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अब निगम डेयरी शेड बनाकर लीज पर पशु मालिकों को देगा जगह
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मोहाली। वीआईपी शहर को कैटल फ्री बनाने की दिशा में नगर निगम ने नई रणनीति बनाई है। अब सेक्टर-74-91 डपिंग प्वाइंट के पास 3.54 एकड़ साइट में डेयरी शेड बनाया जाएगा। जहां पशु पालकों को पशुओं की संख्या के हिसाब से जगह लीज पर दी जाएगी। साथ ही हर महीने शुल्क वसूले जाएंगे। यहां पर एक हजार से अधिक पशु रखने की व्यवस्था की जाएगी। इस संबंधी प्रस्ताव नगर निगम ने तैयार कर लिया है। इसे मंगलवार को होने वाली हाउस की बैठक में लाया जा रहा है। इससे इलाके के लोगों को फायदा मिलेगा।
जानकारी के मुताबिक, नगर निगम की तरफ से तैयार किए गए प्रस्ताव में बताया गया है कि निगम के अधीन आने वाले गांवों के लोगों ने काफी संख्या में पशु रखे हुए हैं। अक्सर लोगों द्वारा पशु शहर में छोड़ दिए जाते हैं। इससे जहां सड़क हादसे होते हैं। इससे शहर की सफाई, सुंदरता और ट्रैफिक भी प्रभावित होता है। इतना ही नहीं पशुओं की गंदगी से सीवरेज जाम हो जाता है। इससे ठीक करने में लाखों रुपये लग जाते हैं। नगर निगम द्वारा जब पशुओं को पकड़ा जाता है तो लड़ाई झगड़े होते हैं।
इस संबंधी पुलिस की शिकायत भी करवाई जाती है, लेकिन अब नगर निगम ने इस समस्या के स्थायी हल में जुट गया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि गमाडा की तरफ निगम को सेक्टर-74-91 के पास डंपिंग प्वाइंट के लिए 13.30 एकड़ जमीन अलॉट की गई थी। इसमें से 3.54 जगह को डेयरी शेड के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की गई है। निगम अधिकारियों के मुताबिक, निगम के पास शेड तैयार कर पशु मालिकों को दिए जाएंगे। इस दौरान पशुओं के लिए पीने का पानी का प्रबंध निगम करेगा, जबकि पशुुओं के चारे का प्रबंध निगम की तरफ से किया जाएगा।
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पशु मालिकों को लीज पर दी जाएगी जगह
नगर निगम के अधीन आते गांवों में पशुओं की संख्या का पता करने के लिए नगर निगम ने सर्वे करवाया जा रहा है। निगम की तरफ से पशुुओं की संख्या को ध्यान में रखकर पशु मालिकों को जगह लीज पर दी जाएगी। जगह उन्हीं पशु मालिकों को दी जाएगी, जिनके पास मौजूदा सर्वे में पशु होंगे। भविष्य में पशुधन की बढ़ोतरी के लिए जगह मुहैया नहीं करवाई जाएगी। सर्वे के बाद पशु खरीदने वाले को जगह नहीं दी जाएगी। शुरू में तीन साल के लिए जगह लीज पर दी जाएगी। इसके बाद एक-एक साल की बढ़ोतरी की जाएगी। लीज में बढ़ोतरी करते समय लीज मनी में बढ़ोतरी करने का अधिक निगम के पास रहेगा।
हर माह 500 रुपये वसूली जाएगी लीज
नगर निगम की तरफ से पशु मालिकों को पशुओं की संख्या के हिसाब से लीज पर जगह दी जाएगी। पशु मालिकों से प्रति महीना पांच सौ रुपये प्रति पशु लीज राशि वसूली जाएगी। एक साल से कम उम्र के पशुओं के लिए तीन सौ रुपये फीस निर्धारित की गई है। निगम की इससे दलील है कि इससे पशु शेड का सही प्रयोग होगा। इलाके के लोगों को फायदा होगा। साथ ही शहर भी सुंदर बनेगा।
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जानकारी के मुताबिक, नगर निगम की तरफ से तैयार किए गए प्रस्ताव में बताया गया है कि निगम के अधीन आने वाले गांवों के लोगों ने काफी संख्या में पशु रखे हुए हैं। अक्सर लोगों द्वारा पशु शहर में छोड़ दिए जाते हैं। इससे जहां सड़क हादसे होते हैं। इससे शहर की सफाई, सुंदरता और ट्रैफिक भी प्रभावित होता है। इतना ही नहीं पशुओं की गंदगी से सीवरेज जाम हो जाता है। इससे ठीक करने में लाखों रुपये लग जाते हैं। नगर निगम द्वारा जब पशुओं को पकड़ा जाता है तो लड़ाई झगड़े होते हैं।
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इस संबंधी पुलिस की शिकायत भी करवाई जाती है, लेकिन अब नगर निगम ने इस समस्या के स्थायी हल में जुट गया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि गमाडा की तरफ निगम को सेक्टर-74-91 के पास डंपिंग प्वाइंट के लिए 13.30 एकड़ जमीन अलॉट की गई थी। इसमें से 3.54 जगह को डेयरी शेड के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की गई है। निगम अधिकारियों के मुताबिक, निगम के पास शेड तैयार कर पशु मालिकों को दिए जाएंगे। इस दौरान पशुओं के लिए पीने का पानी का प्रबंध निगम करेगा, जबकि पशुुओं के चारे का प्रबंध निगम की तरफ से किया जाएगा।
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पशु मालिकों को लीज पर दी जाएगी जगह
नगर निगम के अधीन आते गांवों में पशुओं की संख्या का पता करने के लिए नगर निगम ने सर्वे करवाया जा रहा है। निगम की तरफ से पशुुओं की संख्या को ध्यान में रखकर पशु मालिकों को जगह लीज पर दी जाएगी। जगह उन्हीं पशु मालिकों को दी जाएगी, जिनके पास मौजूदा सर्वे में पशु होंगे। भविष्य में पशुधन की बढ़ोतरी के लिए जगह मुहैया नहीं करवाई जाएगी। सर्वे के बाद पशु खरीदने वाले को जगह नहीं दी जाएगी। शुरू में तीन साल के लिए जगह लीज पर दी जाएगी। इसके बाद एक-एक साल की बढ़ोतरी की जाएगी। लीज में बढ़ोतरी करते समय लीज मनी में बढ़ोतरी करने का अधिक निगम के पास रहेगा।
हर माह 500 रुपये वसूली जाएगी लीज
नगर निगम की तरफ से पशु मालिकों को पशुओं की संख्या के हिसाब से लीज पर जगह दी जाएगी। पशु मालिकों से प्रति महीना पांच सौ रुपये प्रति पशु लीज राशि वसूली जाएगी। एक साल से कम उम्र के पशुओं के लिए तीन सौ रुपये फीस निर्धारित की गई है। निगम की इससे दलील है कि इससे पशु शेड का सही प्रयोग होगा। इलाके के लोगों को फायदा होगा। साथ ही शहर भी सुंदर बनेगा।