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ओआरएस का घोल व जिंक की गोलियां दस्त रोग का सही इलाज :
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‘ओआरएस का घोल और जिंक की गोलियां दस्त रोग का सही इलाज’
- जिले के 33 लाख बच्चों को मुहिम से किया जाएगा कवर
- 4 से 17 जुलाई तक 15 दिन घर-घर जाकर आशा वर्कर पिलाएंगी ओआरएस
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। नेशनल हेल्थ मिशन की ओर से सोमवार को 15 दिवसीय इंटीग्रेटिड डायरिया कंट्रोल फोर्टनाइट (आईडीसीएफ) कार्यक्रम की शुरूआत की गई। इस दौरान आशा वर्कर घर-घर जाकर पांच साल से कम उम्र वाले बच्चों को ओआरएस के पैकेट वितरित करने के साथ-साथ दस्त बीमारी संबंधी जानकारी प्रदान करेगी। यह कहना है कि एनएचएम के डायरेक्टर तेज प्रताप सिंह फूलका का।
दस्त रोकने के लिए 15 दिवसीय राज्य स्तरीय आईडीसीएफ कार्यक्रम की शुरूआत की गई, इसका उद्घाटन डायरेक्टर तेज प्रताप सिंह फूलका ने किया और कहा कि यह अभियान 4 से 17 जुलाई तक पूरे सूबे में मनाया जाएगा, जिसके तहत पांच साल से कम उम्र वाले 33 लाख बच्चों को इसमें कवर किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक अभियान के 15 दिनों तक पांच साल से कम उम्र वाले बच्चों की दस्त कारण होने वाली मौतों को कम करना है। जबकि देश में कम से कम 1.2 लाख बच्चों की दस्त के कारण मौत होती है और 5 साल से कम उम्र का हर बच्चा साल में कम से कम दो से तीन बार दस्त से पीड़ित होता है। वहीं, सरकार का लक्ष्य दस्त कारण होने वाले बच्चों की मौत को शून्य करना है। वहीं बच्चों में दस्त की रोकथाम के लिए हर स्तर पर जागरूकता पैदा करना, दस्त से पीड़ित बच्चों को ओआरएस और जिंक की गोलियां देना, हाथ धोने की तकनीकी का प्रदर्शन और प्रचार करना शामिल है।
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शहरी और झुग्गियों के लिए मोबाइल सेहत टीमों की दस्त कंट्रोल गतिविधियों को तेज करना भी अहम लक्ष्य होगा। जबकि विभाग के डायरेक्टर सेहत सेवा रणजीत सिंह ने कहा कि पांच साल से कम उम्र के बच्चों में दस्त की बीमारी मौत का बड़ा कारण है। ओआरएस का घोल और जिंक की गोलियां दस्त रोग का सही इलाज है। इस दौरान आशा वर्कर घर-घर जाकर पांच साल से कम उम्र वाले बच्चे को ओआरएस का पैकेट मुहैया करवाएंगी और ओआरएस का घोल बनाने का तरीका बताएंगी। इसके अलावा दस्त बीमारी के लक्षण, कारण और इलाज के बारे में जागरूक करने के अलावा आशा वर्कर हर घर के बाहर निशान लगाएगी।
इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. आदर्शपाल कौर, डिप्टी डायरेक्टर निशा शाही, सहायक डायरेक्टर डॉ. विनीत नागपाल, राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. इंद्रदीप कौर, जिला टीकाकरण अधिकारी, गिरीश डोगरा, एसएमओ एचएस चीमा और विजय भगत सहित अन्य मौजूद थे।
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- जिले के 33 लाख बच्चों को मुहिम से किया जाएगा कवर
- 4 से 17 जुलाई तक 15 दिन घर-घर जाकर आशा वर्कर पिलाएंगी ओआरएस
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। नेशनल हेल्थ मिशन की ओर से सोमवार को 15 दिवसीय इंटीग्रेटिड डायरिया कंट्रोल फोर्टनाइट (आईडीसीएफ) कार्यक्रम की शुरूआत की गई। इस दौरान आशा वर्कर घर-घर जाकर पांच साल से कम उम्र वाले बच्चों को ओआरएस के पैकेट वितरित करने के साथ-साथ दस्त बीमारी संबंधी जानकारी प्रदान करेगी। यह कहना है कि एनएचएम के डायरेक्टर तेज प्रताप सिंह फूलका का।
दस्त रोकने के लिए 15 दिवसीय राज्य स्तरीय आईडीसीएफ कार्यक्रम की शुरूआत की गई, इसका उद्घाटन डायरेक्टर तेज प्रताप सिंह फूलका ने किया और कहा कि यह अभियान 4 से 17 जुलाई तक पूरे सूबे में मनाया जाएगा, जिसके तहत पांच साल से कम उम्र वाले 33 लाख बच्चों को इसमें कवर किया जाएगा।
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जानकारी के मुताबिक अभियान के 15 दिनों तक पांच साल से कम उम्र वाले बच्चों की दस्त कारण होने वाली मौतों को कम करना है। जबकि देश में कम से कम 1.2 लाख बच्चों की दस्त के कारण मौत होती है और 5 साल से कम उम्र का हर बच्चा साल में कम से कम दो से तीन बार दस्त से पीड़ित होता है। वहीं, सरकार का लक्ष्य दस्त कारण होने वाले बच्चों की मौत को शून्य करना है। वहीं बच्चों में दस्त की रोकथाम के लिए हर स्तर पर जागरूकता पैदा करना, दस्त से पीड़ित बच्चों को ओआरएस और जिंक की गोलियां देना, हाथ धोने की तकनीकी का प्रदर्शन और प्रचार करना शामिल है।
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शहरी और झुग्गियों के लिए मोबाइल सेहत टीमों की दस्त कंट्रोल गतिविधियों को तेज करना भी अहम लक्ष्य होगा। जबकि विभाग के डायरेक्टर सेहत सेवा रणजीत सिंह ने कहा कि पांच साल से कम उम्र के बच्चों में दस्त की बीमारी मौत का बड़ा कारण है। ओआरएस का घोल और जिंक की गोलियां दस्त रोग का सही इलाज है। इस दौरान आशा वर्कर घर-घर जाकर पांच साल से कम उम्र वाले बच्चे को ओआरएस का पैकेट मुहैया करवाएंगी और ओआरएस का घोल बनाने का तरीका बताएंगी। इसके अलावा दस्त बीमारी के लक्षण, कारण और इलाज के बारे में जागरूक करने के अलावा आशा वर्कर हर घर के बाहर निशान लगाएगी।
इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. आदर्शपाल कौर, डिप्टी डायरेक्टर निशा शाही, सहायक डायरेक्टर डॉ. विनीत नागपाल, राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. इंद्रदीप कौर, जिला टीकाकरण अधिकारी, गिरीश डोगरा, एसएमओ एचएस चीमा और विजय भगत सहित अन्य मौजूद थे।