24 घंटे में लगभग कई बार बंद होता है। बार-बार फाटक बंद होने के कारण यहां जाम लग जाता है। बता दें कि इस रेलवे फाटक से गुजरने वाला रास्ता 12 गांवों को जोड़ता है।
इस फाटक से गुजरकर लोग डेराबस्सी, जीरकपुर, चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला जाते हैं। हर एक घंटे पर रेलवे फाटक बंद होता है और हजारों लोगों को परेशान होना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी इन गांवों से आपातकालीन स्थिति में मरीजों को डेराबस्सी, चंडीगढ़, मोहाली या पंचकूला सहित अन्य अस्पतालों में ले जाते समय होती है। कई बार तो मरीज को अस्पताल पहुंचाने में देरी हो जाती है। जानकारी के अनुसार डेराबस्सी को कई गांवों से जोड़ने वाली इस्सापुर सड़क अहम सड़कों में से एक है। यहां सारा दिन वाहनों की आवाजाही रहती है।
15 से 20 मिनट बंद होता है फाटक
इस्सापुर रेलवे फाटक को रेलगाड़ी निकालने के लिए दिन में हरेक घंटे बाद 15 से 20 मिनट के लिए बंद करना पड़ता है। इस कारण लोगों को परेशान होना पड़ता है। इसके अलावा जाम के चलते यहां पर हमेशा वाहन चालक उलझते रहते हैं। सिंगल सड़क होने के कारण फाटक लगने पर यहां पर भारी भीड़ जमा हो जाती है। वाहन चालक एक-दूसरे के आगे वाहन खड़ा करने के चक्कर में फाटक खुलने पर आपस में उलझ जाते हैं। फाटक बंद होने पर कई लोग जल्दी निकलने के चक्कर में अपनी जान को जोखिम में डालते हुए नीचे से निकलने की कोशिश करते हैं। लोग लंबे समय से यहां फाटक बनाने की मांग करते आ रहे हैं। इस संबंधी डेराबस्सी के एसडीएम कुलदीप बावा ने कहा कि जल्द रेलवे विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर लोगों की समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा।
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अधिकारियों ने किया था दौरा
जानकारी के अनुसार इस्सापुर फाटक पर अंडरपाथ बनाने को लेकर रेलवे विभाग की ओर से नगर परिषद के अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से दौरा किया गया था। इस दौरान यहां डबल लेन अंडरब्रिज के लिए पर्याप्त जगह न होने के कारण मामला बीच ही लटक गया। लेकिन तकनीकी माहिर के अनुसार यहां पर रेलवे ओवरब्रिज बनाया जा सकता है। ओवरब्रिज बनने के बाद लोगों की समस्या का समाधान करवाया जा सकता है।
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इस फाटक से गुजरकर लोग डेराबस्सी, जीरकपुर, चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला जाते हैं। हर एक घंटे पर रेलवे फाटक बंद होता है और हजारों लोगों को परेशान होना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी इन गांवों से आपातकालीन स्थिति में मरीजों को डेराबस्सी, चंडीगढ़, मोहाली या पंचकूला सहित अन्य अस्पतालों में ले जाते समय होती है। कई बार तो मरीज को अस्पताल पहुंचाने में देरी हो जाती है। जानकारी के अनुसार डेराबस्सी को कई गांवों से जोड़ने वाली इस्सापुर सड़क अहम सड़कों में से एक है। यहां सारा दिन वाहनों की आवाजाही रहती है।
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15 से 20 मिनट बंद होता है फाटक
इस्सापुर रेलवे फाटक को रेलगाड़ी निकालने के लिए दिन में हरेक घंटे बाद 15 से 20 मिनट के लिए बंद करना पड़ता है। इस कारण लोगों को परेशान होना पड़ता है। इसके अलावा जाम के चलते यहां पर हमेशा वाहन चालक उलझते रहते हैं। सिंगल सड़क होने के कारण फाटक लगने पर यहां पर भारी भीड़ जमा हो जाती है। वाहन चालक एक-दूसरे के आगे वाहन खड़ा करने के चक्कर में फाटक खुलने पर आपस में उलझ जाते हैं। फाटक बंद होने पर कई लोग जल्दी निकलने के चक्कर में अपनी जान को जोखिम में डालते हुए नीचे से निकलने की कोशिश करते हैं। लोग लंबे समय से यहां फाटक बनाने की मांग करते आ रहे हैं। इस संबंधी डेराबस्सी के एसडीएम कुलदीप बावा ने कहा कि जल्द रेलवे विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर लोगों की समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा।
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अधिकारियों ने किया था दौरा
जानकारी के अनुसार इस्सापुर फाटक पर अंडरपाथ बनाने को लेकर रेलवे विभाग की ओर से नगर परिषद के अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से दौरा किया गया था। इस दौरान यहां डबल लेन अंडरब्रिज के लिए पर्याप्त जगह न होने के कारण मामला बीच ही लटक गया। लेकिन तकनीकी माहिर के अनुसार यहां पर रेलवे ओवरब्रिज बनाया जा सकता है। ओवरब्रिज बनने के बाद लोगों की समस्या का समाधान करवाया जा सकता है।