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वीआईपी जिले में लावारिस पशुओं के बाद बंदर बने मुसीबत

Mon, 15 Nov 2021 01:57 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Mon, 15 Nov 2021 01:57 AM IST
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Monkey became trouble after unclaimed animals in VIP district
मोहाली। वीआईपी शहर में लावारिस पशुओं के बाद अब बंदरों ने आतंक मचा दिया है। बंदर पुराने और नए सेक्टरों दोनों में ही लोगों को परेशानी का कारण बन रहे हैं। बंदर जहां लोगों के घरों में नुकसान पहुंचा रहे हैं। वहीं, लोगों को पार्कों में सैर आदि करने में भी दिक्कत बन रहे हैं। हालांकि इस दिशा में अभी तक नगर निगम की तरफ से कोई भी कदम नहीं उठाया जा रहा है। इस मामले को कई बार इलाके की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्यूए) उठा चुकी है। लोगों का कहना है कि यह समस्या अभी शुरूआती स्टेज पर है। यदि इस पर अभी काबू पा लिया गया तो इसे दूर किया जा सकता है। वरना बाद में लोगों की मुश्किलें ज्यादा बढ़ जाएंगी।
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जानकारी के मुुताबिक बंदरों का आतंक सबसे ज्यादा चंडीगढ के साथ लगते एरिया में देखने को मिल रहा है। इनमें फेज-एक, चार, फेज-3बी1 और 3बी1, फेज-नौ, दस, 11 सेक्टर-67 और 68 का एरिया शामिल हैं। बंदर यहां पार्कों में सैर करने करने वालों के लिए दिक्कत बन रहे हैं। जबकि लोगों के घरों में रखे सामान को तो नुकसान पहुंचाते हैं। साथ ही घरों के बाहर सूखने डाले कपड़ों तक को फाड़ देते हैं।
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इस चीज ने लोगों की चिंता काफी बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि एक दो नहीं बल्कि बंदरों की सेना आती है। इसके बाद यह बाद नुकसान करती है। फेज-दो निवासी जगदीप कौर ने बताया कि लॉकडाउन के बाद से बंदरों की दिक्कत काफी बढ़ गई है। दिन में एक तो बार तो उनके एरिया में बंदर आ ही जाते हैं।
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इसी तरह फेज-दो निवासी समाज सेवी अतुल शर्मा का कहना है कि बंदरों की समस्या पर अभी अंकुश लगाने की जरूरत है। वरना लावारिस पशुओं की तरह हालात खराब होते जा रहे हैं। फेज-11 निवासी अखिल चौधरी ने बताया कि बंदरों की समस्या बहुत ज्यादा है। कभी कभी तो सैर करते समय बंदर उन्हें ट्रैक पर मिल जाते हैं। बच्चों को पार्कों में ले जाना मुश्किल हो गया है। जबकि इस चीज को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
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