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अब सात दिन में देना होगा नक्शे की फाइल पर फैसला
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जीरकपुर। दुकान, मकान एवं अन्य संपत्ति का नक्शा पास करवाने में अधिकारियों की मंजूरी के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब हर अधिकारी को आवेदनकर्ता की फाइल पर सहमति और असहमति प्रदान करने के लिए केवल एक हफ्ते का ही समय मिलेगा। यह जानकारी नगर परिषद के ईओ संदीप तिवाड़ी ने दी। उनका कहना है कि शहर में लोगों को नक्शे पास करवाने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसलिए कार्यप्रणाली में बदलाव किए गए हैं।
चार अधिकारियों से गुजरती है फाइल
शहरी क्षेत्र के अंतर्गत रहने वाले लोगों को घर, दुकान व अन्य संपत्ति पर निर्माण कार्य करने के लिए स्थानीय नगर परिषद से मंजूरी लेना अनिवार्य होता है। बिल्डिंग शाखा के नियमानुसार आवेदनकर्ता को संपत्ति के दस्तावेजों के साथ अस्थायी नक्शे वाली कॉपी की एक फाइल कार्यालय में ऑनलाइन पोर्टल पर जमा करवानी होती है। इस फाइल को संबंधित विभाग से जुड़े चार अधिकारियों के पास से गुजरना पड़ता है। फाइल का मूल्यांकन करने के बाद अधिकारी इस फाइल को मंजूर या नामंजूर करते हैं। फाइल को सभी अधिकारियों के पास घूमते हुए महीनों लग जाते हैं। इसके चलते समय बर्बाद होने के अलावा लोग अधिकारियों पर भ्रष्टाचार जैसे आरोप लगाना शुरू कर देते हैं।
2018 में शुरू हुआ था ऑनलाइन पोर्टल
पंजाब निकाय विभाग ने 2018 में लोगों की सहूलियत के लिए नक्शों की मंजूरी को लेकर एक ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया था। इसका उद्देश्य यह था कि लोग फाइल को कार्यालय में खुद जाकर जमा करवाने की बजाय पोर्टल के जरिये जमा करवाकर नक्शा पास करवा सकें। ऑनलाइन पोर्टल पर तकनीकी विभाग से संबंधित उन सभी अधिकारियों को जोड़ा हुआ है, जिनके ऊपर फाइल को पढ़ने के बाद इसमें पाई जाने वाली कमियों के बारे में सहमति व असहमति देने का दारोमदार होता है। आवेदनकर्ताओं द्वारा विभाग के आलाधिकारियों को ये शिकायतें दी जा रही थीं कि अधिकारी फाइल को सहमति व असहमति देने में कई-कई महीने का समय लगा देते हैं। इस कारण उन्हें परेशान होना पड़ता है।
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कोट्..
आनलाइन पोर्टल में ‘ऑटो जंप’ की सुविधा शुरू की गई है। इसमें अधिकारी को प्रतिक्रिया देने में केवल एक हफ्ते का समय मिलेगा। यदि इस दौरान अधिकारी द्वारा कोई प्रतिक्रिया नहीं दी जाती है तो फाइल अपने आप अगले अधिकारी को ट्रांसफर हो जाएगी। उसके ऊपर भी यही नियम लागू होंगे और इसके साथ ही फाइल 2 बार ‘ऑटो जंप’ होने पर संबंधित अधिकारी से जवाब तलब किया जाएगा। - संदीप तिवाड़ी, ईओ (अतिरिक्त कार्यभार), जीरकपुर नगर परिषद।
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चार अधिकारियों से गुजरती है फाइल
शहरी क्षेत्र के अंतर्गत रहने वाले लोगों को घर, दुकान व अन्य संपत्ति पर निर्माण कार्य करने के लिए स्थानीय नगर परिषद से मंजूरी लेना अनिवार्य होता है। बिल्डिंग शाखा के नियमानुसार आवेदनकर्ता को संपत्ति के दस्तावेजों के साथ अस्थायी नक्शे वाली कॉपी की एक फाइल कार्यालय में ऑनलाइन पोर्टल पर जमा करवानी होती है। इस फाइल को संबंधित विभाग से जुड़े चार अधिकारियों के पास से गुजरना पड़ता है। फाइल का मूल्यांकन करने के बाद अधिकारी इस फाइल को मंजूर या नामंजूर करते हैं। फाइल को सभी अधिकारियों के पास घूमते हुए महीनों लग जाते हैं। इसके चलते समय बर्बाद होने के अलावा लोग अधिकारियों पर भ्रष्टाचार जैसे आरोप लगाना शुरू कर देते हैं।
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2018 में शुरू हुआ था ऑनलाइन पोर्टल
पंजाब निकाय विभाग ने 2018 में लोगों की सहूलियत के लिए नक्शों की मंजूरी को लेकर एक ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया था। इसका उद्देश्य यह था कि लोग फाइल को कार्यालय में खुद जाकर जमा करवाने की बजाय पोर्टल के जरिये जमा करवाकर नक्शा पास करवा सकें। ऑनलाइन पोर्टल पर तकनीकी विभाग से संबंधित उन सभी अधिकारियों को जोड़ा हुआ है, जिनके ऊपर फाइल को पढ़ने के बाद इसमें पाई जाने वाली कमियों के बारे में सहमति व असहमति देने का दारोमदार होता है। आवेदनकर्ताओं द्वारा विभाग के आलाधिकारियों को ये शिकायतें दी जा रही थीं कि अधिकारी फाइल को सहमति व असहमति देने में कई-कई महीने का समय लगा देते हैं। इस कारण उन्हें परेशान होना पड़ता है।
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आनलाइन पोर्टल में ‘ऑटो जंप’ की सुविधा शुरू की गई है। इसमें अधिकारी को प्रतिक्रिया देने में केवल एक हफ्ते का समय मिलेगा। यदि इस दौरान अधिकारी द्वारा कोई प्रतिक्रिया नहीं दी जाती है तो फाइल अपने आप अगले अधिकारी को ट्रांसफर हो जाएगी। उसके ऊपर भी यही नियम लागू होंगे और इसके साथ ही फाइल 2 बार ‘ऑटो जंप’ होने पर संबंधित अधिकारी से जवाब तलब किया जाएगा। - संदीप तिवाड़ी, ईओ (अतिरिक्त कार्यभार), जीरकपुर नगर परिषद।