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पार्टी नहीं, किरदार मुहिम से आजाद ग्रुप ने विरोधियों पर बोला जवाबी हमला
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मोहाली। सभी राजनीतिक दलों की ओर से पूर्व मेयर कुलवंत सिंह की ओर से बनाए गए आजाद ग्रुप को निशाना बनाया जा रहा था। रोजाना उन पर कई पार्टियों की ओर से जुबानी तीर छोड़े जा रहे थे। इसी बीच कुलवंत सिंह ने खामोश रहकर सभी दलों पर अब जवाबी हमला बोला है। उन्होंने प्रचार के लिए एक खास पोस्टर तैयार किया है। इसमें उन्होंने पंच लाइन दी... पार्टी नहीं किरदार। इस बारे में आजाद ग्रुप के नेताओं का कहना है कि उनका काम लोगों ने पहले ही देखा है। वहीं, आजाद ग्रुप के सभी नेेताओं का किरदार साफ सुथरा है। ऐसे में यह पंच लाइन बिल्कुल उनकी ताकत नजर आती है। इससे नजर आता है कि लोग इस बार चुनाव में उनकी नीतियों को समझेंगे।
जानकारी के मुताबिक जब से अकाली दल से बगावत कर नेताओं ने आजाद ग्रुप बनाया है। उसी दिन से कांग्रेस और अकाली दल के नेता आजाद ग्रुप पर हमला बोल रहे थे। इस मामले में कांग्रेस के नेेता और सेहत मंत्री पंजाब बलबीर सिंह सिद्घू ने कहा था कि कुलवंत सिंह तो सुखबीर सिंह बादल की असली टीम है। वहीं पार्टी के निशान पर चुनाव लड़ने से नेता डर रहे थे। ऐसे में उन्होंने यह तरीका अपनाया था। जबकि अकाली दल की ओर से आजाद ग्रुप को अवसरवादी कहा जा रहा था। उन्होंने कहा कि कुलवंत सिंह अपने फायदे के हिसाब से पार्टी चुन लेते हैं। लेकिन लोग इस बार उन्हें मुंह नहीं लगाएंगे।
इसी तरह पीडीपी पार्टी के प्रधान गुरकिरपाल सिंह ने भी कुलवंत सिंह पर हमला बोला था। उनका कहना था कि कुलवंत सिंह अपना मंतव्य (स्टैंड) साफ करें कि वह अकाली दल में हैं या कांग्रेस में। उन्होंने कुलवंत सिंह को तीन दिन में अपना मंतव्य साफ करने का समय दिया था और साथ ही कहा था कि अगर तीन दिन में अपना मंतव्य साफ नहीं करेंगे तो उनके खिलाफ रोष प्रदर्शन किया जाएगा। इसी बीच आजाद ग्रुप ने अपने प्रचार की नई पंच लाइन होर्डिंग पर लगाकर एक नई चर्चा छेड़ दी है। इस बारे में आजाद ग्रुप के नेेता परविंदर सिंह सोहाना ने बताया कि उनके दल के काम लोग देख चुके हैं। इलाके के लोग पढ़े लिखे हैं और ऐेसे में उन्हें मालूम है कि शहर में विकास कार्य उनके बीच रहने वाले लोगों ने ही करवाने हैं। जबकि बड़ी पार्टियों के दावे हवा में ही रह जाएंगे।
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जानकारी के मुताबिक जब से अकाली दल से बगावत कर नेताओं ने आजाद ग्रुप बनाया है। उसी दिन से कांग्रेस और अकाली दल के नेता आजाद ग्रुप पर हमला बोल रहे थे। इस मामले में कांग्रेस के नेेता और सेहत मंत्री पंजाब बलबीर सिंह सिद्घू ने कहा था कि कुलवंत सिंह तो सुखबीर सिंह बादल की असली टीम है। वहीं पार्टी के निशान पर चुनाव लड़ने से नेता डर रहे थे। ऐसे में उन्होंने यह तरीका अपनाया था। जबकि अकाली दल की ओर से आजाद ग्रुप को अवसरवादी कहा जा रहा था। उन्होंने कहा कि कुलवंत सिंह अपने फायदे के हिसाब से पार्टी चुन लेते हैं। लेकिन लोग इस बार उन्हें मुंह नहीं लगाएंगे।
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इसी तरह पीडीपी पार्टी के प्रधान गुरकिरपाल सिंह ने भी कुलवंत सिंह पर हमला बोला था। उनका कहना था कि कुलवंत सिंह अपना मंतव्य (स्टैंड) साफ करें कि वह अकाली दल में हैं या कांग्रेस में। उन्होंने कुलवंत सिंह को तीन दिन में अपना मंतव्य साफ करने का समय दिया था और साथ ही कहा था कि अगर तीन दिन में अपना मंतव्य साफ नहीं करेंगे तो उनके खिलाफ रोष प्रदर्शन किया जाएगा। इसी बीच आजाद ग्रुप ने अपने प्रचार की नई पंच लाइन होर्डिंग पर लगाकर एक नई चर्चा छेड़ दी है। इस बारे में आजाद ग्रुप के नेेता परविंदर सिंह सोहाना ने बताया कि उनके दल के काम लोग देख चुके हैं। इलाके के लोग पढ़े लिखे हैं और ऐेसे में उन्हें मालूम है कि शहर में विकास कार्य उनके बीच रहने वाले लोगों ने ही करवाने हैं। जबकि बड़ी पार्टियों के दावे हवा में ही रह जाएंगे।
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