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Mohali News: बिजली संकट पर भड़के उद्योग, 50 फीसदी उत्पादन गिरा, सात दिन में हालात नहीं सुधरे तो पंजाब छोड़ने की दी चेतावनी

Tue, 08 Sep 2026 02:16 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 08 Sep 2026 02:16 AM IST
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Industries up in arms over power crisis; production drops by 50%; warning issued to leave Punjab if situation doesn't improve within seven days
25 दिन से रात में बिना सूचना के लग रहे कट, 8 से 10 घंटे तक बिजली गुल रहने पर एमआईए ने मोमबत्तियां जलाकर जताया रोष
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। पंजाब के मोहाली में औद्योगिक क्षेत्रों को 25 दिनों से गंभीर बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है। बिना सूचना के लग रहे बिजली कटों के कारण उद्योगों का उत्पादन करीब 50 फीसदी तक गिर गया है। मोहाली इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (एमआईए) ने सरकार और पावरकॉम को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो उद्योग बंद करने या पंजाब से बाहर कारोबार स्थानांतरित करने पर विचार किया जाएगा।

एमआईए ने सोमवार को एमआईए भवन में एक प्रेस वार्ता कर पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। एसोसिएशन के पदाधिकारियों और उद्यमियों ने मोमबत्तियां जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार की औद्योगिक नीति और बिजली व्यवस्था पर सवाल उठाए। उद्योगपतियों का कहना है कि सरकार नए उद्योग लगाने और निवेश लाने की बात करती है, लेकिन मौजूदा उद्योगों को ही निर्बाध बिजली उपलब्ध नहीं कराई जा रही। एमआईए के प्रधान अशोक गुप्ता और महासचिव राकेश विग ने कहा कि मोहाली जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में पिछले 25 दिनों से रात के समय बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली काटी जा रही है। कई जगह रोजाना 8 से 10 घंटे तक बिजली कटौती हो रही है। अचानक बिजली जाने से उत्पादन लाइनें ठप हो जाती हैं। इससे मशीनरी को नुकसान पहुंच रहा है और उद्योगों को भारी आर्थिक हानि हो रही है।
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उत्पादन पर गंभीर असर
मोहाली जिले में करीब 600 सूक्ष्म, लघु, मध्यम और बड़े उद्योग संचालित हैं। लगातार बिजली संकट के कारण इन उद्योगों का उत्पादन करीब 50 फीसदी तक गिर चुका है। उद्यमियों का कहना है कि बिजली की इस अव्यवस्था ने समय पर ऑर्डर पूरे करना मुश्किल कर दिया है। ग्राहक भी दूसरे राज्यों की कंपनियों की ओर रुख कर सकते हैं। यह स्थिति पंजाब के औद्योगिक विकास के लिए चिंताजनक है।
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सरकार के दावों पर सवाल

उद्योगपतियों ने सवाल उठाया कि जब बिजली जैसी बुनियादी सुविधा ही सुनिश्चित नहीं की जा सकती तो पंजाब में नया निवेश कौन करेगा। उनका कहना है कि पड़ोसी राज्य उद्योगों को आकर्षित करने के लिए सुविधाएं और रियायतें दे रहे हैं। वहीं, पंजाब में मौजूदा उद्योगों को बिजली कटौती के कारण कारोबार बचाना मुश्किल हो रहा है। एमआईए ने सरकार से इस गंभीर समस्या का तत्काल समाधान करने की मांग की है। यह स्थिति राज्य के औद्योगिक भविष्य के लिए शुभ संकेत नहीं है।




सात दिन का अल्टीमेटम

एमआईए के कार्यबल ने पावरकॉम को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है। एसोसिएशन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तय समय में बिना सूचना के बिजली कट बंद नहीं हुए। यदि उद्योगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति नहीं मिली तो एमआईए का कार्यबल अगला बड़ा फैसला लेगा। इसमें उद्योग बंद करने या राज्य से बाहर जाने का विकल्प शामिल हो सकता है। यह चेतावनी राज्य सरकार के लिए एक गंभीर चुनौती है।
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