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Mohali News: अब एम्स की नर्सें सीखेंगी मरीजों की एडवांस देखभाल कैसे की जाए
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मोहाली। अब अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की ओर से प्रशिक्षित की गईं 19 नर्स सिविल अस्पताल और एम्स की नर्सों को एडवांस लाइफ सपोर्ट और बेसिक लाइफ सपोर्ट के लिए प्रशिक्षण देंगी। इसके बाद वे ट्रेंड करेंगी। इन 19 नर्सों को एम्स ने अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन द्वारा एडवांस लाइफ सपोर्ट और बेसिक लाइफ सपोर्ट सिस्टम के लिए ट्रेंड करवाया है।
डाॅ. बीआर आंबेडकर स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस मोहाली की डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. भवनीत भारती ने बताया कि मरीजों की देखरेख में जरा भी चूक होने पर स्थिति गंभीर हो जाती है। इसी वजह से इन 19 नर्सों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। अब यह सभी नर्सें करीब 120 नर्सों को प्रशिक्षण देंगी। इसका उद्देश्य है कि मरीजों की एडवांस केयर में कोई गड़बड़ी न होने पाए।
डॉ. भवनीत भारती ने बताया कि ट्रेनिंग के पहले फेज में इमरजेंसी और आईसीयू में काम करने वाली नर्सों को ट्रेनिंग दिलवाई गई है। इसकी वजह है कि इमरजेंसी और आईसीयू के पेंशेंट ज्यादा गंभीर होते हैं और उनकी केयर करना सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है। इन नर्सों के साथ कांट्रेक्ट है कि एक साल तक वह संस्थान को नहीं छोड़ेंगी।
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डॉ. भवनीत भारती ने कहा कि जरूरी यह है कि मरीज का इलाज इस प्रकार से किया जाए कि वह दिन प्रतिदिन इंप्रूव करे। इस ट्रेनिंग के दौरान नर्सों को बताया गया है कि ईसीजी में क्या समस्याएं आती हैं, हार्ट के रोगियोें की केयर कैसे करें और ज्यादा क्रिटिकल मरीजों के लिए कैसे काम करना है।
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डाॅ. बीआर आंबेडकर स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस मोहाली की डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. भवनीत भारती ने बताया कि मरीजों की देखरेख में जरा भी चूक होने पर स्थिति गंभीर हो जाती है। इसी वजह से इन 19 नर्सों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। अब यह सभी नर्सें करीब 120 नर्सों को प्रशिक्षण देंगी। इसका उद्देश्य है कि मरीजों की एडवांस केयर में कोई गड़बड़ी न होने पाए।
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डॉ. भवनीत भारती ने बताया कि ट्रेनिंग के पहले फेज में इमरजेंसी और आईसीयू में काम करने वाली नर्सों को ट्रेनिंग दिलवाई गई है। इसकी वजह है कि इमरजेंसी और आईसीयू के पेंशेंट ज्यादा गंभीर होते हैं और उनकी केयर करना सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है। इन नर्सों के साथ कांट्रेक्ट है कि एक साल तक वह संस्थान को नहीं छोड़ेंगी।
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डॉ. भवनीत भारती ने कहा कि जरूरी यह है कि मरीज का इलाज इस प्रकार से किया जाए कि वह दिन प्रतिदिन इंप्रूव करे। इस ट्रेनिंग के दौरान नर्सों को बताया गया है कि ईसीजी में क्या समस्याएं आती हैं, हार्ट के रोगियोें की केयर कैसे करें और ज्यादा क्रिटिकल मरीजों के लिए कैसे काम करना है।