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डेढ़ घंटे की बारिश ने खोली निगम की पोल, पूरे नयागांव में हुआ जलभराव, लोग होते रहे परेशान

Tue, 20 Jul 2021 02:36 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Tue, 20 Jul 2021 02:36 AM IST
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One and a half hours of rain opened the poll of the corporation, waterlogging occurred in the entire Nayagaon, people kept getting upset
नयागांव। सोमवार को हुई बारिश ने नगर परिषद के बरसात से निपटने के इंतजामों की पूरी पोल खोल दी। एक तरफ जहां पूूरे शहर में जलभराव हुआ, वहीं, नगर परिषद के अधिकारियों के दफ्तर में भी पानी भर गया और पूरा सामान पानी में तैरने लगा। इसके बाद काफी मशक्कत कर पानी निकालने का प्रयास किया। हालांकि लोगों का कहना है कि जब नगर परिषद खुद अपने दफ्तर में पानी भरने से नहीं रोक सकती तो शहर को कैसे बचाया जाएगा।
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सोमवार सुबह साढ़े 8 से 10 बजे तक मूसलाधार बारिश हुई। इससे जहां टंकी चौक, करोरां रोड, नाडा रोड, चर्च रोड, जनता मॉडल स्कूल चौक के साथ शहर के सभी मार्गों पर एक फुट पानी जमा हो गया ।
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सड़कों पर घुटनों तक पानी भरने से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी हुई। पानी निकासी के उचित प्रबंध नहीं होने के कारण पूरे शहर में जलभराव हुआ। दशमेश नगर निवासी महेंद्र शर्मा ने कहा कि नगर परिषद के कर्मचारी पूरा साल अपने दफ्तरों से बाहर नहीं निकलते। इस कारण पूरे शहर में ऐसी समस्या आती है। नाडा रोड पर दुकानदार राजू वर्मा ने कहा कि बारिश में इलाके का बुरा हाल हो जाता है। परिषद के कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। गोबिंद नगर निवासी प्रीतपाल शर्मा ने कहा कि जब परिषदके दफ्तर में पानी भरता है तो अधिकारी सरकारी टैंकर से दफ्तर की सफाई करवा लेते हैं। लेकिन इनकी गलती से जो लोगों के घरों में पानी भरता है तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
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बड़ी लापरवाही, शहर तो क्या खुद के दफ्तर में पानी निकासी के नहीं इंतजाम
नगर परिषद के अधिकारियों की लापरवाही जगजाहिर है। क्योंकि इनके खुद के दफ्तर में ही पानी की निकासी के इंतजाम नहीं हैं तो शहर में क्या इंतजाम करेंगे। आलम यह रहा कि दफ्तर में पानी भरने से नगर परिषद के कर्मचारियों को अपने जूते हाथों में उठाकर दफ्तर आना पड़ा। स्थानी निवासी तरुण शर्मा ने कहा कि पूरे शहर में बारिश के पानी की निकासी के नगर परिषद ने प्रबंध करने थे। लेकिन यहां पर बैठे अधिकारी जब अपना खुद के दफ्तर में पानी भरने से नहीं बचा पाए तो समझो पूरा शहर राम भरोसे ही है।
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