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अब आयुष्मान बोले, मोहाली को शोर मुक्त बनाएं युवा
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मोहाली। वीआईपी सिटी में चल रही पुलिस की शोर मुक्त मुहिम का समर्थन अब बॉलीवुड अभिनेता आयुष्मान खुराना ने किया है। इससे पहले पंजाबी हास्य कलाकार गुरप्रीत सिंह घुग्गी सहित कई हस्तियां इसका समर्थन कर चुकी हैं।
मोहाली के एसपी ट्रैफिक गुरजोत सिंह कलेर द्वारा शुुरू की गई मुहिम का समर्थन करते हुए अभिनेता आयुष्मान खुराना ने ट्वीटर पर अपना संदेश दिया है। जिसमें उन्होंने इस मुहीम का समर्थन करते हुए लोगों से अपील की है कि मोटर साइकिलों के संदेश में आयुष्मान ने कहा है कि ऐसा करने से ध्वनि प्रदूषण तो पैदा होता ही है, साथ ही बुजुर्गों, बच्चों व महिलाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मोहाली पुलिस की तारीफ करते हुए युवाओं से शोर मुक्त अभियान से जुड़ने का आह्वान किया है।
बताते चलें कि ध्वनि प्रदूषण को लेकर की गई कई रिसर्च में सामने आया है कि ध्वनि की तीव्रता जब 90 डीवी से अधिक हो जाती है तो लोगों की सुनने की क्षमता कम हो जाती है। इसके साथ ही ज्यादा शोर यानि ध्वनि प्रदूषण के कारण मनुष्यों में कई प्रकार के आचार व्यवहार संबंधी परिवर्तन हो जाते है। लंबी अवधि तक ध्वनि प्रदूषण के कारण लोगों में न्यूरोटिक मेंटल डिसार्डर हो जाता है। जबकि ज्यादा या अचानक शोर के कारण मनुष्य विभिन्न विकृतियों एवं बीमारियों से ग्रसित हो जाता है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए इस अभियान की शुरूआत की गई है।
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मोहाली के एसपी ट्रैफिक गुरजोत सिंह कलेर द्वारा शुुरू की गई मुहिम का समर्थन करते हुए अभिनेता आयुष्मान खुराना ने ट्वीटर पर अपना संदेश दिया है। जिसमें उन्होंने इस मुहीम का समर्थन करते हुए लोगों से अपील की है कि मोटर साइकिलों के संदेश में आयुष्मान ने कहा है कि ऐसा करने से ध्वनि प्रदूषण तो पैदा होता ही है, साथ ही बुजुर्गों, बच्चों व महिलाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मोहाली पुलिस की तारीफ करते हुए युवाओं से शोर मुक्त अभियान से जुड़ने का आह्वान किया है।
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बताते चलें कि ध्वनि प्रदूषण को लेकर की गई कई रिसर्च में सामने आया है कि ध्वनि की तीव्रता जब 90 डीवी से अधिक हो जाती है तो लोगों की सुनने की क्षमता कम हो जाती है। इसके साथ ही ज्यादा शोर यानि ध्वनि प्रदूषण के कारण मनुष्यों में कई प्रकार के आचार व्यवहार संबंधी परिवर्तन हो जाते है। लंबी अवधि तक ध्वनि प्रदूषण के कारण लोगों में न्यूरोटिक मेंटल डिसार्डर हो जाता है। जबकि ज्यादा या अचानक शोर के कारण मनुष्य विभिन्न विकृतियों एवं बीमारियों से ग्रसित हो जाता है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए इस अभियान की शुरूआत की गई है।
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