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ढाई साल से लोगों को अंतिम यात्रा में भी खाने पड़ रहे धक्के
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मोहाली। शहरवासियों को अपने सगे संबंधियों की मौत हो जाने पर उनके पार्थिव शरीर को श्मशानघाट तक पहुंचाने के लिए धक्के खाने पड़ रहे हैं। आलम यह है कि नाइपर से बलौंगी जाने वाली सड़क ढाई साल से एक तरफ से बंद है। इस कारण वैकल्पिक रास्तों की मदद से श्मशानघाट तक पहुंचते हैं। वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने में समय के साथ-साथ जाम आदि जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
जानकारी के मुताबिक शहर में लगातार बढ़ती सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या को देखते हुए नगर निगम द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से सीवरेज की नई लाइन बिछाने का फैसला हुआ। सीवरेज की नई पाइपलाइन नाइपर इंस्टीट्यूट से बलौंगी तक डाली जानी है। इस कारण सड़क पर पूरी तरह से आवाजाही बंद कर दी गई। कभी बरसात का मौसम तो कभी मिट्टी के सैंपल की रिपोर्ट में देरी होने की वजह से काम काफी समय तक लटका रहा। सीवरेज लाइन के प्रोजेक्ट को शुरू हुए ढाई साल से अधिक का समय बीत चुका है परन्तु प्रोजेक्ट अभी तक पूरा नहीं हुआ जबकि कुछ जगहों पर सीवरेज की नई पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है लेकिन खुदाई की वजह से सड़क पर मिट्टी ही पड़ी है। इस कारण लोगों को आवाजाही के दौरान मुश्किलों का सामना करना पड़ता है और लोगों को वैकल्पिक रास्तों की मदद से आवाजाही करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
बार-बार रुक जाता है काम
जानकारी के अनुसार, करोड़ों रुपये की लागत से बिछाई जाने वाली सीवरेज की नई पाइपलाइन के प्रोजेक्ट को डेढ़ साल में पूरा होना था लेकिन कोई न कोई अड़चन आने की वजह से इसका काम लटकता ही गया। दूसरी ओर, नाइपर इंस्टीट्यूट से बलौंगी को जोड़ने वाली एकमात्र सड़क है। नगर निगम द्वारा जब से सड़क की खुदाई करके पाइपालाइन बिछाने का काम शुरू किया है तब से यहां से आवाजाही नाममात्र होती है। चौपहिया वाहन चालक सड़क से होकर निकलने से कतराते हैं।
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एयरपोर्ट रोड पर जाम में फंसी अंतिम यात्रा
जानकारी के अनुसार सीवरेज लाइन प्रोजेक्ट के कारण बंद होने वाली सड़क का खामियाजा शहर की आबादी को भुगतना पड़ रहा है। बीते दिनों फेज-9 में किसी व्यक्ति की मौत हो जाने के बाद उसके पार्थिव शरीर को श्मशानघाट लेकर जाना था लेकिन सड़क की हालत को देखते हुए एयरपोर्ट रोड से लेकर जाना पड़ा। दूसरी ओर, एयरपोर्ट रोड पर लाइट प्वाइंट और तेज रफ्तार वाहनों की वजह से जाम की स्थिति बन गई। साथ ही मौके पर पुलिस कर्मचारियों की तैनाती न होने के कारण लंबा समय ट्रैफिक जाम में बिताना पड़ा। यह समस्या केवल फेज-नौ वालों को नहीं बल्कि इसके आसपास लगने वाले क्षेत्र वासियों को उठानी पड़ रही है। शहरवासियों ने मांग की है कि जल्द से जल्द इस सड़क का निर्माण कार्य पूरा करके सड़क को खोला जाए।
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जानकारी के मुताबिक शहर में लगातार बढ़ती सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या को देखते हुए नगर निगम द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से सीवरेज की नई लाइन बिछाने का फैसला हुआ। सीवरेज की नई पाइपलाइन नाइपर इंस्टीट्यूट से बलौंगी तक डाली जानी है। इस कारण सड़क पर पूरी तरह से आवाजाही बंद कर दी गई। कभी बरसात का मौसम तो कभी मिट्टी के सैंपल की रिपोर्ट में देरी होने की वजह से काम काफी समय तक लटका रहा। सीवरेज लाइन के प्रोजेक्ट को शुरू हुए ढाई साल से अधिक का समय बीत चुका है परन्तु प्रोजेक्ट अभी तक पूरा नहीं हुआ जबकि कुछ जगहों पर सीवरेज की नई पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है लेकिन खुदाई की वजह से सड़क पर मिट्टी ही पड़ी है। इस कारण लोगों को आवाजाही के दौरान मुश्किलों का सामना करना पड़ता है और लोगों को वैकल्पिक रास्तों की मदद से आवाजाही करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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बार-बार रुक जाता है काम
जानकारी के अनुसार, करोड़ों रुपये की लागत से बिछाई जाने वाली सीवरेज की नई पाइपलाइन के प्रोजेक्ट को डेढ़ साल में पूरा होना था लेकिन कोई न कोई अड़चन आने की वजह से इसका काम लटकता ही गया। दूसरी ओर, नाइपर इंस्टीट्यूट से बलौंगी को जोड़ने वाली एकमात्र सड़क है। नगर निगम द्वारा जब से सड़क की खुदाई करके पाइपालाइन बिछाने का काम शुरू किया है तब से यहां से आवाजाही नाममात्र होती है। चौपहिया वाहन चालक सड़क से होकर निकलने से कतराते हैं।
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एयरपोर्ट रोड पर जाम में फंसी अंतिम यात्रा
जानकारी के अनुसार सीवरेज लाइन प्रोजेक्ट के कारण बंद होने वाली सड़क का खामियाजा शहर की आबादी को भुगतना पड़ रहा है। बीते दिनों फेज-9 में किसी व्यक्ति की मौत हो जाने के बाद उसके पार्थिव शरीर को श्मशानघाट लेकर जाना था लेकिन सड़क की हालत को देखते हुए एयरपोर्ट रोड से लेकर जाना पड़ा। दूसरी ओर, एयरपोर्ट रोड पर लाइट प्वाइंट और तेज रफ्तार वाहनों की वजह से जाम की स्थिति बन गई। साथ ही मौके पर पुलिस कर्मचारियों की तैनाती न होने के कारण लंबा समय ट्रैफिक जाम में बिताना पड़ा। यह समस्या केवल फेज-नौ वालों को नहीं बल्कि इसके आसपास लगने वाले क्षेत्र वासियों को उठानी पड़ रही है। शहरवासियों ने मांग की है कि जल्द से जल्द इस सड़क का निर्माण कार्य पूरा करके सड़क को खोला जाए।