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प्रशासन की लापरवाही: कोरोना पॉजिटिव मरीज की मौत के बाद परिजनों ने ही कर दिया दाह संस्कार

Wed, 16 Sep 2020 02:18 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Wed, 16 Sep 2020 02:18 AM IST
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Negligence of administration: The family cremated only after the death of Corona positive patient
डेराबस्सी। जिला मोहाली में कोरोना से हुई मौत के बाद शव का दाह संस्कार करने का पहली बार एक अलग तरह का मामला सामने आया है। डेराबस्सी प्रशासन की ओर से एक कोरोना पीड़ित बुजुर्ग की मौत के बाद उसके दाह संस्कार के नियमों में लापरवाही की गई है। इस लापरवाही की वजह से कई लोगों की जान को खतरा हो सकता है।
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इसके बावजूद डेराबस्सी प्रशासन के उच्चाधिकारियों की ओर से लापरवाही करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
मिली जानकारी के मुताबिक, डेराबस्सी मेन बाजार में रहने वाले 73 वर्षीय कुलदीप सिंह बुखार-खांसी की शिकायत होने पर डेराबस्सी के सिविल अस्पताल में इलाज के लिए दाखिल हुए थे। इस दौरान उनके कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल भी भेजे गए। लेकिन रिपोर्ट आने से पहले ही उनकी मौत हो गई। इसके बाद रिपोर्ट आने पर पता चला कि वह कोरोना पॉजिटिव थे।
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कोरोना से हुई मौत के बाद शव का दाह संस्कार करवाने के लिए प्रशासन ने नगर काउंसिल को जिम्मा दिया हुआ है। जिसमें नगर काउंसिल ने पांच लोगों की टीम बना रखी है जो कोरोना से हुई मौत के बाद शव का दाह संस्कार अपनी देखरेख में करवाती है।
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लेकिन मृतक कुलदीप सिंह के शव का दाह संस्कार मंगलवार को उसी के रिश्तेदारों ने खुद ही कर दिया। जिससे इस मामले में प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। श्मशानघाट में मौजूद लोगों ने बताया कि अस्पताल स्टाफ ने सिर्फ एंबुलेंस में रखकर शव को शमशानघाट तक पहुंचाया, जबकि लाश को एंबुलेंस से उतारने से लेकर संस्कार करने तक की पूरी कार्रवाई मृतक के रिश्तेदारों ने ही की। जबकि एंबुलेंस में लाश लेकर आए चालक से बात की तो उसने बताया कि उसकी ड्यूटी लाश को शमशानघाट तक पहुंचाने की है, और यह मामला बढ़ता देख वह एंबुलेंस लेकर मौके से फरार हो गया।
वहीं, दूसरी ओर, बिना सेफ्टी किट पहने मौके पर मौजूद सुपरवाइजर ने बताया कि संस्कार करवाने की जिम्मेदारी उनकी टीम की है, परन्तु बिना सेफ्टी किट वह कुछ नहीं कर सकते। वहीं, मौके पर मौजूद मृतक के परिजनों ने अपनी जान को खतरे में डालकर बिना सेफ्टी किट, बिना दस्तानों के ही कोरोना पॉजिटिव मरीज के दाह संस्कार की तैयारी सरकारी अफसरों के सामने ही की।
वहीं, मृतक कुलदीप के परिजनों ने आरोप लगाते हुए बताया कि शव देते समय अस्पताल स्टाफ ने उन्हें कहा कि उनके पास स्टाफ की कमी है। इस कारण वह 5 सदस्यों को पीपीई किट दे रहे हैं, ताकि वे खुद संस्कार कर सकें।
कोट्स :::
कोरोना पॉजिटिव मरीज का शव शमशान घाट तक पहुंचाने का जिम्मा उनके पास है, परन्तु आगे की कार्रवाई का जिम्मा स्थानीय नगर काउंसिल के पास है। इस संबंधी आप नगर काउंसिल अधिकारियों से बात कर सकते हैं।

-संगीता जैन, एसएमओ, डेराबस्सी सिविल अस्पताल।
मृतक का दाह संस्कार करने के लिए उन्होंने पांच मुलाजिमोें को मौके पर भेजा था। जिनमें से चार मुलाजिम चाय आदि पीने चले गए। इसी बीच, पारिवारिक सदस्यों ने खुद ही दाह संस्कार कर दिया।
-ऋषभ गर्ग, कोविड-19 टीम के सदस्य, डेराबस्सी
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