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Mohali News: सिसवां में चल रहे मदरसे में पढ़ रहे 15 बच्चों को स्कूल भेजने के आदेश
Mon, 01 Jul 2024 03:00 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
Updated Mon, 01 Jul 2024 03:00 AM IST
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राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के चेयरपर्सन प्रियांक कानूनगो ने दबिश देकर की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसीनयागांव। गांव सिसवां में जंगल के बीच बनी दरगाह में एक मदरसे में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के चेयरपर्सन प्रियांक कानूनगो ने दबिश दी। इस दौरान वहां पढ़ रहे 15 बच्चों को उनके घर नूंह (हरियाणा) भेजा।
जानकारी के अनुसार सिसवां में एक दरगाह में मदरसा चलाया जा रहा था। इसकी शिकायत किसी ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग को कर दी। इसके बाद आयोग के चेयरपर्सन प्रियांक कानूनगो अपनी टीम और मुल्लांपुर पुलिस के साथ वहां पहुंचे और मदरसे को चला शख्स रहीम शाह से दस्तावेज मांगे, लेकिन वह दस्तावेज नहीं दिखा पाया। इस दौरान बच्चों से बातचीत में पता चला कि वे हरियाणा के नूंह स्कूल में पढ़ते हैं। इसके बाद चेयरपर्सन ने उन्हें वापस भिजवाने के इंतजाम करने के आदेश दिए। इसके बाद मदरसा चलाने वाले ने अगले दिन सभी बच्चों को नूंह भिजवा दिया।
नूंह के स्कूल में पढ़ते थे बच्चेप्रियांक कानूनगो ने बताया कि सभी बच्चे हरियाणा के नूंह से लाए गए थे। उन्हें स्कूल में पढ़ाई जाने वाली शिक्षा के बजाय धार्मिक शिक्षा दी जा रही थी। इस कारण वे सफल कॅरिअर से वंचित रह जाते और डॉक्टर, शिक्षक व इंजीनियर नहीं बन पाते।
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कोट
-बच्चों का दाखिला नूंह में हुआ था। टीम के आने के बाद उन्होंने चेकिंग कर कहा कि आप मदरसा चला सकते हैं, लेकिन आपके पास स्कूल की मंजूरी नहीं है, इसलिए बच्चों को वापस भेजने को कहा है। इस पर बच्चों को वापस भेज दिया गया है। -रहीम शाह, दरगाह के गद्दीनशीन
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संवाद न्यूज एजेंसीनयागांव। गांव सिसवां में जंगल के बीच बनी दरगाह में एक मदरसे में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के चेयरपर्सन प्रियांक कानूनगो ने दबिश दी। इस दौरान वहां पढ़ रहे 15 बच्चों को उनके घर नूंह (हरियाणा) भेजा।
जानकारी के अनुसार सिसवां में एक दरगाह में मदरसा चलाया जा रहा था। इसकी शिकायत किसी ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग को कर दी। इसके बाद आयोग के चेयरपर्सन प्रियांक कानूनगो अपनी टीम और मुल्लांपुर पुलिस के साथ वहां पहुंचे और मदरसे को चला शख्स रहीम शाह से दस्तावेज मांगे, लेकिन वह दस्तावेज नहीं दिखा पाया। इस दौरान बच्चों से बातचीत में पता चला कि वे हरियाणा के नूंह स्कूल में पढ़ते हैं। इसके बाद चेयरपर्सन ने उन्हें वापस भिजवाने के इंतजाम करने के आदेश दिए। इसके बाद मदरसा चलाने वाले ने अगले दिन सभी बच्चों को नूंह भिजवा दिया।
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नूंह के स्कूल में पढ़ते थे बच्चेप्रियांक कानूनगो ने बताया कि सभी बच्चे हरियाणा के नूंह से लाए गए थे। उन्हें स्कूल में पढ़ाई जाने वाली शिक्षा के बजाय धार्मिक शिक्षा दी जा रही थी। इस कारण वे सफल कॅरिअर से वंचित रह जाते और डॉक्टर, शिक्षक व इंजीनियर नहीं बन पाते।
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-बच्चों का दाखिला नूंह में हुआ था। टीम के आने के बाद उन्होंने चेकिंग कर कहा कि आप मदरसा चला सकते हैं, लेकिन आपके पास स्कूल की मंजूरी नहीं है, इसलिए बच्चों को वापस भेजने को कहा है। इस पर बच्चों को वापस भेज दिया गया है। -रहीम शाह, दरगाह के गद्दीनशीन