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गाजीपुर गोशाला में 200 गोवंश की मौत पर जांच के आदेश
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मोहाली। पटियाला जिले के गांव गाजीपुर की सरकारी गोशाला में हुई सैकड़ों गोवंश की मौत के हफ्तों बाद आखिर गोसेवा कमीशन की नींद टूट गई। कमीशन के चेयरमैन सचिन शर्मा ने गोवंश की मौत के कारणों का पता करने के लिए राजवंत राय शर्मा व राजू विलियम्स की दो सदस्यीय कमेटी गठित की है जो एक महीने में रिपोर्ट देगी।
गाजीपुर की सरकारी गोशाला में अक्तूबर-नवंबर में करीब 200 गोवंश की मौत हो गई थी, जिस पर स्थानीय निवासियों व ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया था। लोगों ने सड़कें जाम करके सरकार व प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन भी किए थे। शुरुआती तौर पर गोवंश की मौत का कारण भूख व बीमारी माना गया। गोशाला में बड़ी संख्या में गोवंश तो पहुंचाया गया, लेकिन उनके चारे व इलाज का प्रबंध नहीं किया गया था। इसके चलते गोवंश की मौत का सिलसिला शुरू हो गया। लोगों के विरोध और गुस्से को देखते हुए प्रशासन हरकत में तो आया, लेकिन इसके बावजूद अभी तक पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। गोशाला में स्टाफ, वेटरनरी डाक्टर्स का न होना और चारे की कमी अभी तक बनी हुई है। इस प्रकरण के बाद चारे के लिए कई समाजसेवी संस्थाएं आगे आईं। वहीं, पिछले सप्ताह ही गोशाला को 65 लाख रुपये की ग्रांट भी मिली है। अब जांच कमेटी व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए गाजीपुर की सरकारी गोशाला का दौरा करेगी।
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गाजीपुर की सरकारी गोशाला में अक्तूबर-नवंबर में करीब 200 गोवंश की मौत हो गई थी, जिस पर स्थानीय निवासियों व ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया था। लोगों ने सड़कें जाम करके सरकार व प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन भी किए थे। शुरुआती तौर पर गोवंश की मौत का कारण भूख व बीमारी माना गया। गोशाला में बड़ी संख्या में गोवंश तो पहुंचाया गया, लेकिन उनके चारे व इलाज का प्रबंध नहीं किया गया था। इसके चलते गोवंश की मौत का सिलसिला शुरू हो गया। लोगों के विरोध और गुस्से को देखते हुए प्रशासन हरकत में तो आया, लेकिन इसके बावजूद अभी तक पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। गोशाला में स्टाफ, वेटरनरी डाक्टर्स का न होना और चारे की कमी अभी तक बनी हुई है। इस प्रकरण के बाद चारे के लिए कई समाजसेवी संस्थाएं आगे आईं। वहीं, पिछले सप्ताह ही गोशाला को 65 लाख रुपये की ग्रांट भी मिली है। अब जांच कमेटी व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए गाजीपुर की सरकारी गोशाला का दौरा करेगी।
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