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अब गमाडा पैंतीस एकड़ृ में बसाएगा शहरी जंगल

Tue, 05 Apr 2022 01:36 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Tue, 05 Apr 2022 01:36 AM IST
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Now urban forest will be settled in 35 acres of land in GMADA Sector-97
मोहाली। शहर के लोगों को प्रकृति से जोड़ने और बढ़ते प्रदूषण से बचाव के लिए ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) ने नई पहल की है। गमाडा ने सेक्टर-97 में 35 एकड़ में जगह में अर्बन फारेस्ट यानी की शहरी जंगल बसाने का फैसला लिया है। यह करीब 18 महीने में बनकर तैयार होगा। इस काम को गमाडा निजी कंपनी के सहयोग से करेगा। प्रोजेक्ट पर 31.89 करोड़ रुपये की लागत आएगी। प्रोजेक्ट स्थापित करने वाली कंपनी ही इसका तीन साल तक देखरेख का जिम्मा भी उठाएगी। इसके बनने के बाद इलाके को एक पर्यटन स्थल भी मिल पाएगा। अगर सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सब कुछ सही रहा तो मई से इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा।
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शहरी एरिया में लगातार हो रहे विकास की वजह से प्रदूषण की दिक्कत बढ़ती जा रही है। ऐसे में अब अर्बन फारेस्ट की जरूरत महसूस की गई। यह जंगल ऑक्सीजन बनाने का काम करते हैं। दिल्ली और चंडीगढ़ जैसे महानगरों में इस प्रकार के जंगल बनाने के प्रयोग सफल रहने के बाद अब अन्य डेवलपमेंट एजेंसियां इस दिशा में जुटी हैं। गमाडा अधिकारियों की माने तो शहरी जंगल लेकर पूरी प्लानिंग तैयार की गई। जगह की निशानदेेही से लेकर अन्य काम पूरे कर लिए गए हैं। सरकार से इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल गई है। अब इस पर काम शुरू किया जाएगा। यहां पर सौ से अधिक विभिन्न प्रजातियों के हजारों पौधे लगाए जाएंगे। इतना ही नहीं कई लुप्त हो रहे पंजाब के विभिन्न एरिया के पौधे भी इसकी शान बढ़ाएंगे। इसके अलावा इसकी लोकेशन भी काफी खास रहेगी।
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वहीं, पर्यावरण मंत्रालय का मानना है कि यह जंगल प्राकृतिक आपदा से निपटने और पर्यावरण को बचाने में 30 गुनी ज्यादा क्षमता रखेगा। इसके रख रखाव पर पानी का इस्तेमाल से लेकर इसको विकसित करने में कम से कम खर्च आता है। अर्बन फारेस्ट का अपना एक ईको सिस्टम होता है जिसकी अपनी एक क्षमता होती है। पक्षियों, मधुमक्खियोें, गायब हो रही तितलियों और सूक्ष्म जीवों को भी नया जीवन देने की पहल है।
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झील और झरने भी रहेंगे जंगल में
शहरी जंगल को पूरी तरह असली वाले जंगल की तरफ से बसाया जाएगा। इसके अंदर झील, झरने, छोटे-छोटे पुल और बैठने के लिए आकर्षक बैंच लगेंगे। यह इस तरह स्थापित जाएंगे, ताकि पक्षी भी यहां पर आना पसंद करें। जब यह बनकर तैयार हो जाएगा तो ऐसा लगेगा कि मानो जंगल में घूम रहे हैं। इसके अलावा राशियों के हिसाब पौधे और उनका महत्व, औषधीय पौधे भी लगाए जाएंगे। इतना ही नहीं जब यह गार्डन बस जाएगा तो कई लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

नए सेक्टरों के लोगों को होगा फायदा
गमाडा की ओर से मोहाली शहरी एरिया का विकास सेक्टर-127 तक कर दिया गया है। लेकिन नए सेक्टरों में कोई बड़ा पार्क या दर्शनीय स्थल नही है। ऐसे में यह पूरे इलाके के लिए खास हो जाएगा। इससे पहले मोहाली में फेज-आठ में भारत पाक संबंधों का नेचर पार्क है। यह काफी बड़ा है। यहां पर अब सड़कों की राह में आ रहे 45 साल पुराने पेड़ नए सिरे से लगाए जा रहे हैं। इस पार्क में कई फिल्मों, नाटकों और शादियों की प्री वेडिंग शूटिंग होती है। ऐसे में जब नया एरिया बसेगा तो इसका लाभ लोगों को मिलेगा। इसके अलावा सिसवां डैम भी इस तरह का एरिया विकसित किया गया है।
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